उपरत्न और रत्न

परंपरा रत्न को सबसे गहन उपाय मानती है, और इसीलिए उसे सोच-समझकर, कुंडली देखकर चुनने की बात करती है। हर रत्न के साथ उसका उपरत्न भी है।

केवल कुंडली के शुभ स्वामी ग्रह के लिए; पहले कम-ख़र्च उपरत्न, फिर प्रमाणपत्र वाला रत्न। कोई रत्न ज़रूरी नहीं।

ग्रह-रत्न की सूची प्रश्न मार्ग में (प्रतिकूल गोचर के प्रसंग में); उपरत्न, धातु, उँगली, दिन परंपरा। नियम: gem_rule.json।

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)

रत्न किसके लिए

रत्न (और उसका उपरत्न) केवल उन्हीं ग्रहों के लिए सुझाया जाता है जो आपकी कुंडली के लग्न के हिसाब से शुभ स्वामी हैं: लग्नेश, पंचमेश, नवमेश और योगकारक। हर रत्न के साथ उसका कम-ख़र्च उपरत्न भी दिखाया जाता है, और ₹0 वाले उपाय हमेशा पहले।

  • केवल जन्म-समय पता हो तभी रत्न-सुझाव; समय न हो तो रत्न-सुझाव नहीं, केवल ₹0 और कम-ख़र्च उपाय।
  • राहु और केतु के लिए रत्न (गोमेद, लहसुनिया) साइट पर नहीं सुझाए जाते, क्योंकि वे किसी राशि के स्वामी नहीं और परंपराएँ अलग हैं। उनके लिए ₹0 उपाय ही दिखते हैं; रत्न-गाइड में केवल जानकारी।
  • हर रत्न के साथ उपरत्न पहले दिखाएँ (कम ख़र्च), फिर रत्न। कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं; ₹0 उपाय हमेशा ऊपर।
  • बच्चों (12 वर्ष से कम) के लिए कोई रत्न नहीं। गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का प्रस्ताव नहीं (W12 नियम)।
  • पहनने से पहले: परंपरा में रत्न को कुछ दिन (प्रायः 3–7 दिन) पास रखकर देखने, शुक्ल पक्ष में ग्रह के वार को पहनने की बात कही जाती है। किसी असहजता पर उतार दें। (परंपरा)
  • किसी व्यक्ति के लिए अंतिम निर्णय: साइट केवल योग्यता और जानकारी दिखाती है; पहनना है या नहीं, यह उपयोगकर्ता का चुनाव है।

अपनी कुंडली में जाँचें

ग्रहउपरत्नरत्न
सूर्य लाल गार्नेट (तामड़ा), सनस्टोन माणिक्य
चंद्र चंद्रकांत मणि (मूनस्टोन) मोती
मंगल कार्नेलियन (लाल अकीक) मूँगा
बुध पेरिडॉट, हरा टूरमलीन पन्ना
गुरु (बृहस्पति) सुनैला (सिट्रीन), पीला टोपाज़ पुखराज
शुक्र सफ़ेद पुखराज (व्हाइट सफ़ायर), ज़रकन (व्हाइट ज़िरकॉन), ओपल हीरा
शनि जामुनिया (एमेथिस्ट), नीली (लोलिता / आयोलाइट) नीलम
राहु गोमेद (केवल जानकारी)
केतु टाइगर आई लहसुनिया (केवल जानकारी)
सूर्य
सूर्य

उपरत्न: लाल गार्नेट (तामड़ा) या सनस्टोन

कम ख़र्च का विकल्प। सोने या ताँबे की अँगूठी में अनामिका उँगली में। केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)।

कब: रविवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • पहनने से पहले परंपरा के अनुसार 3–7 दिन पास रखकर देखें; कोई असहजता लगे तो उतार दें।
  • लैब प्रमाणपत्र (जैसे IGI/GTL) और उसका नंबर माँगें।

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय टालें।
  • जन्म-समय पता न हो तो रत्न नहीं; तब ₹0 वाले उपाय ही चुनें।
सूर्य

रत्न: माणिक्य

प्रश्न मार्ग सूर्य का रत्न माणिक्य बताता है। धातु (सोना/ताँबा), उँगली (अनामिका) और दिन (रविवार) परंपरा से। केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)।

कब: रविवार, शुक्ल पक्ष

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • पहनने से पहले परंपरा के अनुसार 3–7 दिन पास रखकर देखें; कोई असहजता लगे तो उतार दें।
  • लैब प्रमाणपत्र (जैसे IGI/GTL) और उसका नंबर माँगें।

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय टालें।
  • जन्म-समय पता न हो तो रत्न नहीं; तब ₹0 वाले उपाय ही चुनें।
चंद्र
चंद्र

