आहार: ग्रह और वार के अनुसार भोजन

परंपरा में हर वार और हर ग्रह से कुछ अन्न, फल और रंग जुड़े हैं। उस दिन वही भोजन करना या बाँटना सबसे सरल उपाय माना जाता है।

ग्रह के वार पर उससे जुड़ा सादा अन्न या फल खाना या बाँटना।

सूर्य
सूर्य

सूर्य का अनाज: गेहूँ

रविवार को भोजन में गेहूँ की रोटी या दलिया और थोड़ा गुड़ रखें। नवधान्य की आम सूची में गेहूँ सूर्य का अनाज है।

कब: रविवार

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
करें / न करें

न करें

  • डायबिटीज़ हो तो गुड़ की मात्रा डॉक्टर की सलाह से ही।
सूर्य

शास्त्र में बताया भोजन: गुड़ वाले चावल

बृहत् पराशर होरा शास्त्र सूर्य की पूजा के बाद ब्राह्मणों को गुड़ में पके चावल खिलाने की बात कहता है।

कब: सूर्य की पूजा के बाद

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.23–24
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सूर्य

आज का रूप: मीठे चावल बाँटना

रविवार को गुड़ वाले मीठे चावल बनाकर घर के बड़ों और किसी ज़रूरतमंद को प्रेम से खिलाएँ।

कब: रविवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • जो खिलाएँ, वह साफ़ और ताज़ा हो।
चंद्र
चंद्र

चंद्र का अनाज: चावल

सोमवार को भोजन में चावल, दूध या दही रखें। नवधान्य की आम सूची में चावल चंद्र का अनाज है।

कब: सोमवार

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करें / न करें

न करें

  • दूध से परेशानी (लैक्टोज़) हो तो दूध की जगह चावल ही रखें।
चंद्र

शास्त्र में बताया भोजन: दूध में पके चावल

BPHS चंद्र की पूजा के बाद ब्राह्मणों को दूध में पके चावल (खीर) खिलाने की बात कहता है।

कब: चंद्र की पूजा के बाद

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चंद्र

आज का रूप: खीर बाँटना

सोमवार या पूर्णिमा को खीर बनाकर घर की बुज़ुर्ग महिलाओं और किसी ज़रूरतमंद को खिलाएँ।

कब: सोमवार या पूर्णिमा

परंपरा
करें / न करें

करें

  • जो खिलाएँ, वह साफ़ और ताज़ा हो।
मंगल
मंगल

मंगल का अनाज: दाल (परंपरा में प्रायः अरहर/तुअर या मसूर)

मंगलवार को भोजन में मसूर (या तूर) दाल और थोड़ा गुड़ रखें। नवधान्य की आम सूची में लाल दाल मंगल का अनाज है।

कब: मंगलवार

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करें / न करें

न करें

  • डायबिटीज़ हो तो गुड़ की मात्रा डॉक्टर की सलाह से ही।
मंगल

शास्त्र में बताया भोजन: हविष्य

BPHS मंगल की पूजा के बाद ब्राह्मणों को हविष्य (घी वाला सादा सात्विक अन्न) खिलाने की बात कहता है।

कब: मंगल की पूजा के बाद

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मंगल

आज का रूप: सादा भोजन कराना

मंगलवार को घी वाली खिचड़ी या दाल-चावल बनाकर किसी ज़रूरतमंद को खिलाएँ।

कब: मंगलवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • जो खिलाएँ, वह साफ़ और ताज़ा हो।
बुध
बुध

बुध का अनाज: साबुत मूंग

बुधवार को खाने में मूंग की दाल, चीला या अंकुरित मूंग शामिल करें।

कब: बुधवार

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करें / न करें

करें

  • मात्रा अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह के हिसाब से रखें
बुध

हरी सब्ज़ियाँ और हरे फल

बुधवार को पालक, लौकी, हरी मटर या अमरूद जैसी हरी चीज़ें थाली में रखें।

कब: बुधवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • किसी चीज़ से एलर्जी हो या डॉक्टर ने मना किया हो तो उसे न लें; सेहत के लिए डॉक्टर ही पहला सहारा
गुरु (बृहस्पति)
गुरु

