चंद्र के उपाय: सबसे सरल से शुरू

परंपरा चंद्र को मन, माता, भावनाओं, नींद और जल से जोड़ती है। नीचे चंद्र से जुड़े उपाय 16 तरह के विकल्पों में हैं; ₹0 वाले पहले, चुनना आपका है।

आहार (₹0 मुफ़्त)

ग्रह के वार पर उससे जुड़ा सादा अन्न या फल खाना या बाँटना।

चंद्र

चंद्र का अनाज: चावल

सोमवार को भोजन में चावल, दूध या दही रखें। नवधान्य की आम सूची में चावल चंद्र का अनाज है।

कब: सोमवार

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
करें / न करें

न करें

  • दूध से परेशानी (लैक्टोज़) हो तो दूध की जगह चावल ही रखें।
चंद्र

शास्त्र में बताया भोजन: दूध में पके चावल

BPHS चंद्र की पूजा के बाद ब्राह्मणों को दूध में पके चावल (खीर) खिलाने की बात कहता है।

कब: चंद्र की पूजा के बाद

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.23–24
BPHS (Santhanam) 84.23–24
चंद्र

आज का रूप: खीर बाँटना

सोमवार या पूर्णिमा को खीर बनाकर घर की बुज़ुर्ग महिलाओं और किसी ज़रूरतमंद को खिलाएँ।

कब: सोमवार या पूर्णिमा

परंपरा
करें / न करें

करें

  • जो खिलाएँ, वह साफ़ और ताज़ा हो।

व्रत (₹0 मुफ़्त)

ग्रह के वार का व्रत या एकादशी, अपनी सेहत के हिसाब से; बीमारी, गर्भावस्था या दवा में डॉक्टर से पूछें।

चंद्र

सोमवार व्रत

एक समय सादा भोजन या फलाहार; सुबह शिवजी को जल चढ़ाकर दिन शुरू करें।

कब: सोमवार (शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू करने की परंपरा है)

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • स्वास्थ्य ठीक न हो, गर्भावस्था या दवा चल रही हो तो व्रत न करें या डॉक्टर से पूछें।
चंद्र

पूर्णिमा व्रत

पूर्णिमा को दिन में सादा रहकर शाम को चंद्रमा को जल (अर्घ्य) देकर भोजन करें।

कब: पूर्णिमा

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • स्वास्थ्य ठीक न हो, गर्भावस्था या दवा चल रही हो तो व्रत न करें या डॉक्टर से पूछें।

आचरण / कर्म (₹0 मुफ़्त)

ग्रह जिन बातों का कारक है, उनसे जुड़ा रोज़ का व्यवहार: बड़ों का आदर, ईमानदारी, अनुशासन।

चंद्र

चंद्र: मन और माता का कारक

शास्त्र चंद्र को कालपुरुष का मन और माता का कारक बताता है। इसलिए परंपरा चंद्र के उपाय में माँ और अपने मन की देखभाल को रखती है।

कब: हमेशा

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 32.22–24
BPHS (Santhanam) 32.22–24
चंद्र

माँ से जुड़ाव, मन की देखभाल

माँ (या माँ-समान महिला) से रोज़ बात करें, उनका आशीर्वाद लें। नींद पूरी लें, कुछ देर चुपचाप बैठें या टहलें।

कब: रोज़

परंपरा
करें / न करें

करें

  • मन बहुत भारी लगे तो किसी अपने या काउंसलर से बात करें।

न करें

  • गुस्से में बड़े फ़ैसले न लें।
चंद्र

प्रश्न मार्ग का आचरण

बड़ों की बात मानना, वेद-पुराण सुनना और मन को शुद्ध रखना: प्रश्न मार्ग इसे सभी ग्रहों के लिए बताता है।

कब: जब भी मन हो

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)

रंग / वस्त्र / दिशा (₹0 मुफ़्त)

ग्रह के वार पर उसके रंग के कपड़े या फूल, और उससे जुड़ी दिशा का ध्यान।

चंद्र

सफ़ेद रंग

प्रश्न मार्ग चंद्र के लिए सफ़ेद वस्त्र और सफ़ेद फूलों से पूजा बताता है। सोमवार को सफ़ेद या हल्के क्रीम रंग के कपड़े पहन सकते हैं।

