2 मुखी रुद्राक्ष · चंद्र

रुद्राक्ष के "मुख" उसकी सतह पर ऊपर से नीचे जाती प्राकृतिक धारियाँ हैं; हर मुख के भीतर एक बीज-खाना होता है।

चंद्र

दो मुखी रुद्राक्ष

परंपरा दो मुखी रुद्राक्ष को चंद्र से जोड़ती है। सफ़ेद या लाल धागे में, 'ॐ नमः शिवाय' की एक माला के बाद पहनें।

कब: सोमवार

परंपरा
करें / न करें

न करें

  • बिना परख (एक्स-रे/लैब रिपोर्ट) के महँगा रुद्राक्ष न लें।

ख़रीदते समय पूछिए: मुख की संख्या, मूल स्थान, आकार (mm), X-ray प्रमाणपत्र, लौटाने की शर्तें।

रुद्राक्ष असली है, कैसे जाँचें

  • मुख गिनना: रुद्राक्ष पर ऊपर (छेद वाले सिरे) से नीचे तक जाने वाली प्राकृतिक धारियाँ ही 'मुख' हैं। हर धारी पूरी लंबाई में चलनी चाहिए; बीच में रुकने वाली या टेढ़ी कटी लकीर मुख नहीं।
  • धारियाँ प्राकृतिक दिखें: किनारे मुलायम, गहराई एक-सी। बहुत तीखी, नई कटी या असमान गहराई वाली लकीर अक्सर बाद में खोदी जाती है।
  • दो दानों को चिपकाकर एक बनाना (ख़ासकर गौरी-शंकर और ज़्यादा मुख वाले) आम धोखा है। जोड़ की बारीक रेखा या गोंद का निशान देखें।
  • लकड़ी, प्लास्टिक या रेज़िन के साँचे से बने नकली दाने मिलते हैं: एकदम एक जैसे दाने, हल्का वज़न या ढले हुए उभार शक पैदा करें।
  • पानी में डूबने-तैरने की जाँच भरोसेमंद नहीं: असली दाना भी तैर सकता है (सूखा या खोखला हो तो) और नकली भी डूब सकता है (भारी सामग्री या भराव हो तो)। ताँबे के सिक्कों के बीच घूमने वाली जाँच भी भरोसेमंद नहीं।
  • ज़्यादा मुख वाले या महँगे दाने के लिए X-ray / लैब प्रमाणपत्र मिलते हैं: X-ray में अंदर के खाने (बीज) की गिनती मुखों के बराबर होनी चाहिए। प्रमाणपत्र पर नंबर और दाने की फ़ोटो हो, और लैब से नंबर जाँचा जा सके।
  • नेपाल के (बड़े) और इंडोनेशिया के (छोटे) दोनों रुद्राक्ष असली होते हैं; बस मूल-स्थान बिल पर लिखा हो, क्योंकि दाम में बड़ा अंतर होता है।

इन बातों पर रुककर सोचिए

  • 1, 8 और 9 मुखी महँगे होते हैं और इनमें नकली सबसे ज़्यादा मिलते हैं। गोल 1 मुखी बहुत दुर्लभ बताया जाता है; बाज़ार का 1 मुखी प्रायः अर्धचंद्र (काजू) आकार का होता है, और वह भी साफ़ बताया जाना चाहिए।
  • बहुत सस्ते में 'दुर्लभ' मुख, या बिना सबूत 'अभिमंत्रित'।

डर दिखाकर, 'आज ही लें' कहकर या बहुत जल्दी में बेचा जाए तो रुक जाइए। सही चीज़ आराम से, बिल के साथ ख़रीदी जाती है।

हर ख़रीद पर पक्का बिल लें: विक्रेता का नाम, पता, GST नंबर (यदि हो), चीज़ का पूरा विवरण, वज़न, दाम और वापसी-नीति।

'अभिमंत्रित', 'सिद्ध', 'प्राण-प्रतिष्ठित' जैसे दावे तभी मानें जब विक्रेता लिखित में बताए कि किसने, कब और कैसे किया, और चाहें तो वीडियो या फ़ोटो दिखाए। ऐसा दावा दाम बढ़ाने का कारण न बने।

हम इसे नहीं बेचते; यह जानकारी आपको सही दाम पहचानने के लिए है।

लैब के नाम केवल उदाहरण हैं। दुकान अपनी सुविधा से चुनिए, और ऊपर दी जाँचें साथ रखिए।

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