उपरत्न: चंद्रकांत मणि (मूनस्टोन)

कम ख़र्च का विकल्प। चाँदी की अँगूठी में कनिष्ठा (छोटी) उँगली में। केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)।

कब: सोमवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • पहनने से पहले परंपरा के अनुसार 3–7 दिन पास रखकर देखें; कोई असहजता लगे तो उतार दें।
  • लैब प्रमाणपत्र (जैसे IGI/GTL) और उसका नंबर माँगें।

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय टालें।
  • जन्म-समय पता न हो तो रत्न नहीं; तब ₹0 वाले उपाय ही चुनें।
चंद्र

रत्न: मोती

प्रश्न मार्ग चंद्र का रत्न मोती (मुक्ता) बताता है। धातु (चाँदी), उँगली (कनिष्ठा) और दिन (सोमवार) परंपरा से। केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)।

कब: सोमवार, शुक्ल पक्ष

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Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • पहनने से पहले परंपरा के अनुसार 3–7 दिन पास रखकर देखें; कोई असहजता लगे तो उतार दें।
  • लैब प्रमाणपत्र (जैसे IGI/GTL) और उसका नंबर माँगें।

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय टालें।
  • जन्म-समय पता न हो तो रत्न नहीं; तब ₹0 वाले उपाय ही चुनें।
मंगल
मंगल

उपरत्न: कार्नेलियन (लाल अकीक)

कम ख़र्च का विकल्प। ताँबे या सोने की अँगूठी में अनामिका उँगली में। केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)।

कब: मंगलवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • पहनने से पहले परंपरा के अनुसार 3–7 दिन पास रखकर देखें; कोई असहजता लगे तो उतार दें।
  • लैब प्रमाणपत्र (जैसे IGI/GTL) और उसका नंबर माँगें।

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय टालें।
  • जन्म-समय पता न हो तो रत्न नहीं; तब ₹0 वाले उपाय ही चुनें।
मंगल

रत्न: मूँगा

प्रश्न मार्ग मंगल का रत्न मूँगा (विद्रुम) बताता है। धातु (ताँबा/सोना), उँगली (अनामिका) और दिन (मंगलवार) परंपरा से। केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)।

कब: मंगलवार, शुक्ल पक्ष

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • पहनने से पहले परंपरा के अनुसार 3–7 दिन पास रखकर देखें; कोई असहजता लगे तो उतार दें।
  • लैब प्रमाणपत्र (जैसे IGI/GTL) और उसका नंबर माँगें।

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय टालें।
  • जन्म-समय पता न हो तो रत्न नहीं; तब ₹0 वाले उपाय ही चुनें।
बुध
बुध

उपरत्न: पेरिडॉट या हरा टूरमलीन

कम ख़र्च वाला विकल्प पहले। सोने या काँसे की अंगूठी में, कनिष्ठा (छोटी) उँगली में, बुधवार को पहनते हैं (उपरत्न, धातु, उँगली, दिन: परंपरा)।

कब: बुधवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)
  • जन्म-समय पता हो तभी रत्न का विचार करें; परंपरा पहनने से पहले रत्न को 3–7 दिन पास रखकर देखने की बात कहती है, कुछ असहज लगे तो उतार दें
बुध

रत्न: पन्ना

प्रश्न मार्ग बुध का रत्न 'गरुड़' (पन्ना) बताता है, गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के प्रसंग में; कुंडली के शुभ स्वामी ग्रह के लिए रत्न पहनना आज की परंपरा है। सोना या काँसा, कनिष्ठा उँगली, बुधवार (धातु, उँगली, दिन: परंपरा)।

कब: बुधवार, शुक्ल पक्ष

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Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)
  • हमारे नियम में बुध इन लग्नों के लिए योग्य है: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, कुंभ
  • ख़रीदें तो लैब सर्टिफ़िकेट (प्रमाणपत्र संख्या सहित) माँगें; पहचान का तरीका हमारी 'असली कैसे पहचानें' गाइड में है

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का विचार न करें
  • कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं है; ₹0 वाले उपाय पहले हैं, और पहनना या न पहनना आपका चुनाव है
गुरु
गुरु

उपरत्न: सुनैला (सिट्रीन) या पीला टोपाज़

कम ख़र्च वाला विकल्प पहले। सोने की अंगूठी में, तर्जनी उँगली में, गुरुवार को पहनते हैं (उपरत्न, धातु, उँगली, दिन: परंपरा)।

कब: गुरुवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)
  • जन्म-समय पता हो तभी रत्न का विचार करें; परंपरा पहनने से पहले रत्न को 3–7 दिन पास रखकर देखने की बात कहती है, कुछ असहज लगे तो उतार दें
गुरु

