जड़ी (मूल): ग्रह की जड़

परंपरा में रत्न के सरल विकल्प के रूप में ग्रह की जड़ धारण करने का चलन है।

ग्रह से जुड़ी पौधे की जड़, कपड़े या ताबीज़ में धारण; परंपराएँ अलग-अलग जड़ बताती हैं।

सूर्य
सूर्य

बेल मूल

बेल की जड़ का छोटा टुकड़ा लाल कपड़े में बाँधकर, ताबीज़ की तरह दाईं भुजा या गले में पहनने की परंपरा है।

कब: रविवार, सूर्योदय के बाद

परंपरा
करें / न करें

करें

  • जड़ किसी भरोसेमंद जगह से लें।
चंद्र
चंद्र

खिरनी मूल

खिरनी की जड़ का छोटा टुकड़ा सफ़ेद कपड़े में बाँधकर, ताबीज़ की तरह गले या भुजा में पहनने की परंपरा है।

कब: सोमवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • जड़ किसी भरोसेमंद जगह से लें।
मंगल
मंगल

अनंतमूल

अनंतमूल की जड़ का छोटा टुकड़ा लाल कपड़े में बाँधकर, ताबीज़ की तरह दाईं भुजा या गले में पहनने की परंपरा है।

कब: मंगलवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • जड़ किसी भरोसेमंद जगह से लें।
बुध
बुध

विधारा मूल

परंपरा बुध के लिए विधारा की जड़ बताती है: बुधवार को हरे कपड़े में बाँधकर या हरे धागे में बाँह पर धारण करते हैं।

कब: बुधवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • भरोसेमंद जगह से लें; पहचान का तरीका 'असली कैसे पहचानें' गाइड में

न करें

  • जड़ को खाने या दवा की तरह इस्तेमाल न करें
गुरु (बृहस्पति)
गुरु

केले की जड़ या हल्दी की गाँठ

परंपरा गुरु के लिए केले की जड़ (या साबुत हल्दी की गाँठ) बताती है: गुरुवार को पीले कपड़े में बाँधकर या पीले धागे में बाँह पर धारण करते हैं।

कब: गुरुवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • हल्दी की गाँठ घर में आसानी से मिलती है, यह सबसे कम ख़र्च का रूप है

न करें

  • जड़ को खाने या दवा की तरह इस्तेमाल न करें
शुक्र
शुक्र

सरपंखा मूल या गूलर मूल

परंपरा शुक्र के लिए सरपंखा की जड़ (कुछ परंपराओं में गूलर की जड़) बताती है: शुक्रवार को सफ़ेद कपड़े में बाँधकर या सफ़ेद धागे में बाँह पर धारण करते हैं।

कब: शुक्रवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • भरोसेमंद जगह से लें; पहचान का तरीका 'असली कैसे पहचानें' गाइड में

न करें

  • जड़ को खाने या दवा की तरह इस्तेमाल न करें
शनि
शनि

बिच्छू बूटी की जड़ या शमी मूल

परंपरा में शनि के लिए बिच्छू बूटी (या कुछ जगह शमी) की जड़ बताई जाती है। इसे काले या नीले कपड़े में बाँधकर दाईं बाँह पर या गले में पहनते हैं। परंपराएँ अलग-अलग हैं।

कब: शनिवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें

  • असली की पहचान के लिए 'असली कैसे जाँचें' वाला बॉक्स देखें

न करें

  • जड़ खाने के लिए नहीं है; किसी बीमारी में सेहत के लिए डॉक्टर पहले
राहु
राहु

सफ़ेद चंदन या नागरमोथा की जड़

परंपरा में राहु के लिए सफ़ेद चंदन का टुकड़ा या नागरमोथा की जड़ बताई जाती है। नीले कपड़े में बाँधकर बाँह पर या गले में पहनते हैं। परंपराएँ अलग-अलग हैं।

कब: शनिवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • असली की पहचान के लिए 'असली कैसे जाँचें' वाला बॉक्स देखें

न करें

  • जड़ खाने के लिए नहीं है; किसी बीमारी में सेहत के लिए डॉक्टर पहले
केतु
केतु

अश्वगंधा की जड़

परंपरा में केतु के लिए अश्वगंधा की जड़ बताई जाती है। धूसर या दो-रंगे कपड़े में बाँधकर बाँह पर या गले में पहनते हैं। परंपराएँ अलग-अलग हैं।

कब: मंगलवार या शनिवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • असली की पहचान के लिए 'असली कैसे जाँचें' वाला बॉक्स देखें

न करें

  • यहाँ जड़ पहनने के लिए है, खाने के लिए नहीं; किसी बीमारी में सेहत के लिए डॉक्टर पहले

जड़ी / मूल असली है, कैसे जाँचें

  • जड़ ताज़ी है या सूखी, यह पूछें। परंपरा में ताज़ी जड़ उचित मुहूर्त में निकालने की बात है, पर बाज़ार में ज़्यादातर सूखी जड़ मिलती है; सूखी हो तो साफ़ बताया जाए।
  • पौधे का वानस्पतिक (बॉटनिकल) नाम पूछें, जैसे बेल: Aegle marmelos, अश्वगंधा: Withania somnifera, अनंतमूल: Hemidesmus indicus। नाम न बता पाएँ तो सावधान रहें।
  • किसी जानी-मानी पंसारी या जड़ी-बूटी की दुकान से लें, जहाँ वही जड़ दवा-काम के लिए भी बिकती हो; केवल 'ज्योतिष के लिए' बेचने वाले से अधिक सावधानी।
  • जड़ से हल्की प्राकृतिक गंध और रेशे दिखने चाहिए; एक जैसी चमकदार, रंगी या प्लास्टिक जैसी जड़ पर शक करें।
  • परंपराएँ एक ग्रह के लिए अलग-अलग जड़ बताती हैं; विक्रेता कोई और जड़ बताए तो इसका मतलब धोखा नहीं, बस पूछ लें कि किस परंपरा से।

इन बातों पर रुककर सोचिए

  • बिना सबूत 'अभिमंत्रित' या 'सिद्ध' कहकर कई गुना दाम।
  • किसी बीमारी को ठीक करने का दावा। जड़ी धारण करना दवा नहीं है; सेहत के लिए डॉक्टर पहले।
  • यह धारण करने के लिए है, खाने के लिए नहीं। त्वचा पर खुजली या जलन हो तो उतार दें।

डर दिखाकर, 'आज ही लें' कहकर या बहुत जल्दी में बेचा जाए तो रुक जाइए। सही चीज़ आराम से, बिल के साथ ख़रीदी जाती है।

हर ख़रीद पर पक्का बिल लें: विक्रेता का नाम, पता, GST नंबर (यदि हो), चीज़ का पूरा विवरण, वज़न, दाम और वापसी-नीति।

'अभिमंत्रित', 'सिद्ध', 'प्राण-प्रतिष्ठित' जैसे दावे तभी मानें जब विक्रेता लिखित में बताए कि किसने, कब और कैसे किया, और चाहें तो वीडियो या फ़ोटो दिखाए। ऐसा दावा दाम बढ़ाने का कारण न बने।

हम इसे नहीं बेचते; यह जानकारी आपको सही दाम पहचानने के लिए है।

लैब के नाम केवल उदाहरण हैं। दुकान अपनी सुविधा से चुनिए, और ऊपर दी जाँचें साथ रखिए।