मूल अवधारणाएँ

कुंडली पढ़ना, दशा, अष्टकवर्ग, षड्बल, अवकहड़ा, पाया और मिलान।

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अष्टकवर्ग क्या है और इसके अंक कैसे पढ़ें?

अष्टकवर्ग एक गिनती की पद्धति है: सात ग्रहों की अपनी-अपनी तालिका (भिन्नाष्टकवर्ग) हर राशि को 0 से 8 तक बिंदु देती है, और सबका जोड़ सर्वाष्टकव...

कुंडली मिलान कैसे होता है?

उत्तर भारत में कुंडली मिलान अष्टकूट से होता है: आठ कूट, कुल 36 गुण। ePandit पहले नाड़ी, भकूट, गण और मंगल के दोष और उनके परिहार देखता है, फिर...

अवकहड़ा चक्र क्या है?

अवकहड़ा चक्र जन्म-कुंडली के साथ छपने वाली एक छोटी तालिका है, जो चंद्रमा की राशि और नक्षत्र से बनती है: नामाक्षर, वर्ण, वश्य, योनि, गण, नाड़ी...

भकूट दोष क्या है, और इसके परिहार क्या हैं?

भकूट अष्टकूट मिलान का 7 अंक वाला कूट है, जो दोनों चंद्र राशियों की दूरी से निकलता है। 2-12, 5-9 या 6-8 पर इसे भकूट दोष कहते हैं। मुहूर्त-चिं...

बुधादित्य योग क्या है?

बुधादित्य योग तब माना जाता है जब सूर्य और बुध एक ही राशि में हों। यह बहुत आम स्थिति है; रमन इसमें शर्त जोड़ते हैं कि बुध सूर्य से 10° के भीत...

भाव-चलित (चलित कुंडली) क्या है?

भाव-चलित कुंडली भावों को राशि की सीमा से नहीं, लग्न और दशम के असली अंशों से बाँटती है। इससे पता चलता है कि कोई ग्रह, जो राशि-कुंडली में एक भ...

चंद्र-मंगल योग क्या है?

चंद्र-मंगल योग तब माना जाता है जब चंद्रमा और मंगल एक ही राशि में हों; रमन इसमें दोनों की आपसी दृष्टि भी जोड़ते हैं। वे इसे आर्थिक स्थिरता के...

धन योग क्या है?

धन योग वे संयोग हैं जिन्हें परंपरा कमाई और संसाधनों से जोड़ती है। ePandit मुख्य रूप से देखता है कि 2 और 11 के स्वामी, 5 और 9 के स्वामियों से...

गजकेसरी योग क्या है?

गजकेसरी योग तब बनता है जब गुरु (बृहस्पति) चंद्रमा से केंद्र (1, 4, 7 या 10वें भाव) में हो। यह बहुत प्रसिद्ध योग है और काफ़ी कुंडलियों में मिलता है; इसक...

गंडमूल और गंडांत में क्या अंतर है?

गंडमूल छह नक्षत्रों (अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल, रेवती) में जन्म को कहते हैं। गंडांत इससे कहीं छोटा है: केवल तीन नक्षत्र-संधियों क...

काल सर्प दोष क्या है, और ग्रंथ इसके बारे में क्या कहते हैं?

'काल सर्प' उस पैटर्न का प्रचलित नाम है जिसमें सातों ग्रह राहु और केतु के बीच एक ही ओर हों। BPHS इसका नाम नहीं लेता; यह बाद का वर्गीकरण है। e...

केमद्रुम योग क्या है?

केमद्रुम योग तब गिना जाता है जब चंद्रमा के दोनों ओर (दूसरे और बारहवें भाव में) सूर्य को छोड़कर कोई ग्रह न हो। ग्रंथ इसके साथ कई परिहार भी बत...

जन्म कुंडली (D1) क्या है?

जन्म कुंडली, जिसे राशि कुंडली या D1 भी कहते हैं, जन्म के क्षण के आकाश का नक्शा है: बारह भाव, बारह राशियाँ और नौ ग्रह। बाकी हर गणना, जैसे दशा...