रत्न: पुखराज

प्रश्न मार्ग गुरु का रत्न 'पुष्यराग' (पुखराज) बताता है, गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के प्रसंग में; कुंडली के शुभ स्वामी ग्रह के लिए रत्न पहनना आज की परंपरा है। सोना, तर्जनी उँगली, गुरुवार (धातु, उँगली, दिन: परंपरा)।

कब: गुरुवार, शुक्ल पक्ष

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Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)
  • हमारे नियम में गुरु इन लग्नों के लिए योग्य है: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन
  • ख़रीदें तो लैब सर्टिफ़िकेट (प्रमाणपत्र संख्या सहित) माँगें; पहचान का तरीका हमारी 'असली कैसे पहचानें' गाइड में है

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का विचार न करें
  • कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं है; ₹0 वाले उपाय पहले हैं, और पहनना या न पहनना आपका चुनाव है
शुक्र
शुक्र

उपरत्न: सफ़ेद पुखराज (व्हाइट सफ़ायर), ज़रकन (व्हाइट ज़िरकॉन) या ओपल

कम ख़र्च वाला विकल्प पहले। चाँदी या प्लैटिनम की अंगूठी में, मध्यमा या कनिष्ठा उँगली में, शुक्रवार को पहनते हैं (उपरत्न, धातु, उँगली, दिन: परंपरा)।

कब: शुक्रवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)
  • जन्म-समय पता हो तभी रत्न का विचार करें; परंपरा पहनने से पहले रत्न को 3–7 दिन पास रखकर देखने की बात कहती है, कुछ असहज लगे तो उतार दें
शुक्र

रत्न: हीरा

प्रश्न मार्ग शुक्र का रत्न 'वज्र' (हीरा) बताता है, गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के प्रसंग में; कुंडली के शुभ स्वामी ग्रह के लिए रत्न पहनना आज की परंपरा है। चाँदी या प्लैटिनम, मध्यमा या कनिष्ठा उँगली, शुक्रवार (धातु, उँगली, दिन: परंपरा)।

कब: शुक्रवार, शुक्ल पक्ष

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)
  • हमारे नियम में शुक्र इन लग्नों के लिए योग्य है: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, कुंभ
  • ख़रीदें तो लैब सर्टिफ़िकेट (प्रमाणपत्र संख्या सहित) माँगें; पहचान का तरीका हमारी 'असली कैसे पहचानें' गाइड में है

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का विचार न करें
  • कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं है; ₹0 वाले उपाय पहले हैं, और पहनना या न पहनना आपका चुनाव है
शनि
शनि

उपरत्न (पहले): जामुनिया (एमेथिस्ट) या नीली (लोलिता / आयोलाइट)

नीलम का कम-ख़र्च विकल्प। चाँदी या पंचधातु में, मध्यमा उँगली में। परंपरा में पहनने से पहले 3–7 दिन पास रखकर देखते हैं; कोई असहजता लगे तो उतार दें।

कब: शनिवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)

न करें

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय न लें
शनि

रत्न: नीलम (इंद्रनील)

प्रश्न मार्ग ग्रहों के रत्न बताते हुए शनि के लिए इंद्रनील (नीलम) बताता है (गोचर के प्रसंग में)। चाँदी या पंचधातु, मध्यमा उँगली, शनिवार: यह परंपरा है। प्रमाणपत्र (लैब रिपोर्ट) वाला ही लें।

कब: शनिवार, शुक्ल पक्ष

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)

न करें

  • कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं; ₹0 उपाय हमेशा पहले
राहु
राहु

जानकारी: गोमेद (गोमेधिक)

प्रश्न मार्ग ग्रहों के रत्न बताते हुए राहु के लिए गोमेद बताता है (गोचर के प्रसंग में)। साइट राहु के लिए कोई रत्न नहीं सुझाती, क्योंकि राहु किसी राशि का स्वामी नहीं और परंपराएँ अलग हैं।

कब: —

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

न करें

  • कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं; राहु के लिए ₹0 उपाय ही सुझाए जाते हैं
राहु

ग्रंथों में अंतर

फलदीपिका (शास्त्री के अनुवाद) में राहु का रत्न 'agate' लिखा है। रत्नों के नाम और अनुवाद ग्रंथों में अलग-अलग मिलते हैं; यह भी एक कारण है कि साइट राहु के लिए रत्न नहीं सुझाती।

कब: —

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.29
Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.29
केतु
केतु

