दीपदान, मंदिर दर्शन और तीर्थ

ग्रह के वार पर दीप जलाना, उसके देवता के मंदिर जाना, या उससे जुड़े तीर्थ की यात्रा।

ग्रह के वार पर दीपक जलाना या उससे जुड़े मंदिर में दर्शन।

ग्रह-पूजा में दीप, चंदन, गुग्गुल और उसके रंग के फूल-वस्त्र BPHS में हैं; मंदिर-दर्शन परंपरा है।

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16

सूर्य
सूर्य

पूजा में दीप

BPHS ग्रह-पूजा में ग्रह के रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और गुग्गुल अर्पित करने की बात कहता है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
सूर्य

रविवार को घी का दीपक

रविवार सुबह पूर्व की ओर घी का एक दीपक जलाएँ।

कब: रविवार सुबह

परंपरा
सूर्य

सूर्य मंदिर या नवग्रह मंदिर

पास के नवग्रह मंदिर में सूर्य के दर्शन, या मन हो तो कोणार्क, मोढेरा जैसे सूर्य मंदिरों की यात्रा।

कब: रविवार, या रथ सप्तमी / मकर संक्रांति

परंपरा
करें / न करें

करें

  • दर्शन श्रद्धा और शांति से करें।
चंद्र
चंद्र

पूजा में दीप

BPHS ग्रह-पूजा में ग्रह के रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और गुग्गुल अर्पित करने की बात कहता है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
चंद्र

सोमवार को शिव मंदिर में दीप

सोमवार शाम शिव मंदिर में घी का दीपक जलाएँ और शिवलिंग पर जल चढ़ाएँ।

कब: सोमवार शाम

परंपरा
चंद्र

नवग्रह मंदिर या सोमनाथ

पास के नवग्रह मंदिर में चंद्र के दर्शन; मन हो तो सोमनाथ जैसे तीर्थ की यात्रा, जिसे परंपरा चंद्रदेव से जोड़ती है।

कब: सोमवार या पूर्णिमा

परंपरा
करें / न करें

करें

  • दर्शन श्रद्धा और शांति से करें।
मंगल
मंगल

पूजा में दीप

BPHS ग्रह-पूजा में ग्रह के रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और गुग्गुल अर्पित करने की बात कहता है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
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मंगल

मंगलवार को हनुमान मंदिर

मंगलवार को हनुमान मंदिर में दर्शन और एक दीपक (घी या चमेली के तेल का)।

कब: मंगलवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • दर्शन श्रद्धा और शांति से करें।
मंगल

नवग्रह मंदिर या मंगलनाथ

पास के नवग्रह मंदिर में मंगल के दर्शन; मन हो तो उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर की यात्रा, जिसे परंपरा मंगल से जोड़ती है।

कब: मंगलवार

परंपरा
बुध
बुध

पूजा में दीप

बृहत् पराशर होरा शास्त्र ग्रह-पूजा में उसके रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और धूप चढ़ाने की बात कहता है। बुधवार शाम घर के मंदिर में घी का दीप जलाएँ और हरी दूर्वा रखें।

कब: बुधवार शाम

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
बुध

विष्णु मंदिर या गणेश मंदिर दर्शन

फलदीपिका बुध के स्थानों में 'जहाँ भगवान विष्णु विराजते हैं' को गिनती है। बुधवार को विष्णु मंदिर जाएँ; उत्तर भारत में बुधवार को गणेश मंदिर जाने की भी परंपरा है।

कब: बुधवार

शास्त्र · Phaladīpikā II.15 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā II.15 (V. S. Sastri)
करें / न करें

न करें

  • मंदिर-दर्शन को किसी फल की शर्त न बनाएँ; यह श्रद्धा का समय है
गुरु (बृहस्पति)
गुरु

घी का दीप

बृहत् पराशर होरा शास्त्र ग्रह-पूजा में उसके रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और धूप चढ़ाने की बात कहता है। गुरुवार को घर के मंदिर में, या केले के पौधे के पास, घी का दीप जलाएँ (घी का दीप परंपरा है)।

कब: गुरुवार शाम

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
गुरु

विष्णु मंदिर या नवग्रह मंदिर दर्शन

गुरुवार को विष्णु मंदिर या किसी नवग्रह मंदिर में गुरु के दर्शन करें, पीले फूल चढ़ाएँ।

कब: गुरुवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • मंदिर-दर्शन को किसी फल की शर्त न बनाएँ; यह श्रद्धा का समय है
शुक्र
शुक्र

घी का दीप

बृहत् पराशर होरा शास्त्र ग्रह-पूजा में उसके रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और धूप चढ़ाने की बात कहता है। शुक्रवार शाम घर के मंदिर में घी का दीप जलाएँ और सफ़ेद फूल रखें (घी का दीप परंपरा है)।

कब: शुक्रवार शाम

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
शुक्र

लक्ष्मी या देवी मंदिर दर्शन

शुक्रवार को लक्ष्मी जी या किसी देवी मंदिर में दर्शन करें, सफ़ेद फूल चढ़ाएँ; नवग्रह मंदिर में शुक्र के दर्शन भी कर सकते हैं।

कब: शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • मंदिर-दर्शन को किसी फल की शर्त न बनाएँ; यह श्रद्धा का समय है
शनि
शनि

दीप: पूजा का अंग

BPHS ग्रह-पूजा में ग्रह के रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और गुग्गुल अर्पित करने को कहता है।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
शनि

तिल या सरसों के तेल का दीपक

शनिवार शाम घर के मंदिर में या पीपल के नीचे तिल या सरसों के तेल का एक दीपक जलाएँ।

कब: शनिवार, सूर्यास्त के बाद

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • दीपक को अकेला जलता न छोड़ें; सूखी पत्तियों और कपड़ों से दूर रखें
शनि

मंदिर दर्शन

शनिवार को हनुमान मंदिर या शनि मंदिर में दर्शन; नवग्रह मंदिर में शनि के सामने प्रणाम। तीर्थ के रूप में तमिलनाडु का तिरुनल्लार (नवग्रह स्थल) और महाराष्ट्र का शनि शिंगणापुर जाने की परंपरा है। यह श्रद्धा की बात है।

कब: शनिवार

परंपरा
राहु
राहु

दीप: पूजा का अंग

BPHS ग्रह-पूजा में ग्रह के रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और गुग्गुल अर्पित करने को कहता है।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
राहु

दीपक और मंदिर दर्शन

शनिवार शाम घर के मंदिर में तिल या सरसों के तेल का दीपक। दुर्गा मंदिर या नवग्रह मंदिर में दर्शन। तीर्थ के रूप में तमिलनाडु का तिरुनागेश्वरम (नवग्रह स्थल) और आंध्र प्रदेश का श्रीकालहस्ती जाने की परंपरा है। यह श्रद्धा की बात है।

कब: शनिवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • दीपक को अकेला जलता न छोड़ें
केतु
केतु

दीप: पूजा का अंग

BPHS ग्रह-पूजा में ग्रह के रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और गुग्गुल अर्पित करने को कहता है।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
केतु

दीपक और मंदिर दर्शन

घर के मंदिर में तिल के तेल या घी का दीपक। गणेश मंदिर या नवग्रह मंदिर में दर्शन। तीर्थ के रूप में तमिलनाडु का कीऴपेरुम्पल्लम (नवग्रह स्थल) और आंध्र प्रदेश का श्रीकालहस्ती जाने की परंपरा है। यह श्रद्धा की बात है।

कब: मंगलवार, शनिवार या चतुर्थी

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • दीपक को अकेला जलता न छोड़ें