उपाय

अब जन्म विवरण डालिए

जन्म तारीख

जितना सही समय, उतनी साफ़ कुंडली। अस्पताल का कार्ड या घर के बड़ों से पूछ सकते हैं।

सूची से अपना स्थान चुनिए।

आपका विवरण कुंडली बनाने के लिए ही उपयोग होता है। गोपनीयता नीति

जन्म तारीख, समय और जगह डालिए। आपकी पूरी कुंडली तुरंत सामने: लग्न, राशि, नक्षत्र, D1 से D60 तक सभी 16 वर्ग, दशा, अष्टकवर्ग, षड्बल, और इसकी PDF WhatsApp पर।

उदाहरण कुंडली · राधिका

यह एक उदाहरण है। अपना विवरण डालते ही आपकी अपनी कुंडली दिखेगी।

उपाय उदाहरण कुंडली

लग्न मकर चंद्र वृश्चिक ज्येष्ठा 2

1 · विषय चुनिए

काम का सफ़र सबका अलग होता है। परंपरा करियर को 10वें भाव और कुछ ग्रहों से जोड़ती है; नीचे उन ग्रहों के ₹0 से शुरू होने वाले विकल्प हैं। चुनाव आपका है।

2 · इस विषय से जुड़े ग्रह

3 · उपाय, सबसे सरल पहले

परंपरा शुक्र को जीवनसाथी, कला, संगीत, सुंदरता, सुख-सुविधा और घर की स्त्रियों से जोड़ती है। नीचे शुक्र से जुड़े उपाय विकल्प के रूप में हैं: ₹0 वाले पहले, फिर बाकी; कौन-सा अपनाना है, यह आपका चुनाव है।

आहार · ₹0

शुक्र का अनाज: सेम (लोबिया जैसी फली)

शुक्रवार को खाने में चावल, सफ़ेद लोबिया (सेम) या राजमा शामिल करें।

शुक्रवार

शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
करें / न करें

करें: मात्रा अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह के हिसाब से रखें

दूध, दही, खीर, मिश्री

शुक्रवार को दूध, दही या थोड़ी खीर लें; पूजा में मिश्री का भोग लगाएँ।

शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

न करें: डॉक्टर ने दूध या मीठा मना किया हो तो न लें; सेहत के लिए डॉक्टर ही पहला सहारा

व्रत · ₹0

शुक्रवार का व्रत

शुक्रवार को एक समय सादा, सफ़ेद भोजन (जैसे खीर, चावल) लें; लक्ष्मी जी या देवी का स्मरण करें। उत्तर भारत में शुक्रवार का संतोषी माता व्रत भी प्रचलित है, जिसमें खट्टा नहीं खाया जाता।

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष के शुक्रवार से शुरुआत

परंपरा
करें / न करें

करें: कितने शुक्रवार करने हैं, यह अपनी सुविधा से तय करें; परंपरा में प्रायः 16 या 21 बताए जाते हैं

न करें: स्वास्थ्य ठीक न हो, गर्भावस्था या दवा चल रही हो तो व्रत न करें या डॉक्टर से पूछें

आचरण / कर्म · ₹0

बड़ों का कहा मानना, अच्छे ग्रंथ सुनना, मन साफ़ रखना

प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के लिए यह आचरण बताता है: बड़ों की बात मानना, वेद-पुराण सुनना, मन को शुद्ध रखना। रोज़ कुछ देर कोई अच्छा ग्रंथ पढ़ें या सुनें।

रोज़

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)

शुक्र किन बातों का कारक है

फलदीपिका भाव-कारकों में शुक्र को सातवें भाव (जीवनसाथी) का कारक बताती है। इसलिए शुक्र के उपाय में जीवनसाथी के सम्मान पर ध्यान दिया जाता है (आचरण का यह रूप परंपरा है)।

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शास्त्र · Phaladīpikā XV.17 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā XV.17 (V. S. Sastri)

जीवनसाथी और घर की स्त्रियों का सम्मान

जीवनसाथी की बात ध्यान से सुनें, घर की स्त्रियों का आदर करें, घर और अपने आप को साफ़-सुथरा रखें, और संगीत, चित्रकला या किसी कला के लिए थोड़ा समय निकालें।

रोज़, ख़ासकर शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

न करें: किसी स्त्री का अपमान, या दिखावे के लिए फ़िज़ूलख़र्ची न करें

रंग / वस्त्र / दिशा · ₹0

सफ़ेद रंग

प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के लिए उनके रंग के वस्त्र और फूल बताता है; शुक्र का रंग सफ़ेद है। शुक्रवार को सफ़ेद या हल्के रंग के साफ़ कपड़े पहनें, पूजा में सफ़ेद फूल रखें।