गुरु का अनाज: चना (चने की दाल)

गुरुवार को खाने में चने की दाल, बेसन की कढ़ी या चीला शामिल करें।

कब: गुरुवार

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करें / न करें

करें

  • मात्रा अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह के हिसाब से रखें
गुरु

पीली चीज़ें: हल्दी, केला, पीले फल

गुरुवार को खाने में हल्दी, केला, पपीता या आम जैसी पीली चीज़ें रखें।

कब: गुरुवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • शुगर या किसी और कारण से डॉक्टर ने मीठे फल मना किए हों तो न लें; सेहत के लिए डॉक्टर ही पहला सहारा
शुक्र
शुक्र

शुक्र का अनाज: सेम (लोबिया जैसी फली)

शुक्रवार को खाने में चावल, सफ़ेद लोबिया (सेम) या राजमा शामिल करें।

कब: शुक्रवार

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करें / न करें

करें

  • मात्रा अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह के हिसाब से रखें
शुक्र

दूध, दही, खीर, मिश्री

शुक्रवार को दूध, दही या थोड़ी खीर लें; पूजा में मिश्री का भोग लगाएँ।

कब: शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • डॉक्टर ने दूध या मीठा मना किया हो तो न लें; सेहत के लिए डॉक्टर ही पहला सहारा
शनि
शनि

शनि का अनाज: काले तिल (साथ में उड़द)

शनिवार को भोजन में थोड़े काले तिल (जैसे तिल की चटनी या तिल-गुड़) या उड़द की दाल रखें। तिल का शनि से संबंध ग्रंथ में मिलता है; इसे भोजन में रखना परंपरा है।

कब: शनिवार, दोपहर या शाम का भोजन

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.28
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करें / न करें

करें

  • सादा, घर का बना भोजन; थोड़ी मात्रा काफ़ी है

न करें

  • कोई बीमारी, एलर्जी या ख़ास डाइट हो तो खान-पान बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें
शनि

किसी ज़रूरतमंद को तिल वाले चावल खिलाना

ग्रंथ में शनि के लिए तिल मिलाकर पकाए चावल ब्राह्मणों को खिलाने की बात है। आज के रूप में (परंपरा): घर पर तिल-चावल या तिल की खिचड़ी बनाकर किसी ज़रूरतमंद, मज़दूर या बुज़ुर्ग को आदर से खिलाएँ।

कब: शनिवार, या जब सुविधा हो

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.23–24
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राहु
राहु

राहु का अनाज: उड़द

शनिवार को भोजन में उड़द की दाल या उड़द से बनी कोई चीज़ रखें। उड़द का राहु से संबंध ग्रंथ में मिलता है; इसे भोजन में रखना परंपरा है।

कब: शनिवार

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करें / न करें

न करें

  • कोई बीमारी, एलर्जी या ख़ास डाइट हो तो खान-पान बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें
राहु

सादा, घर का भोजन

परंपरा राहु के लिए सादगी और संयम की सलाह देती है: सादा, समय पर और घर का बना भोजन, और नशे से दूरी।

कब: रोज़

परंपरा
करें / न करें

करें

  • भोजन समय पर
केतु
केतु

केतु का अनाज: कुलथी

भोजन में कभी-कभी कुलथी की दाल या सूप रखें। कुलथी का केतु से संबंध ग्रंथ में मिलता है; इसे भोजन में रखना परंपरा है।

कब: मंगलवार या शनिवार

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करें / न करें

न करें

  • कोई बीमारी, एलर्जी या ख़ास डाइट हो तो खान-पान बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें
केतु

किसी ज़रूरतमंद को मिले-जुले अनाज वाला चावल (जैसे खिचड़ी)

ग्रंथ में केतु के लिए अनाज मिलाकर पकाए चावल ब्राह्मणों को खिलाने की बात है। आज के रूप में (परंपरा): खिचड़ी बनाकर किसी ज़रूरतमंद को आदर से खिलाएँ।

कब: जब सुविधा हो

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