कब: सोमवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
चंद्र

वायव्य (उत्तर-पश्चिम) दिशा

जातक पारिजात चंद्र को वायव्य (उत्तर-पश्चिम) दिशा का स्वामी बताता है।

कब: —

शास्त्र · Jātaka Pārijāta II.23
Jātaka Pārijāta II.23
चंद्र

ग्रह का चित्र उसकी दिशा में

BPHS कहता है कि ग्रहों के चित्र कपड़े पर उनके रंगों में बनाकर उनकी अपनी दिशा में रखे जाएँ। पूजा-स्थान में चंद्र का चित्र उत्तर-पश्चिम की ओर रख सकते हैं।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
करें / न करें

करें

  • रंग चुनना आपकी सुविधा पर है; ऑफ़िस या स्कूल के नियम पहले।

सेवा (₹0 मुफ़्त)

गाय, कुत्ते, पक्षी या चींटियों को भोजन, बड़ों और ज़रूरतमंदों की सेवा; किसी जीव को कष्ट नहीं।

चंद्र

माँ और बुज़ुर्ग महिलाओं की सेवा

माँ, दादी-नानी या पड़ोस की किसी अकेली बुज़ुर्ग महिला के साथ समय बिताएँ, उनके छोटे काम कर दें।

कब: रोज़, ख़ास कर सोमवार

परंपरा
चंद्र

प्यासे को पानी

गर्मी में घर के बाहर पक्षियों के लिए पानी का बर्तन रखें, या प्याऊ में मदद करें।

कब: रोज़

लोक मान्यता
करें / न करें

करें

  • बर्तन का पानी रोज़ बदलें।

वृक्ष सेवा (₹0 मुफ़्त)

ग्रह से जुड़े पेड़ या पौधे को पानी देना या लगाना (जैसे शनि के लिए शमी, गुरु (बृहस्पति) के लिए पीपल)।

चंद्र

पलाश: चंद्र की समिधा

BPHS चंद्र के हवन के लिए पलाश की लकड़ी बताता है; इसलिए पलाश को चंद्र का वृक्ष माना जाता है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.21–22
BPHS (Santhanam) 84.21–22
चंद्र

पलाश लगाना या उसे जल देना

सोमवार को पलाश के पेड़ में जल दें, या पलाश (या कोई भी पेड़) लगाकर उसकी देखभाल करें।

कब: सोमवार सुबह

परंपरा
करें / न करें

करें

  • लगाया पेड़ कम से कम पहली गर्मी तक संभालें।

मंत्र जाप / स्तोत्र / पाठ (₹0 मुफ़्त)

ग्रह का नाम-मंत्र, बीज मंत्र या स्तोत्र, रोज़ थोड़ी देर शांत मन से।

चंद्र

वैदिक मंत्र: 'इमं देवा…'

BPHS चंद्र का वैदिक मंत्र और उसकी जप-संख्या 11,000 बताता है। यह मंत्र किसी जानकार से सीखकर, शुद्ध उच्चारण से जपें।

कब: सोमवार से शुरू, शाम को

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.17–20
BPHS (Santhanam) 84.17–20
चंद्र

बीज मंत्र और नाम-मंत्र

'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः' या सरल 'ॐ चन्द्राय नमः' / 'ॐ सोमाय नमः' की एक माला (108)। मन को शांत करने में सहायक माना जाता है।

कब: सोमवार शाम, या रोज़

परंपरा
करें / न करें

करें

  • जप शांत जगह, एक ही समय पर करें; गिनती के लिए माला रखें।
चंद्र

'ॐ नमः शिवाय' और शिव-पूजा

चंद्र शिव के मस्तक पर है, इसलिए परंपरा चंद्र के लिए 'ॐ नमः शिवाय' का जप और शिवलिंग पर जल-दूध चढ़ाने को रखती है।

कब: सोमवार

परंपरा

दीप दान / मंदिर दर्शन / तीर्थ (₹0 मुफ़्त)

ग्रह के वार पर दीपक जलाना या उससे जुड़े मंदिर में दर्शन।

चंद्र

पूजा में दीप

BPHS ग्रह-पूजा में ग्रह के रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और गुग्गुल अर्पित करने की बात कहता है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
चंद्र

सोमवार को शिव मंदिर में दीप

सोमवार शाम शिव मंदिर में घी का दीपक जलाएँ और शिवलिंग पर जल चढ़ाएँ।

कब: सोमवार शाम

परंपरा
चंद्र

नवग्रह मंदिर या सोमनाथ

पास के नवग्रह मंदिर में चंद्र के दर्शन; मन हो तो सोमनाथ जैसे तीर्थ की यात्रा, जिसे परंपरा चंद्रदेव से जोड़ती है।

