चौघड़िया, होरा, राहु काल, अभिजित: दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है, हर भाग का एक नाम: अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल और रोग। साथ में होरा, राहु काल, गुलिक, यमगंड और अभिजित मुहूर्त। यहाँ किसी भी शहर और तारीख के लिए ये सब समय, सूर्योदय और सूर्यास्त से गिने हुए मिलते हैं।

स्रोत: स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना

दिल्ली · 15 अक्टूबर 2026 · गुरुवार

सूर्योदय 06:21 · सूर्यास्त 17:51

दिन के चौघड़िया

शुभ06:21–07:48
रोग07:48–09:14
उद्वेग09:14–10:40
चर10:40–12:06
लाभ12:06–13:33
अमृत13:33–14:59
काल14:59–16:25
शुभ16:25–17:51

रात के चौघड़िया

अमृत17:51–19:25
चर19:25–20:59
रोग20:59–22:33
काल22:33–00:07
लाभ00:07–01:40
उद्वेग01:40–03:14
शुभ03:14–04:48
अमृत04:48–06:22

सुनहरा = परंपरा में शुभ माने गए चौघड़िया (अमृत, शुभ, लाभ)। चौघड़िया लोक-परंपरा है।

ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

दिन की होरा

गुरु (बृहस्पति)06:21–07:19
मंगल07:19–08:16
सूर्य08:16–09:14
शुक्र09:14–10:11
बुध10:11–11:09
चंद्र11:09–12:06
शनि12:06–13:04
गुरु13:04–14:01
मंगल14:01–14:59
सूर्य14:59–15:56
शुक्र15:56–16:54
बुध16:54–17:51

रात की होरा

चंद्र17:51–18:54
शनि18:54–19:56
गुरु19:56–20:59
मंगल20:59–22:01
सूर्य22:01–23:04
शुक्र23:04–00:07
बुध00:07–01:09
चंद्र01:09–02:12
शनि02:12–03:14
गुरु03:14–04:17
मंगल04:17–05:19
सूर्य05:19–06:22
राहु काल
13:33–14:59
गुलिक काल
09:14–10:40
यमगंड
06:21–07:48
अभिजित मुहूर्त
11:43–12:29
चंद्रोदय
10:40
चंद्रास्त
20:49

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

समय लगभग हैं; पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

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