सारांश उदाहरण कुंडली
| 1 | मकर | बु |
| 2 | कुंभ | सू मं श |
| 3 | मीन | शु के |
| 4 | मेष | |
| 5 | वृषभ | |
| 6 | मिथुन | |
| 7 | कर्क | |
| 8 | सिंह | |
| 9 | कन्या | रा |
| 10 | तुला | |
| 11 | वृश्चिक | चं |
| 12 | धनु | गु |
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
- नक्षत्र और चरण
- ज्येष्ठा · 2
- लग्न
- मकर 21°56′50″
- नामाक्षर
- या
- चल रही दशा
- शुक्र महादशा (14 मई 2032 तक) · शनि अंतर्दशा (14 मई 2028 तक)
जन्म समय कितना मायने रखता है
आपका लग्न मकर 05:22 से 07:06 तक यही रहता है।
आपका जन्म समय लग्न बदलने के समय से 26 मिनट दूर है। घर के बड़ों या अस्पताल के कार्ड से समय एक बार मिला लीजिए।
मकर लग्न के बारे में परंपरा मानती है कि व्यक्ति दुनिया से व्यावहारिक सोच और धैर्य के साथ मिलता है, और लंबे समय की मेहनत पर भरोसा करता है। इस लग्न के स्वामी शनि हैं, जिन्हें परंपरा अनुशासन, कर्तव्य और स्थिरता से जोड़ती है। यह पूरी कुंडली का केवल एक हिस्सा है।
चंद्र वृश्चिक राशि में हो तो परंपरा मानती है कि मन गहरा और भावनाओं में तीव्र रहता है, और भरोसे के रिश्ते मन के लिए बहुत मायने रखते हैं। वृश्चिक के स्वामी मंगल हैं, जिन्हें परंपरा दृढ़ता और साहस से जोड़ती है। पूरी कुंडली साथ देखकर ही बात पूरी होती है।
ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता इंद्र हैं और स्वामी ग्रह बुध है। परंपरा इस नक्षत्र को ज़िम्मेदारी, बड़ों जैसा संरक्षण और नेतृत्व से जोड़ती है। यह जन्म-नक्षत्र पूरी कुंडली का एक हिस्सा है, अकेले कुछ तय नहीं करता।
लाहिड़ी अयनांश · संपूर्ण राशि भाव · मीन नोड (राहु-केतु) · स्विस एफ़ेमेरिस