कब: सोमवार या पूर्णिमा

परंपरा
करें / न करें

करें

  • दर्शन श्रद्धा और शांति से करें।

लाल किताब (₹0 मुफ़्त)

लाल किताब (एक अलग परंपरा) के सरल, हानिरहित टोटके; नदी, जीव या संपत्ति को नुकसान वाला कुछ नहीं।

चंद्र

माँ का आशीर्वाद

कोई भी ज़रूरी काम माँ (या माँ-समान बुज़ुर्ग महिला) के पैर छूकर शुरू करें।

कब: ज़रूरी काम से पहले

लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
चंद्र

सिरहाने पानी, सुबह पेड़ में

रात को सिरहाने एक बर्तन में पानी रखकर सोएँ और सुबह वह पानी किसी पेड़ की जड़ में डाल दें।

कब: रात / अगली सुबह

लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
चंद्र

चाँदी का छोटा टुकड़ा पास रखना

घर में चाँदी का कोई छोटा टुकड़ा या सिक्का हो तो उसे साफ़ करके अपने पास (पर्स में) रखें।

कब: सोमवार से

लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
करें / न करें

न करें

  • इसके लिए नई चीज़ ख़रीदना ज़रूरी नहीं।

दान (₹0–₹51)

ग्रह के वार पर उससे जुड़ी कोई छोटी चीज़ अपनी सामर्थ्य से किसी ज़रूरतमंद को देना।

चंद्र

शास्त्र में बताया दान: शंख

BPHS और प्रश्न मार्ग, दोनों चंद्र के लिए शंख का दान बताते हैं।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.25
BPHS (Santhanam) 84.25
चंद्र

प्रश्न मार्ग: शंख (गोचर में)

जब गोचर में चंद्र प्रतिकूल माना जाए, प्रश्न मार्ग शंख का दान बताता है।

कब: गोचर के समय

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.30 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.30 (Raman tr.)
चंद्र

आज का छोटा रूप

चावल, दूध, चीनी या सफ़ेद कपड़ा किसी ज़रूरतमंद को; या किसी मंदिर में छोटा शंख।

कब: सोमवार, या पूर्णिमा

परंपरा
करें / न करें

करें

  • दान अपनी सामर्थ्य के अनुसार, बिना दिखावे के।

औषधि स्नान (₹0–₹99)

ग्रह से जुड़ी जड़ी-बूटी डाले पानी से स्नान; त्वचा पर जलन हो तो न करें।

चंद्र

ग्रह की औषधि वाले जल से स्नान

प्रश्न मार्ग ग्रह के अनुसार औषधि वाले जल से स्नान की बात कहता है (गोचर के प्रसंग में)।

कब: —

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)
चंद्र

चंद्र के लिए: सफ़ेद चंदन और सफ़ेद फूल

नहाने के पानी में एक चुटकी सफ़ेद चंदन, कुछ सफ़ेद फूल (जैसे मोगरा) और चाहें तो थोड़ा गंगाजल डालकर स्नान करें।

कब: सोमवार सुबह

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • त्वचा पर जलन या एलर्जी हो तो न करें; पहले थोड़े पानी में आज़मा लें।

जड़ी / मूल

ग्रह से जुड़ी पौधे की जड़, कपड़े या ताबीज़ में धारण; परंपराएँ अलग-अलग जड़ बताती हैं।

चंद्र

खिरनी मूल

खिरनी की जड़ का छोटा टुकड़ा सफ़ेद कपड़े में बाँधकर, ताबीज़ की तरह गले या भुजा में पहनने की परंपरा है।

कब: सोमवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • जड़ किसी भरोसेमंद जगह से लें।

असली कैसे पहचानें →

रुद्राक्ष

ग्रह से जुड़े मुख का रुद्राक्ष (जैसे शनि के लिए 7 मुखी), असली की जाँच के साथ।

चंद्र

दो मुखी रुद्राक्ष

परंपरा दो मुखी रुद्राक्ष को चंद्र से जोड़ती है। सफ़ेद या लाल धागे में, 'ॐ नमः शिवाय' की एक माला के बाद पहनें।

कब: सोमवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • बिना परख (एक्स-रे/लैब रिपोर्ट) के महँगा रुद्राक्ष न लें।

असली कैसे पहचानें →

यंत्र

ताँबे या भोजपत्र पर ग्रह का अंक-यंत्र, पूजा-स्थान पर; किसी शक्ति का दावा नहीं।

चंद्र

BPHS: चंद्र की प्रतिमा स्फटिक की

BPHS पूजा के लिए चंद्र की प्रतिमा स्फटिक (क्रिस्टल) की बताता है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5

