यंत्र

ग्रह का यंत्र, ताँबे या भोजपत्र पर, पूजा-स्थान में रखा जाता है।

ताँबे या भोजपत्र पर ग्रह का अंक-यंत्र, पूजा-स्थान पर; किसी शक्ति का दावा नहीं।

सूर्य
सूर्य

BPHS: सूर्य की प्रतिमा ताँबे की

BPHS पूजा के लिए सूर्य की प्रतिमा ताँबे की बताता है। इसी से ताँबा सूर्य की धातु मानी जाती है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
सूर्य

ताँबे का सूर्य यंत्र

ताँबे या भोजपत्र पर बना सूर्य यंत्र पूजा-स्थान में पूर्व की ओर रखें; रविवार को धूप-दीप और जप के समय उस पर ध्यान रखें।

कब: रविवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • साफ़ जगह रखें, धूल न जमने दें।
चंद्र
चंद्र

BPHS: चंद्र की प्रतिमा स्फटिक की

BPHS पूजा के लिए चंद्र की प्रतिमा स्फटिक (क्रिस्टल) की बताता है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
चंद्र

चंद्र यंत्र

चाँदी, ताँबे या भोजपत्र पर बना चंद्र यंत्र पूजा-स्थान में रखें; सोमवार को दीप और जप के समय उस पर ध्यान रखें।

कब: सोमवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • साफ़ जगह रखें, धूल न जमने दें।
मंगल
मंगल

BPHS: मंगल की प्रतिमा लाल चंदन की

BPHS पूजा के लिए मंगल की प्रतिमा लाल चंदन की लकड़ी की बताता है।

कब: —

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
मंगल

ताँबे का मंगल यंत्र

ताँबे या भोजपत्र पर बना मंगल यंत्र पूजा-स्थान में दक्षिण की ओर रखें; मंगलवार को दीप और जप के समय उस पर ध्यान रखें।

कब: मंगलवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • साफ़ जगह रखें, धूल न जमने दें।
बुध
बुध

बुध यंत्र

ताँबे की प्लेट या भोजपत्र पर बना बुध यंत्र बुधवार को घर के मंदिर में रखें; पूजा के समय दूर्वा और दीप के साथ उसका स्मरण करें।

कब: बुधवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • यंत्र को पूजा का एक आधार मानें; साफ़ और सूखी जगह रखें

न करें

  • 'सिद्ध' या 'चमत्कारी' जैसे दावों पर ज़्यादा पैसे न दें
गुरु (बृहस्पति)
गुरु

गुरु (गुरु) यंत्र

ताँबे की प्लेट या भोजपत्र पर बना गुरु यंत्र गुरुवार को घर के मंदिर में रखें; पूजा के समय पीले फूल और दीप के साथ उसका स्मरण करें।

कब: गुरुवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • यंत्र को पूजा का एक आधार मानें; साफ़ और सूखी जगह रखें

न करें

  • 'सिद्ध' या 'चमत्कारी' जैसे दावों पर ज़्यादा पैसे न दें
शुक्र
शुक्र

शुक्र यंत्र

ताँबे की प्लेट या भोजपत्र पर बना शुक्र यंत्र शुक्रवार को घर के मंदिर में रखें; पूजा के समय सफ़ेद फूल और दीप के साथ उसका स्मरण करें।

कब: शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • यंत्र को पूजा का एक आधार मानें; साफ़ और सूखी जगह रखें

न करें

  • 'सिद्ध' या 'चमत्कारी' जैसे दावों पर ज़्यादा पैसे न दें
शनि
शनि

शनि यंत्र

ताँबे या भोजपत्र पर बना शनि यंत्र घर के पूजा-स्थान पर रखें और शनिवार को दीपक के साथ प्रणाम करें। यह ध्यान और पूजा का साधन है।

कब: शनिवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • किसी यंत्र को 'शक्ति' या पक्के नतीजे के दावे के साथ न ख़रीदें
शनि