शुक्रवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
करें / न करें

करें: क्रीम, हल्का गुलाबी जैसे हल्के रंग भी चलेंगे

दिशा: आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)

फलदीपिका शुक्र की दिशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) बताती है। पूजा में शुक्र का स्थान दक्षिण-पूर्व में रखें।

पूजा के समय

शास्त्र · Phaladīpikā II.16 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā II.16 (V. S. Sastri)

सेवा · ₹0

गाय को रोटी या चारा

शुक्रवार को किसी गाय या गौशाला में रोटी या हरा चारा खिलाएँ।

शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

न करें: बासी, नमकीन या प्लास्टिक में लिपटा खाना जानवरों को न दें

चींटियों को आटा और शक्कर

घर से दूर किसी पेड़ के नीचे थोड़ा आटा और शक्कर मिलाकर रखें।

शुक्रवार

लोक मान्यता

वृक्ष सेवा · ₹0

गूलर

बृहत् पराशर होरा शास्त्र हवन में शुक्र की समिधा गूलर बताता है, इसलिए परंपरा इसे शुक्र का पेड़ मानती है। शुक्रवार को गूलर में जल दें या खुली जगह में गूलर लगाएँ (जल देना और लगाना परंपरा है)।

शुक्रवार

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.21–22
BPHS (Santhanam) 84.21–22
करें / न करें

करें: गूलर बड़ा पेड़ बनता है; दीवार या नींव से दूर, अनुमति लेकर लगाएँ

सफ़ेद फूलों वाले पौधे

घर में चमेली, मोगरा या रातरानी जैसे सफ़ेद फूलों वाले पौधे लगाकर शुक्रवार को उनकी देखभाल करें।

शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

न करें: पेड़-पौधों की टहनी या फूल बेवजह न तोड़ें

मंत्र जाप / स्तोत्र / पाठ · ₹0

नाम मंत्र: ॐ शुक्राय नमः

सुबह नहाकर शांत जगह बैठें और 'ॐ शुक्राय नमः' का 108 बार (एक माला) जाप करें।

शुक्रवार सुबह, या रोज़

परंपरा
करें / न करें

करें: जाप को मन को एकाग्र करने में सहायक माना जाता है; गिनती से ज़्यादा ध्यान भाव पर रखें

बीज मंत्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

तांत्रिक परंपरा का बीज मंत्र; शुक्रवार को 108 बार जाप करें।

शुक्रवार

परंपरा

श्री सूक्त या दुर्गा सप्तशती का पाठ

फलदीपिका ग्रहों के देवताओं में शुक्र की अधिदेवता लक्ष्मी बताती है। शुक्रवार को श्री सूक्त पढ़ें या सुनें, या दुर्गा सप्तशती का कोई अध्याय (स्तोत्र का चुनाव परंपरा है)।

शुक्रवार

शास्त्र · Phaladīpikā II.27 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā II.27 (V. S. Sastri)
करें / न करें

न करें: उच्चारण कठिन लगे तो सुनना भी पूरा है

दीप दान / मंदिर दर्शन / तीर्थ · ₹0

घी का दीप

बृहत् पराशर होरा शास्त्र ग्रह-पूजा में उसके रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और धूप चढ़ाने की बात कहता है। शुक्रवार शाम घर के मंदिर में घी का दीप जलाएँ और सफ़ेद फूल रखें (घी का दीप परंपरा है)।

शुक्रवार शाम

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16

लक्ष्मी या देवी मंदिर दर्शन

शुक्रवार को लक्ष्मी जी या किसी देवी मंदिर में दर्शन करें, सफ़ेद फूल चढ़ाएँ; नवग्रह मंदिर में शुक्र के दर्शन भी कर सकते हैं।

शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

न करें: मंदिर-दर्शन को किसी फल की शर्त न बनाएँ; यह श्रद्धा का समय है

लाल किताब · ₹0

गाय को ज्वार या चारा

शुक्रवार को किसी गाय को थोड़ी ज्वार या हरा चारा खिलाएँ।

शुक्रवार

लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)

साफ़ कपड़े और हल्की सुगंध

लाल किताब शुक्र को साफ़-सफ़ाई और सुगंध से जोड़ती है; साफ़ कपड़े पहनें और हल्का इत्र या चंदन लगाएँ।

रोज़, ख़ासकर शुक्रवार

लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
करें / न करें

न करें: सुगंध से एलर्जी हो तो न लगाएँ

जीवनसाथी का सम्मान

लाल किताब शुक्र को जीवनसाथी से जोड़ती है; जीवनसाथी से आदर से बात करें और घर के कामों में हाथ बँटाएँ।

रोज़

लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)

लाल किताब एक अलग परंपरा है; ये उसके सरल, हानि-रहित टोटके हैं।

दान · ₹0–₹51

शास्त्र में बताया दान: घोड़ा, चाँदी

बृहत् पराशर होरा शास्त्र (84.25) शुक्र के लिए घोड़े का दान, और प्रश्न मार्ग चाँदी और सफ़ेद घोड़े का दान बताता है। यह जानकारी है; अपनी सामर्थ्य से बाहर कुछ न करें।

शुक्रवार

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.30 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.30 (Raman tr.)

