रंग, वस्त्र और दिशा

ग्रह के वार पर उसके रंग के वस्त्र या फूल, और उससे जुड़ी दिशा का ध्यान। जैसे गुरु (बृहस्पति) के लिए पीला रंग और ईशान (उत्तर-पूर्व) दिशा, शनि के लिए गहरा रंग और पश्चिम दिशा।

ग्रह के वार पर उसके रंग के कपड़े या फूल, और उससे जुड़ी दिशा का ध्यान।

उदाहरण

  • गुरु: पीला रंग
    शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
    Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
  • शनि: रंग: गहरा (गहरा नीला, काला)
    शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
    Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)

ग्रह के रंग के वस्त्र और फूल: प्रश्न मार्ग में प्रतिकूल गोचर के प्रसंग में। दिशा का नियम अलग से परंपरा या स्रोत के साथ।

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)

सूर्य
सूर्य

लाल रंग

प्रश्न मार्ग सूर्य के लिए लाल रंग के वस्त्र और लाल फूलों से पूजा बताता है। रविवार को कोई लाल या केसरिया वस्त्र, रूमाल या दुपट्टा पहन सकते हैं।

कब: रविवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
सूर्य

पूर्व दिशा

जातक पारिजात सूर्य को पूर्व दिशा का स्वामी बताता है। सूर्य की पूजा या जप पूर्व की ओर मुख करके करें।

कब: सूर्योदय के समय

शास्त्र · Jātaka Pārijāta II.23
Jātaka Pārijāta II.23
सूर्य

ग्रह का चित्र उसकी दिशा में

BPHS कहता है कि ग्रहों के चित्र कपड़े पर उनके रंगों में (चंदन आदि से) बनाकर उनकी अपनी दिशा में रखे जाएँ। घर के पूजा-स्थान में सूर्य का चित्र पूर्व की ओर रख सकते हैं।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
करें / न करें

करें

  • रंग चुनना आपकी सुविधा पर है; ऑफ़िस या स्कूल के नियम पहले।
चंद्र
चंद्र

सफ़ेद रंग

प्रश्न मार्ग चंद्र के लिए सफ़ेद वस्त्र और सफ़ेद फूलों से पूजा बताता है। सोमवार को सफ़ेद या हल्के क्रीम रंग के कपड़े पहन सकते हैं।

कब: सोमवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
चंद्र

वायव्य (उत्तर-पश्चिम) दिशा

जातक पारिजात चंद्र को वायव्य (उत्तर-पश्चिम) दिशा का स्वामी बताता है।

कब: —

शास्त्र · Jātaka Pārijāta II.23
Jātaka Pārijāta II.23
चंद्र

ग्रह का चित्र उसकी दिशा में

BPHS कहता है कि ग्रहों के चित्र कपड़े पर उनके रंगों में बनाकर उनकी अपनी दिशा में रखे जाएँ। पूजा-स्थान में चंद्र का चित्र उत्तर-पश्चिम की ओर रख सकते हैं।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
करें / न करें

करें

  • रंग चुनना आपकी सुविधा पर है; ऑफ़िस या स्कूल के नियम पहले।
मंगल
मंगल

लाल रंग

प्रश्न मार्ग मंगल के लिए लाल रंग के वस्त्र और लाल फूलों से पूजा बताता है। मंगलवार को कोई लाल वस्त्र, रूमाल या धागा पहन सकते हैं।

कब: मंगलवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
मंगल

दक्षिण दिशा

जातक पारिजात मंगल को दक्षिण दिशा का स्वामी बताता है।

कब: —

शास्त्र · Jātaka Pārijāta II.23
Jātaka Pārijāta II.23
मंगल

ग्रह का चित्र उसकी दिशा में

BPHS कहता है कि ग्रहों के चित्र कपड़े पर उनके रंगों में बनाकर उनकी अपनी दिशा में रखे जाएँ। पूजा-स्थान में मंगल का चित्र दक्षिण की ओर रख सकते हैं।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
करें / न करें

करें

  • रंग चुनना आपकी सुविधा पर है; ऑफ़िस या स्कूल के नियम पहले।
बुध
बुध

हरा रंग

प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के लिए उनके रंग के वस्त्र और फूल बताता है; बुध का रंग हरा है। बुधवार को हरा कपड़ा, रुमाल या हरी किनारी पहनें, पूजा में हरे पत्ते या दूर्वा रखें।

कब: बुधवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • हल्का हरा भी चलेगा; बात रंग के स्मरण की है, फ़ैशन की नहीं
बुध

दिशा: उत्तर

फलदीपिका बुध की दिशा उत्तर बताती है। पढ़ते या लिखते समय उत्तर की ओर मुँह करके बैठ सकते हैं, और पूजा में बुध का स्थान उत्तर में रखें।