ग्रंथ में: प्रतिमा या कपड़े पर चित्र

BPHS पूजा के लिए शनि की लोहे की प्रतिमा, या कपड़े पर ग्रह के रंग से बना चित्र, उसकी दिशा में रखने को कहता है।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
राहु
राहु

राहु यंत्र

ताँबे या भोजपत्र पर बना राहु यंत्र घर के पूजा-स्थान पर रखें और शनिवार को दीपक के साथ प्रणाम करें। यह ध्यान और पूजा का साधन है।

कब: शनिवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • किसी यंत्र को 'शक्ति' या पक्के नतीजे के दावे के साथ न ख़रीदें
राहु

ग्रंथ में: प्रतिमा या कपड़े पर चित्र

BPHS पूजा के लिए राहु की काँच की प्रतिमा, या कपड़े पर ग्रह के रंग से बना चित्र, उसकी दिशा में रखने को कहता है।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
केतु
केतु

केतु यंत्र

ताँबे या भोजपत्र पर बना केतु यंत्र घर के पूजा-स्थान पर रखें और दीपक के साथ प्रणाम करें। यह ध्यान और पूजा का साधन है।

कब: मंगलवार या शनिवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • किसी यंत्र को 'शक्ति' या पक्के नतीजे के दावे के साथ न ख़रीदें
केतु

ग्रंथ में: प्रतिमा या कपड़े पर चित्र

BPHS पूजा के लिए केतु की काँसे की प्रतिमा, या कपड़े पर ग्रह के रंग से बना चित्र, उसकी दिशा में रखने को कहता है।

कब: पूजा के समय

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5

यंत्र ठीक बना है, कैसे जाँचें

  • सामग्री पूछें: ताँबा, चाँदी या भोजपत्र। ताँबे पर पीतल या रंगी हुई चादर भी बिकती है; बिल पर धातु लिखवाएँ।
  • मोटाई: बहुत पतली चादर हाथ में आसानी से मुड़ जाती है। मोटाई या वज़न लिखित में पूछें।
  • खुदाई साफ़ हो: अंक और रेखाएँ साफ़ पढ़ी जा सकें, धुंधली छपाई या स्टिकर न हो।
  • अंक-वर्ग सही हो: ग्रह-यंत्र के हर पंक्ति, स्तंभ और विकर्ण का जोड़ बराबर होना चाहिए। आम परंपरा में यह जोड़: सूर्य 15, चंद्र 18, मंगल 21, बुध 24, गुरु 27, शुक्र 30, शनि 33, राहु 36, केतु 39 (परंपराएँ अलग हो सकती हैं; किसी पंचांग या पुस्तक से मिला लें)।
  • भोजपत्र असली भूर्ज-छाल होता है, जिसकी परतें और रेशे दिखते हैं; छपा हुआ काग़ज़ भोजपत्र नहीं।

इन बातों पर रुककर सोचिए

  • बिना सबूत 'सिद्ध' या 'प्राण-प्रतिष्ठित' कहकर ऊँचा दाम।
  • किसी परिणाम की गारंटी का दावा।

डर दिखाकर, 'आज ही लें' कहकर या बहुत जल्दी में बेचा जाए तो रुक जाइए। सही चीज़ आराम से, बिल के साथ ख़रीदी जाती है।

हर ख़रीद पर पक्का बिल लें: विक्रेता का नाम, पता, GST नंबर (यदि हो), चीज़ का पूरा विवरण, वज़न, दाम और वापसी-नीति।

'अभिमंत्रित', 'सिद्ध', 'प्राण-प्रतिष्ठित' जैसे दावे तभी मानें जब विक्रेता लिखित में बताए कि किसने, कब और कैसे किया, और चाहें तो वीडियो या फ़ोटो दिखाए। ऐसा दावा दाम बढ़ाने का कारण न बने।

हम इसे नहीं बेचते; यह जानकारी आपको सही दाम पहचानने के लिए है।

लैब के नाम केवल उदाहरण हैं। दुकान अपनी सुविधा से चुनिए, और ऊपर दी जाँचें साथ रखिए।