मंगल-विचार (मंगल दोष) क्या है?

मंगल दोष (कुज दोष) वह स्थिति है जब मंगल लग्न, चंद्र या शुक्र से 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो, और कोई परिहार लागू न हो। यह केवल विवाह-मिलान...

नाड़ी दोष क्या है, और इसके परिहार क्या हैं?

नाड़ी अष्टकूट मिलान का सबसे ज़्यादा अंक (8) वाला कूट है। वर और कन्या के जन्म-नक्षत्र एक ही नाड़ी में हों, तो इसे नाड़ी दोष कहते हैं। मुहूर्त...

नीचभंग राज योग क्या है?

जब कोई ग्रह अपनी नीच राशि में हो पर कुछ तय शर्तें पूरी हों, तो उसकी नीचता का भंग (परिहार) माना जाता है। फलदीपिका ऐसे संयोगों को नीचभंग राज य...

पंचमहापुरुष योग क्या हैं?

जब मंगल, बुध, गुरु, शुक्र या शनि अपनी या उच्च राशि में होकर लग्न से केंद्र में हों, तो क्रम से रुचक, भद्र, हंस, मालव्य और शश योग बनते हैं। इ...

परिवर्तन योग क्या है?

जब दो भावों के स्वामी एक-दूसरे की राशि में बैठें, तो उसे परिवर्तन (राशि-अदला-बदली) योग कहते हैं। फलदीपिका ऐसे 66 जोड़ों को तीन समूहों में बा...

शिशु का पाया क्या है और कैसे निकलता है?

पाया जन्मपत्री में लिखी जाने वाली एक लोक-परंपरा है: सोना, चाँदी, ताँबा या लोहा। इसे निकालने की दो विधियाँ प्रचलित हैं, जो अक्सर अलग उत्तर दे...

पितृ दोष क्या है, और ग्रंथ क्या कहते हैं?

परंपरा 9वें भाव और सूर्य को पिता, बड़ों और पूर्वजों से जोड़ती है, और पितृ-पक्ष का श्राद्ध उन्हें याद करने की जीवित परंपरा है। 'पितृ दोष' नाम...

राज योग क्या है?

BPHS के अनुसार जब किसी केंद्र (1, 4, 7, 10) का स्वामी और किसी त्रिकोण (1, 5, 9) का स्वामी आपस में जुड़ते हैं, तो राज योग बनता है। यह ज़िम्मे...

साढ़ेसाती क्या है, और ग्रंथ इसे कैसे देखते हैं?

साढ़ेसाती शनि के उस गोचर का प्रचलित नाम है जब वह आपकी चंद्र राशि से 12वीं, पहली और दूसरी राशि से गुज़रता है, लगभग साढ़े सात वर्ष। ग्रंथ इसे...

षड्बल क्या है और इसके अंक कैसे पढ़ें?

षड्बल ग्रह के बल का एक गणित-आधारित माप है, जो छह हिस्सों को जोड़कर बनता है। ePandit इसे बी. वी. रमन की पुस्तक Graha and Bhava Balas की विधि...

विंशोत्तरी दशा क्या है और कैसे निकलती है?

विंशोत्तरी दशा 120 वर्ष का एक समय-चक्र है जिसमें नौ ग्रह बारी-बारी से अपनी महादशा चलाते हैं। जन्म-नक्षत्र का स्वामी पहली दशा देता है, और चंद...

विपरीत राज योग क्या है?

जब 6, 8 या 12वें भाव का स्वामी इन्हीं तीन में से किसी भाव में हो, तो हर्ष, सरल या विमल योग बनता है। इन्हें मिलाकर विपरीत राज योग कहते हैं। प...

कुंडली में योग क्या होते हैं?

योग ग्रहों का कोई ख़ास मेल है, जिसका नियम ग्रंथों में लिखा है, जैसे गजकेसरी या पंचमहापुरुष योग। कोई योग अकेले जीवन का फैसला नहीं करता; ePand...