कब: पढ़ाई या पूजा के समय

शास्त्र · Phaladīpikā II.15 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā II.15 (V. S. Sastri)
गुरु
गुरु

पीला रंग

प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के लिए उनके रंग के वस्त्र और फूल बताता है; गुरु का रंग पीला है। गुरुवार को पीला कपड़ा या पीला रुमाल पहनें, पूजा में पीले फूल रखें।

कब: गुरुवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • हल्का पीला या केसरिया भी चलेगा
गुरु

दिशा: ईशान (उत्तर-पूर्व)

फलदीपिका गुरु की दिशा उत्तर-पूर्व (ईशान) बताती है। पूजा या पढ़ाई के समय उत्तर-पूर्व की ओर मुँह कर सकते हैं, और घर का ईशान कोना साफ़ रखें।

कब: पूजा या पढ़ाई के समय

शास्त्र · Phaladīpikā II.16 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā II.16 (V. S. Sastri)
शुक्र
शुक्र

सफ़ेद रंग

प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के लिए उनके रंग के वस्त्र और फूल बताता है; शुक्र का रंग सफ़ेद है। शुक्रवार को सफ़ेद या हल्के रंग के साफ़ कपड़े पहनें, पूजा में सफ़ेद फूल रखें।

कब: शुक्रवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
करें / न करें

करें

  • क्रीम, हल्का गुलाबी जैसे हल्के रंग भी चलेंगे
शुक्र

दिशा: आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)

फलदीपिका शुक्र की दिशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) बताती है। पूजा में शुक्र का स्थान दक्षिण-पूर्व में रखें।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · Phaladīpikā II.16 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā II.16 (V. S. Sastri)
शनि
शनि

रंग: गहरा (गहरा नीला, काला)

प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रह के लिए उसके रंग के कपड़े और फूल बताता है; शनि का रंग गहरा है। चाहें तो शनिवार को गहरे नीले या काले रंग का कोई कपड़ा पहनें, या पूजा में नीले फूल चढ़ाएँ।

कब: शनिवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
करें / न करें

न करें

  • किसी रंग से डरें नहीं; रंग पहनना केवल एक विकल्प है
शनि

दिशा: पश्चिम

BPHS शनि को पश्चिम दिशा में बलवान (दिग्बल) बताता है। परंपरा में शनि की पूजा या जाप करते समय पश्चिम की ओर मुँह करके बैठते हैं।

कब: पूजा या जाप के समय

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.16
Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.16
करें / न करें

करें

  • दिशा संभव न हो तो जैसे बैठ सकें वैसे बैठें; भाव ही मुख्य है
राहु
राहु

रंग: नीला / धुएँ जैसा

BPHS में राहु के ध्यान-स्वरूप का रंग नीला बताया गया है। चाहें तो शनिवार को नीले या धूसर रंग का कोई कपड़ा पहनें, या पूजा में नीले फूल चढ़ाएँ।

कब: शनिवार

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.12
BPHS (Santhanam) 84.12
करें / न करें

न करें

  • किसी रंग से डरें नहीं; रंग पहनना केवल एक विकल्प है
राहु

दिशा: नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)

नवग्रह-मंडल की परंपरा में राहु का स्थान दक्षिण-पश्चिम में होता है। राहु का जाप करते समय चाहें तो उस ओर मुँह करके बैठें।

कब: पूजा या जाप के समय

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.16
Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.16
करें / न करें

करें

  • दिशा संभव न हो तो जैसे बैठ सकें वैसे बैठें
केतु
केतु

रंग: धुएँ जैसा (धूसर)

BPHS में केतु के ध्यान-स्वरूप का रंग धुएँ जैसा बताया गया है। चाहें तो धूसर या हल्के भूरे रंग का कोई कपड़ा पहनें।

कब: मंगलवार या शनिवार

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.13
BPHS (Santhanam) 84.13
करें / न करें

न करें

  • किसी रंग से डरें नहीं; रंग पहनना केवल एक विकल्प है
केतु

वस्त्र: रंग-बिरंगा, मिले-जुले रंग का कपड़ा

फलदीपिका केतु को मिट्टी का बर्तन और कई रंगों वाला मिला-जुला वस्त्र देती है। पूजा में चितकबरा या दो-रंगा कपड़ा (जैसे आसन) रख सकते हैं।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.35
Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.35
केतु

दिशा: नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम); कुछ परंपराएँ वायव्य भी मानती हैं

नवग्रह-मंडल की परंपरा में केतु का स्थान उत्तर-पश्चिम में होता है। केतु का जाप करते समय चाहें तो उस ओर मुँह करके बैठें।

कब: पूजा या जाप के समय

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.16
Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.16
करें / न करें

करें

  • दिशा संभव न हो तो जैसे बैठ सकें वैसे बैठें