रुद्राक्ष: मुख और ग्रह

रुद्राक्ष के मुख उसकी सतह पर ऊपर से नीचे जाती प्राकृतिक धारियाँ हैं, और परंपरा अलग मुखों को अलग ग्रहों और देवताओं से जोड़ती है। इस गाइड में हर मुख का ग्रह, धारण की रीति, X-ray प्रमाणपत्र से असली पहचान, ख़रीदते समय पूछने की बातें और बाज़ार के आम दाम हैं।

परंपरा में अलग-अलग मुख वाले रुद्राक्ष अलग ग्रहों से जुड़े माने जाते हैं।

ग्रह से जुड़े मुख का रुद्राक्ष (जैसे शनि के लिए 7 मुखी), असली की जाँच के साथ।

सूर्य
सूर्य

एक मुखी रुद्राक्ष

परंपरा एक मुखी रुद्राक्ष को सूर्य से जोड़ती है। लाल धागे में पहनें, पहले 'ॐ नमः शिवाय' की एक माला।

कब: रविवार या सोमवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • गोल एक मुखी बहुत दुर्लभ है और नकली बहुत मिलते हैं; इस दाम में प्रायः अर्धचंद्र (काजू) आकार वाला मिलता है। परख के बिना न लें।
चंद्र
चंद्र

दो मुखी रुद्राक्ष

परंपरा दो मुखी रुद्राक्ष को चंद्र से जोड़ती है। सफ़ेद या लाल धागे में, 'ॐ नमः शिवाय' की एक माला के बाद पहनें।

कब: सोमवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • बिना परख (एक्स-रे/लैब रिपोर्ट) के महँगा रुद्राक्ष न लें।
मंगल
मंगल

तीन मुखी रुद्राक्ष

परंपरा तीन मुखी रुद्राक्ष को मंगल से जोड़ती है। लाल धागे में, 'ॐ नमः शिवाय' की एक माला के बाद पहनें।

कब: मंगलवार या सोमवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • बिना परख (एक्स-रे/लैब रिपोर्ट) के महँगा रुद्राक्ष न लें।
बुध
बुध

चार मुखी रुद्राक्ष

परंपरा चार मुखी रुद्राक्ष को बुध से जोड़ती है। लाल या हरे धागे में गले में या कलाई पर पहनें।

कब: बुधवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • एक्स-रे या लैब रिपोर्ट वाला लें; मुखी की धारियाँ ऊपर से नीचे तक साफ़ दिखें

न करें

  • चिपकाए या तराशे हुए 'रुद्राक्ष' से बचें; बहुत सस्ते या बहुत महँगे दावों पर भरोसा न करें
गुरु (बृहस्पति)
गुरु

पाँच मुखी रुद्राक्ष

परंपरा पाँच मुखी रुद्राक्ष को गुरु से जोड़ती है। पीले या लाल धागे में गले में या कलाई पर पहनें। यह सबसे आम रुद्राक्ष है, इसलिए दाम भी कम होना चाहिए।

कब: गुरुवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • एक्स-रे या लैब रिपोर्ट वाला लें; मुखी की धारियाँ ऊपर से नीचे तक साफ़ दिखें

न करें

  • पाँच मुखी के लिए बहुत ज़्यादा दाम न दें; चिपकाए या तराशे हुए नकली से बचें
शुक्र
शुक्र

छह मुखी रुद्राक्ष

परंपरा छह मुखी रुद्राक्ष को शुक्र से जोड़ती है। सफ़ेद या लाल धागे में गले में या कलाई पर पहनें।

कब: शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • एक्स-रे या लैब रिपोर्ट वाला लें; मुखी की धारियाँ ऊपर से नीचे तक साफ़ दिखें

न करें

  • चिपकाए या तराशे हुए 'रुद्राक्ष' से बचें; बहुत सस्ते या बहुत महँगे दावों पर भरोसा न करें
शनि
शनि

सात मुखी रुद्राक्ष

परंपरा सात मुखी रुद्राक्ष को शनि से जोड़ती है। लाल या काले धागे में गले या कलाई में पहनते हैं।

कब: शनिवार या सोमवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • मुख गिनकर और 'असली कैसे जाँचें' बॉक्स देखकर ही लें

न करें

  • बहुत सस्ते या 'चमत्कारी' बताए गए दाने से बचें
राहु
राहु

आठ मुखी रुद्राक्ष

परंपरा आठ मुखी रुद्राक्ष को राहु से जोड़ती है। लाल या काले धागे में गले या कलाई में पहनते हैं।

