साढ़े साती

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जन्म तारीख

जितना सही समय, उतनी साफ़ कुंडली। अस्पताल का कार्ड या घर के बड़ों से पूछ सकते हैं।

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उदाहरण कुंडली · राधिका

यह एक उदाहरण है। अपना विवरण डालते ही आपकी अपनी कुंडली दिखेगी।

साढ़े साती उदाहरण कुंडली

लग्न मकर चंद्र वृश्चिक ज्येष्ठा 2

अभी साढ़े साती नहीं चल रही। अगली: 28 जनवरी 2041 से।

15 नवंबर 2011 – 24 जनवरी 2020

पहला चरण (उदय): चंद्र से 12वीं राशि में शनि15 नवंबर 2011 – 16 मई 2012
पहला चरण (उदय): चंद्र से 12वीं राशि में शनि4 अगस्त 2012 – 2 नवंबर 2014
दूसरा (मध्य) चरण: चंद्र राशि पर शनि2 नवंबर 2014 – 26 जनवरी 2017
तीसरा चरण (अस्त): चंद्र से दूसरी राशि में शनि26 जनवरी 2017 – 21 जून 2017
दूसरा (मध्य) चरण: चंद्र राशि पर शनि21 जून 2017 – 26 अक्टूबर 2017
तीसरा चरण (अस्त): चंद्र से दूसरी राशि में शनि26 अक्टूबर 2017 – 24 जनवरी 2020

28 जनवरी 2041 – 4 दिसंबर 2049

पहला चरण (उदय): चंद्र से 12वीं राशि में शनि28 जनवरी 2041 – 6 फ़रवरी 2041
पहला चरण (उदय): चंद्र से 12वीं राशि में शनि26 सितंबर 2041 – 11 दिसंबर 2043
दूसरा (मध्य) चरण: चंद्र राशि पर शनि11 दिसंबर 2043 – 23 जून 2044
पहला चरण (उदय): चंद्र से 12वीं राशि में शनि23 जून 2044 – 30 अगस्त 2044
दूसरा (मध्य) चरण: चंद्र राशि पर शनि30 अगस्त 2044 – 8 दिसंबर 2046
तीसरा चरण (अस्त): चंद्र से दूसरी राशि में शनि8 दिसंबर 2046 – 6 मार्च 2049
तीसरा चरण (अस्त): चंद्र से दूसरी राशि में शनि10 जुलाई 2049 – 4 दिसंबर 2049

वक्री होने पर शनि कभी-कभी पिछली राशि में लौट आता है, इसलिए शुरुआत और अंत की तारीख़ें कुछ महीने आगे-पीछे हो सकती हैं। कैलकुलेटर सटीक तारीख़ें दिखाता है।

शांत जाँच

साढ़े साती वह समय है जब गोचर में शनि आपकी जन्म-चंद्र राशि से बारहवीं, फिर उसी राशि और फिर दूसरी राशि से गुज़रता है। शनि एक राशि में लगभग ढाई साल रहता है, इसलिए तीनों मिलकर लगभग साढ़े सात साल होते हैं। शनि लगभग 29.5 साल में एक चक्कर पूरा करता है, इसलिए यह जीवन में आम तौर पर दो-तीन बार आती है।

परंपरा क्या कहती है

परंपरा शनि को अनुशासन, धीरज, मेहनत और कर्म के हिसाब से जोड़ती है। इसलिए साढ़े साती को एक ऐसे दौर की तरह देखा जाता है जिसमें ज़िम्मेदारियाँ बढ़ती हैं, चीज़ें धीमी चलती हैं और इंसान ज़्यादा परिपक्व होता है। यह सज़ा का समय नहीं, जीवन को व्यवस्थित करने का समय माना जा सकता है।

बहुत से लोग साढ़े साती के दौरान ही पढ़ाई पूरी करते हैं, घर बसाते हैं, काम में ऊँचाई पाते हैं या अपने जीवन के सबसे अच्छे और सीखने वाले साल जीते हैं। शनि का दौर मेहनत और धीरज माँगता है, और लगन से किया काम अक्सर लंबे समय तक टिकता है।

साढ़े साती के बारे में पढ़ें →

लाहिड़ी अयनांश · संपूर्ण राशि भाव · मीन नोड (राहु-केतु) · स्विस एफ़ेमेरिस

मूल कुंडली

बल और योग

समय

शांत जाँच

उपाय