राहु और केतु के लिए रत्न (गोमेद, लहसुनिया) साइट पर नहीं सुझाए जाते, क्योंकि वे किसी राशि के स्वामी नहीं और परंपराएँ अलग हैं। उनके लिए ₹0 उपाय ही दिखते हैं; रत्न-गाइड में केवल जानकारी।
केतु
जानकारी: लहसुनिया (वैदूर्य); उपरत्न टाइगर आई
प्रश्न मार्ग ग्रहों के रत्न बताते हुए केतु के लिए वैदूर्य (लहसुनिया) बताता है (गोचर के प्रसंग में)। परंपरा में इसका उपरत्न टाइगर आई माना जाता है। साइट केतु के लिए कोई रत्न नहीं सुझाती, क्योंकि केतु किसी राशि का स्वामी नहीं और परंपराएँ अलग हैं।
कब: —
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें
न करें
कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं; केतु के लिए ₹0 उपाय ही सुझाए जाते हैं
केतु
ग्रंथों में अंतर
फलदीपिका (शास्त्री के अनुवाद) में केतु का रत्न 'lapis lazuli या turquoise' लिखा है। रत्नों के नाम और अनुवाद ग्रंथों में अलग-अलग मिलते हैं; यह भी एक कारण है कि साइट केतु के लिए रत्न नहीं सुझाती।
कब: —
शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.29
Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.29
रत्न और उपरत्न असली हैं, कैसे जाँचें
पहले देखें कि यह ग्रह आपकी कुंडली का शुभ स्वामी है या नहीं (gem rule)। कोई रत्न ज़रूरी नहीं; ₹0 उपाय पहले।
कोई रत्न डॉक्टर के इलाज की जगह नहीं लेता।
डर या दबाव में कभी न ख़रीदें। जो ज्योतिषी ख़ुद ही रत्न बेचे, उसकी सलाह पर दूसरी राय लेना ठीक है।
मान्य लैब का प्रमाणपत्र लें (उदाहरण: GTL जयपुर, IGI, GIA)। प्रमाणपत्र के नंबर को लैब की वेबसाइट पर ख़ुद जाँचें; फ़ोटो, वज़न और माप पत्थर से मिलने चाहिए।
प्राकृतिक, सिंथेटिक (लैब में बना) और ट्रीटेड, ये तीन अलग चीज़ें हैं। ट्रीटमेंट जैसे हीट, ग्लास-फ़िलिंग (ख़ासकर माणिक्य में), डाई (रंगाई), ऑयलिंग (पन्ने में)। विक्रेता से यह लिखित में लें कि पत्थर प्राकृतिक है या नहीं और कौन-सा ट्रीटमेंट है।
मोती: बाज़ार के ज़्यादातर मोती 'कल्चर्ड' होते हैं; प्राकृतिक मोती दुर्लभ और बहुत महँगा। मूँगा: रंगा हुआ या पाउडर से जोड़ा (रिकंस्टिट्यूटेड) मूँगा भी बिकता है। यह साफ़ लिखा होना चाहिए।
वज़न कैरेट और रत्ती में लिखवाएँ। आम तौर पर 1 रत्ती ≈ 0.91 कैरेट माना जाता है, पर विक्रेता अलग-अलग रत्ती मानते हैं; इसलिए बिल पर कैरेट में वज़न ज़रूर हो।
पक्का बिल लें जिसमें विक्रेता का नाम-पता, पत्थर का नाम, प्राकृतिक/ट्रीटेड, वज़न, प्रमाणपत्र नंबर और वापसी-नीति लिखी हो। वापसी-नीति ख़रीदने से पहले पूछें।
उपरत्न (जैसे जामुनिया, सुनैला, पेरिडॉट, मूनस्टोन) भी असली-नकली दोनों मिलते हैं; उनके लिए भी 'प्राकृतिक' लिखवाएँ।
इन बातों पर रुककर सोचिए
बिना प्रमाणपत्र 'सौ टका असली' का दावा, या ऐसा प्रमाणपत्र जिसका नंबर लैब की साइट पर न मिले।
रत्न से धन, शादी, नौकरी या सेहत का वादा।
'आज न पहना तो नुकसान होगा' जैसा डर।
डर दिखाकर, 'आज ही लें' कहकर या बहुत जल्दी में बेचा जाए तो रुक जाइए। सही चीज़ आराम से, बिल के साथ ख़रीदी जाती है।
हर ख़रीद पर पक्का बिल लें: विक्रेता का नाम, पता, GST नंबर (यदि हो), चीज़ का पूरा विवरण, वज़न, दाम और वापसी-नीति।
'अभिमंत्रित', 'सिद्ध', 'प्राण-प्रतिष्ठित' जैसे दावे तभी मानें जब विक्रेता लिखित में बताए कि किसने, कब और कैसे किया, और चाहें तो वीडियो या फ़ोटो दिखाए। ऐसा दावा दाम बढ़ाने का कारण न बने।
हम इसे नहीं बेचते; यह जानकारी आपको सही दाम पहचानने के लिए है।
लैब के नाम केवल उदाहरण हैं। दुकान अपनी सुविधा से चुनिए, और ऊपर दी जाँचें साथ रखिए।
हम साइट को बेहतर बनाने के लिए कुछ आँकड़े (जैसे कौन-सा पन्ना खुला) गिनते हैं। आपका जन्म विवरण सिर्फ़ आपके डिवाइस पर रहता है, जब तक आप उसे भेजें नहीं। विस्तार से पढ़ें