आपकी अपनी कुंडली से, सरल भाषा में
आज मन में क्या है?
एक विषय चुनिए। आपकी कुंडली उस पर क्या कहती है, एक वाक्य में, साथ में उसका आधार।
उदाहरण · अब अपनी जन्म तारीख डालकर अपना वाक्य पढ़िए
उदाहरण व्यक्ति: राधिका, जयपुर, राजस्थान
परंपरा मानती है कि शुक्र की महादशा में कला, सुंदरता और सुख-सुविधा से जुड़े कामों की ओर मन जाता है। काम में सहयोग, मीठा व्यवहार और रचनात्मकता इस दौर का स्वभाव मानी जाती है।
प्रमाण देखें ▾
यह वाक्य किस आधार पर है
- ग्रह
- शुक्र · मीन 12°01′44″
- भाव
- 3
- चल रही दशा
- शुक्र महादशा (14 मई 2012–14 मई 2032) · शनि अंतर्दशा 14 मई 2028 तक
- आधार
- मुख्य भाव 10वाँ: उसका स्वामी, उसमें बैठे ग्रह और उसके सर्वाष्टकवर्ग बिंदु
उदाहरण · अब अपनी जन्म तारीख डालकर अपना वाक्य पढ़िए
उदाहरण व्यक्ति: राधिका, जयपुर, राजस्थान
परंपरा मानती है कि शुक्र की महादशा में रिश्तों, प्रेम और सुंदरता की ओर मन जाता है। साथ बिताया समय और छोटी-छोटी खुशियाँ इस दौर में रिश्तों को सँवारती मानी जाती हैं।
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यह वाक्य किस आधार पर है
- ग्रह
- शुक्र · मीन 12°01′44″
- भाव
- 3
- चल रही दशा
- शुक्र महादशा (14 मई 2012–14 मई 2032) · शनि अंतर्दशा 14 मई 2028 तक
- आधार
- मुख्य भाव 7वाँ: उसका स्वामी, उसमें बैठे ग्रह और उसके सर्वाष्टकवर्ग बिंदु
उदाहरण · अब अपनी जन्म तारीख डालकर अपना वाक्य पढ़िए
उदाहरण व्यक्ति: राधिका, जयपुर, राजस्थान
परंपरा शुक्र की महादशा को सुकून और सुंदरता से जुड़ा समय मानती है। संगीत, कला, साफ़-सुथरा घर और अपनों के साथ समय इस दौर में मन को हल्का करता माना जाता है। आपकी महादशा के स्वामी के साथ शनि, मंगल, राहु या केतु में से कोई ग्रह है; परंपरा यहाँ संयम, अनुशासन और अपनों की मदद लेने की सलाह देती है।
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यह वाक्य किस आधार पर है
- ग्रह
- शुक्र · मीन 12°01′44″
- भाव
- 3
- चल रही दशा
- शुक्र महादशा (14 मई 2012–14 मई 2032) · शनि अंतर्दशा 14 मई 2028 तक
- आधार
- कोई एक भाव नहीं: महादशा-स्वामी की स्थिति (केंद्र/त्रिकोण या 6/8/12), उसके साथ बैठे ग्रह, और जिस भाव में वह है उसके सर्वाष्टकवर्ग बिंदु
उदाहरण · अब अपनी जन्म तारीख डालकर अपना वाक्य पढ़िए
उदाहरण व्यक्ति: राधिका, जयपुर, राजस्थान
परंपरा शुक्र की महादशा को घर की सुंदरता और सुख-सुविधा से जुड़ा समय मानती है। आगे के समय में घर सजाना, साथ में त्योहार मनाना और छोटी खुशियाँ बाँटना इसका स्वभाव माना जाता है।
प्रमाण देखें ▾
यह वाक्य किस आधार पर है
- ग्रह
- शुक्र · मीन 12°01′44″
- भाव
- 3
- चल रही दशा
- शुक्र महादशा (14 मई 2012–14 मई 2032) · शनि अंतर्दशा 14 मई 2028 तक
- आधार
- मुख्य भाव 4था: उसका स्वामी, उसमें बैठे ग्रह और उसके सर्वाष्टकवर्ग बिंदु
अब जन्म विवरण डालिए
एक कुंडली ऐसी दिखती है
| 1 | मकर | बु |
| 2 | कुंभ | सू मं श |
| 3 | मीन | शु के |
| 4 | मेष | |
| 5 | वृषभ | |
| 6 | मिथुन | |
| 7 | कर्क | |
| 8 | सिंह | |
| 9 | कन्या | रा |
| 10 | तुला | |
| 11 | वृश्चिक | चं |
| 12 | धनु | गु |
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सीखिए, अपनी गति से
27 नक्षत्र, 12 राशियाँ, 9 ग्रह, 12 भाव, 16 वर्ग कुंडलियाँ, दशा और बहुत कुछ: हर पन्ने का आधार लिखा हुआ।
हमारा तरीका
1 · गणना
आपकी कुंडली स्विस एफ़ेमेरिस से, लाहिड़ी अयनांश के साथ, हर बार नए सिरे से गिनी जाती है।
2 · आधार
हर वाक्य के साथ उसका कारण: कौन-सा ग्रह, कौन-सा भाव, कौन-सी दशा, और किस ग्रंथ या परंपरा से।
3 · मार्गदर्शन
सरल, शांत भाषा में सुझाव। उपाय ₹0 वाले पहले, हर उपाय पर उसका स्रोत, और चुनाव आपका।
ePandit के AI ज्योतिषी अब तक 1.6 लाख+ सवालों के जवाब दे चुके हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कुंडली सच में मुफ़्त है?
जन्म का समय नहीं पता तो?
कौन-सा अयनांश और पद्धति?
मेरा विवरण कहाँ रहता है?
वार्षिक भविष्यफल में क्या मिलता है?
क्या उपाय ज़रूरी हैं?
आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतोऽदब्धासो अपरीतास उद्भिदः ।
हर दिशा से हमारे पास अच्छे और शुभ विचार आएँ, जो कभी रुकें नहीं और नए रास्ते खोलें।
— ऋग्वेद 1.89.1