कब: शनिवार या सोमवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • मुख गिनकर और 'असली कैसे जाँचें' बॉक्स देखकर ही लें

न करें

  • बहुत सस्ते या 'चमत्कारी' बताए गए दाने से बचें
केतु
केतु

नौ मुखी रुद्राक्ष

परंपरा नौ मुखी रुद्राक्ष को केतु से जोड़ती है। लाल या काले धागे में गले या कलाई में पहनते हैं।

कब: मंगलवार या सोमवार

परंपरा
करें / न करें

करें

  • मुख गिनकर और 'असली कैसे जाँचें' बॉक्स देखकर ही लें

न करें

  • बहुत सस्ते या 'चमत्कारी' बताए गए दाने से बचें

रुद्राक्ष असली है, कैसे जाँचें

  • मुख गिनना: रुद्राक्ष पर ऊपर (छेद वाले सिरे) से नीचे तक जाने वाली प्राकृतिक धारियाँ ही 'मुख' हैं। हर धारी पूरी लंबाई में चलनी चाहिए; बीच में रुकने वाली या टेढ़ी कटी लकीर मुख नहीं।
  • धारियाँ प्राकृतिक दिखें: किनारे मुलायम, गहराई एक-सी। बहुत तीखी, नई कटी या असमान गहराई वाली लकीर अक्सर बाद में खोदी जाती है।
  • दो दानों को चिपकाकर एक बनाना (ख़ासकर गौरी-शंकर और ज़्यादा मुख वाले) आम धोखा है। जोड़ की बारीक रेखा या गोंद का निशान देखें।
  • लकड़ी, प्लास्टिक या रेज़िन के साँचे से बने नकली दाने मिलते हैं: एकदम एक जैसे दाने, हल्का वज़न या ढले हुए उभार शक पैदा करें।
  • पानी में डूबने-तैरने की जाँच भरोसेमंद नहीं: असली दाना भी तैर सकता है (सूखा या खोखला हो तो) और नकली भी डूब सकता है (भारी सामग्री या भराव हो तो)। ताँबे के सिक्कों के बीच घूमने वाली जाँच भी भरोसेमंद नहीं।
  • ज़्यादा मुख वाले या महँगे दाने के लिए X-ray / लैब प्रमाणपत्र मिलते हैं: X-ray में अंदर के खाने (बीज) की गिनती मुखों के बराबर होनी चाहिए। प्रमाणपत्र पर नंबर और दाने की फ़ोटो हो, और लैब से नंबर जाँचा जा सके।
  • नेपाल के (बड़े) और इंडोनेशिया के (छोटे) दोनों रुद्राक्ष असली होते हैं; बस मूल-स्थान बिल पर लिखा हो, क्योंकि दाम में बड़ा अंतर होता है।

इन बातों पर रुककर सोचिए

  • 1, 8 और 9 मुखी महँगे होते हैं और इनमें नकली सबसे ज़्यादा मिलते हैं। गोल 1 मुखी बहुत दुर्लभ बताया जाता है; बाज़ार का 1 मुखी प्रायः अर्धचंद्र (काजू) आकार का होता है, और वह भी साफ़ बताया जाना चाहिए।
  • बहुत सस्ते में 'दुर्लभ' मुख, या बिना सबूत 'अभिमंत्रित'।

डर दिखाकर, 'आज ही लें' कहकर या बहुत जल्दी में बेचा जाए तो रुक जाइए। सही चीज़ आराम से, बिल के साथ ख़रीदी जाती है।

हर ख़रीद पर पक्का बिल लें: विक्रेता का नाम, पता, GST नंबर (यदि हो), चीज़ का पूरा विवरण, वज़न, दाम और वापसी-नीति।

'अभिमंत्रित', 'सिद्ध', 'प्राण-प्रतिष्ठित' जैसे दावे तभी मानें जब विक्रेता लिखित में बताए कि किसने, कब और कैसे किया, और चाहें तो वीडियो या फ़ोटो दिखाए। ऐसा दावा दाम बढ़ाने का कारण न बने।

₹75–₹500 बाज़ार में आम दाम · 5 मुखी (एक दाना)

नीचे दिए दाम सामान्य बाज़ार-दायरे हैं; शहर और गुणवत्ता के हिसाब से दाम अलग होते हैं।

हम इसे नहीं बेचते; यह जानकारी आपको सही दाम पहचानने के लिए है।

लैब के नाम केवल उदाहरण हैं। दुकान अपनी सुविधा से चुनिए, और ऊपर दी जाँचें साथ रखिए।