नक्षत्र / अवकहड़ा उदाहरण कुंडली
- वर्ण
- ब्राह्मण
- वश्य
- कीट
- योनि
- मृग
- गण
- राक्षस
- नाड़ी
- आदि
- तत्व
- जल
- नामाक्षर
- या
- राशि-अक्षर
- तो ना नी नू ने नो या यी यू
- नक्षत्र देवता
- इंद्र
(वर्ण यहाँ नक्षत्र का पारंपरिक वर्गीकरण है, जाति नहीं।)
पाया: दो परंपरागत विधियाँ
नक्षत्र से: ताम्र
चंद्र भाव से: स्वर्ण
पाया (पाद) निकालने के दो लोक-तरीके हैं, एक जन्म-नक्षत्र से और दूसरा लग्न से चंद्र के भाव से, और दोनों के उत्तर अलग हो सकते हैं। इनमें से कोई भी तरीका शास्त्रीय ग्रंथों में नहीं मिलता, और कोई संस्कार या पूजा इस पर निर्भर नहीं है। इसे केवल एक पारंपरिक जानकारी मानें, भाग्य का संकेत नहीं।
आपका जन्म-नक्षत्र उन छह नक्षत्रों में से है जिन्हें परंपरा गंडमूल कहती है (अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल, रेवती)। धर्मसिंधु इसके लिए एक वैकल्पिक शांति का वर्णन करता है, और कई परिवार उस दिन एक सरल पूजा कर लेते हैं जब चंद्र फिर इसी नक्षत्र में आता है। यह पूरी तरह वैकल्पिक है; यह बच्चे या परिवार में किसी के लिए भी बुरे भाग्य का संकेत नहीं है। चंद्र के इसी नक्षत्र में लौटने की अगली तारीख कुंडली में दी गई है।
लाहिड़ी अयनांश · संपूर्ण राशि भाव · मीन नोड (राहु-केतु) · स्विस एफ़ेमेरिस