जानकारी: लहसुनिया (वैदूर्य); उपरत्न टाइगर आई

प्रश्न मार्ग ग्रहों के रत्न बताते हुए केतु के लिए वैदूर्य (लहसुनिया) बताता है (गोचर के प्रसंग में)। परंपरा में इसका उपरत्न टाइगर आई माना जाता है। साइट केतु के लिए कोई रत्न नहीं सुझाती, क्योंकि केतु किसी राशि का स्वामी नहीं और परंपराएँ अलग हैं।

कब: —

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

न करें

  • कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं; केतु के लिए ₹0 उपाय ही सुझाए जाते हैं
केतु

ग्रंथों में अंतर

फलदीपिका (शास्त्री के अनुवाद) में केतु का रत्न 'lapis lazuli या turquoise' लिखा है। रत्नों के नाम और अनुवाद ग्रंथों में अलग-अलग मिलते हैं; यह भी एक कारण है कि साइट केतु के लिए रत्न नहीं सुझाती।

कब: —

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.29
Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.29

रत्न और उपरत्न असली हैं, कैसे जाँचें

  • पहले देखें कि यह ग्रह आपकी कुंडली का शुभ स्वामी है या नहीं (gem rule)। कोई रत्न ज़रूरी नहीं; ₹0 उपाय पहले।
  • कोई रत्न डॉक्टर के इलाज की जगह नहीं लेता।
  • डर या दबाव में कभी न ख़रीदें। जो ज्योतिषी ख़ुद ही रत्न बेचे, उसकी सलाह पर दूसरी राय लेना ठीक है।
  • मान्य लैब का प्रमाणपत्र लें (उदाहरण: GTL जयपुर, IGI, GIA)। प्रमाणपत्र के नंबर को लैब की वेबसाइट पर ख़ुद जाँचें; फ़ोटो, वज़न और माप पत्थर से मिलने चाहिए।
  • प्राकृतिक, सिंथेटिक (लैब में बना) और ट्रीटेड, ये तीन अलग चीज़ें हैं। ट्रीटमेंट जैसे हीट, ग्लास-फ़िलिंग (ख़ासकर माणिक्य में), डाई (रंगाई), ऑयलिंग (पन्ने में)। विक्रेता से यह लिखित में लें कि पत्थर प्राकृतिक है या नहीं और कौन-सा ट्रीटमेंट है।
  • मोती: बाज़ार के ज़्यादातर मोती 'कल्चर्ड' होते हैं; प्राकृतिक मोती दुर्लभ और बहुत महँगा। मूँगा: रंगा हुआ या पाउडर से जोड़ा (रिकंस्टिट्यूटेड) मूँगा भी बिकता है। यह साफ़ लिखा होना चाहिए।
  • वज़न कैरेट और रत्ती में लिखवाएँ। आम तौर पर 1 रत्ती ≈ 0.91 कैरेट माना जाता है, पर विक्रेता अलग-अलग रत्ती मानते हैं; इसलिए बिल पर कैरेट में वज़न ज़रूर हो।
  • पक्का बिल लें जिसमें विक्रेता का नाम-पता, पत्थर का नाम, प्राकृतिक/ट्रीटेड, वज़न, प्रमाणपत्र नंबर और वापसी-नीति लिखी हो। वापसी-नीति ख़रीदने से पहले पूछें।
  • उपरत्न (जैसे जामुनिया, सुनैला, पेरिडॉट, मूनस्टोन) भी असली-नकली दोनों मिलते हैं; उनके लिए भी 'प्राकृतिक' लिखवाएँ।

इन बातों पर रुककर सोचिए

  • बिना प्रमाणपत्र 'सौ टका असली' का दावा, या ऐसा प्रमाणपत्र जिसका नंबर लैब की साइट पर न मिले।
  • रत्न से धन, शादी, नौकरी या सेहत का वादा।
  • 'आज न पहना तो नुकसान होगा' जैसा डर।

डर दिखाकर, 'आज ही लें' कहकर या बहुत जल्दी में बेचा जाए तो रुक जाइए। सही चीज़ आराम से, बिल के साथ ख़रीदी जाती है।

हर ख़रीद पर पक्का बिल लें: विक्रेता का नाम, पता, GST नंबर (यदि हो), चीज़ का पूरा विवरण, वज़न, दाम और वापसी-नीति।

'अभिमंत्रित', 'सिद्ध', 'प्राण-प्रतिष्ठित' जैसे दावे तभी मानें जब विक्रेता लिखित में बताए कि किसने, कब और कैसे किया, और चाहें तो वीडियो या फ़ोटो दिखाए। ऐसा दावा दाम बढ़ाने का कारण न बने।

हम इसे नहीं बेचते; यह जानकारी आपको सही दाम पहचानने के लिए है।

लैब के नाम केवल उदाहरण हैं। दुकान अपनी सुविधा से चुनिए, और ऊपर दी जाँचें साथ रखिए।