असली कैसे पहचानें →

चंद्र

चंद्र यंत्र

चाँदी, ताँबे या भोजपत्र पर बना चंद्र यंत्र पूजा-स्थान में रखें; सोमवार को दीप और जप के समय उस पर ध्यान रखें।

कब: सोमवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • साफ़ जगह रखें, धूल न जमने दें।

असली कैसे पहचानें →

संकल्प पूजा / जाप / हवन (पंडित से)

पंडित जी से आपके नाम के संकल्प के साथ ग्रह का जाप या हवन; ख़र्च पहले से तय करें।

चंद्र

शास्त्र की विधि: 11,000 जप और पलाश से हवन

BPHS चंद्र के वैदिक मंत्र का 11,000 जप, फिर पलाश की समिधा से (शहद, घी, दही या दूध मिलाकर) 108 या 28 आहुति का हवन बताता है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.21–22
BPHS (Santhanam) 84.21–22

असली कैसे पहचानें →

चंद्र

पंडित से संकल्प-जप (जानकारी)

पंडित आपके नाम-गोत्र से संकल्प लेकर जप पूरा करते हैं, अंत में दशांश (जप का दसवाँ भाग) हवन। आम तौर पर ₹251 (छोटा जप) से ₹2,100 (पूरा जप-हवन) तक ख़र्च आता है।

कब: सोमवार से शुरू

परंपरा
करें / न करें

करें

  • पूछें कि कितना जप होगा और कितने दिन में।

असली कैसे पहचानें →

उपरत्न / रत्न

केवल कुंडली के शुभ स्वामी ग्रह के लिए; पहले कम-ख़र्च उपरत्न, फिर प्रमाणपत्र वाला रत्न। कोई रत्न ज़रूरी नहीं।

रत्न (और उसका उपरत्न) केवल उन्हीं ग्रहों के लिए सुझाया जाता है जो आपकी कुंडली के लग्न के हिसाब से शुभ स्वामी हैं: लग्नेश, पंचमेश, नवमेश और योगकारक। हर रत्न के साथ उसका कम-ख़र्च उपरत्न भी दिखाया जाता है, और ₹0 वाले उपाय हमेशा पहले।

हर रत्न के साथ उपरत्न पहले दिखाएँ (कम ख़र्च), फिर रत्न। कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं; ₹0 उपाय हमेशा ऊपर।

बच्चों (12 वर्ष से कम) के लिए कोई रत्न नहीं। गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का प्रस्ताव नहीं (W12 नियम)।

अपनी कुंडली में जाँचें

चंद्र

उपरत्न: चंद्रकांत मणि (मूनस्टोन)

कम ख़र्च का विकल्प। चाँदी की अँगूठी में कनिष्ठा (छोटी) उँगली में। केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)।

कब: सोमवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • पहनने से पहले परंपरा के अनुसार 3–7 दिन पास रखकर देखें; कोई असहजता लगे तो उतार दें।
  • लैब प्रमाणपत्र (जैसे IGI/GTL) और उसका नंबर माँगें।

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय टालें।
  • जन्म-समय पता न हो तो रत्न नहीं; तब ₹0 वाले उपाय ही चुनें।

असली कैसे पहचानें →

चंद्र

रत्न: मोती

प्रश्न मार्ग चंद्र का रत्न मोती (मुक्ता) बताता है। धातु (चाँदी), उँगली (कनिष्ठा) और दिन (सोमवार) परंपरा से। केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)।

कब: सोमवार, शुक्ल पक्ष

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • पहनने से पहले परंपरा के अनुसार 3–7 दिन पास रखकर देखें; कोई असहजता लगे तो उतार दें।
  • लैब प्रमाणपत्र (जैसे IGI/GTL) और उसका नंबर माँगें।

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय टालें।
  • जन्म-समय पता न हो तो रत्न नहीं; तब ₹0 वाले उपाय ही चुनें।

असली कैसे पहचानें →

लाल किताब के उपाय (एक अलग परंपरा)

लाल किताब उत्तर भारत की एक लोकप्रिय, अलग परंपरा है; इसके उपाय यहाँ उसी नाम से अलग दिखाए गए हैं।

उपाय श्रद्धा, नियम और धैर्य से किए जाते हैं; परंपरा इन्हें मन को स्थिर रखने और अच्छे कर्म की ओर लगाने का साधन मानती है।

इस ग्रह के बारे में पढ़ें → · अपनी कुंडली में जाँचें