आज का छोटा रूप: चावल, दूध, मिश्री, सफ़ेद कपड़ा

शुक्रवार को किसी ज़रूरतमंद को चावल, दूध या मिश्री दें, या किसी स्त्री को साफ़ सफ़ेद कपड़ा।

शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

न करें: उधार लेकर या दिखावे के लिए दान न करें

किसी को घी-चावल खिलाना

बृहत् पराशर होरा शास्त्र शुक्र के लिए ब्राह्मण-भोजन में घी वाले चावल बताता है। आज का रूप (परंपरा): किसी ज़रूरतमंद को घी-चावल खिलाएँ।

शुक्रवार

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.23–24
BPHS (Santhanam) 84.23–24

औषधि स्नान · ₹0–₹99

ग्रह के अनुसार औषधि-जल से स्नान

प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के लिए 'उस ग्रह की औषधियों वाले जल' से स्नान बताता है।

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शास्त्र · Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)

शुक्र के लिए: इलायची, सफ़ेद फूल, थोड़ा केसर

बाल्टी भर पानी में दो-तीन कुटी इलायची, कुछ सफ़ेद फूल की पंखुड़ियाँ और दो-चार केसर के धागे डालकर स्नान करें। सूचियाँ परंपराओं में अलग-अलग मिलती हैं।

शुक्रवार सुबह

परंपरा
करें / न करें

करें: पहले हाथ पर थोड़ा लगाकर देखें; त्वचा पर जलन हो तो न करें

न करें: कोई त्वचा रोग या एलर्जी हो तो डॉक्टर से पूछे बिना न करें; सेहत के लिए डॉक्टर पहले

जड़ी / मूल · ₹199–₹399

सरपंखा मूल या गूलर मूल

परंपरा शुक्र के लिए सरपंखा की जड़ (कुछ परंपराओं में गूलर की जड़) बताती है: शुक्रवार को सफ़ेद कपड़े में बाँधकर या सफ़ेद धागे में बाँह पर धारण करते हैं।

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें: भरोसेमंद जगह से लें; पहचान का तरीका 'असली कैसे पहचानें' गाइड में

न करें: जड़ को खाने या दवा की तरह इस्तेमाल न करें

इसे कैसे चुनें और असली कैसे पहचानें →

कौन-सी जड़ किस ग्रह की, इस पर परंपराएँ अलग-अलग हैं। असली की पहचान हमारी 'असली कैसे पहचानें' गाइड में है।

रुद्राक्ष · ₹499–₹1,499

छह मुखी रुद्राक्ष

परंपरा छह मुखी रुद्राक्ष को शुक्र से जोड़ती है। सफ़ेद या लाल धागे में गले में या कलाई पर पहनें।

शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

करें: एक्स-रे या लैब रिपोर्ट वाला लें; मुखी की धारियाँ ऊपर से नीचे तक साफ़ दिखें

न करें: चिपकाए या तराशे हुए 'रुद्राक्ष' से बचें; बहुत सस्ते या बहुत महँगे दावों पर भरोसा न करें

इसे कैसे चुनें और असली कैसे पहचानें →

यंत्र · ₹299–₹1,499

शुक्र यंत्र

ताँबे की प्लेट या भोजपत्र पर बना शुक्र यंत्र शुक्रवार को घर के मंदिर में रखें; पूजा के समय सफ़ेद फूल और दीप के साथ उसका स्मरण करें।

शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

करें: यंत्र को पूजा का एक आधार मानें; साफ़ और सूखी जगह रखें

न करें: 'सिद्ध' या 'चमत्कारी' जैसे दावों पर ज़्यादा पैसे न दें

इसे कैसे चुनें और असली कैसे पहचानें →

संकल्प पूजा / जाप / हवन (पंडित से) · ₹251–₹2,100

शुक्र का वैदिक मंत्र-जाप: 16,000

बृहत् पराशर होरा शास्त्र शुक्र के वैदिक मंत्र (आरंभ: 'अन्नात्परिस्रुतो…') की जाप-संख्या 16,000 बताता है। पंडित संकल्प लेकर, ग्रह-पूजन के बाद यह जाप करते हैं; प्रायः कई दिन या कई पंडितों में बँटता है।

शुक्रवार से आरंभ

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.17–20
BPHS (Santhanam) 84.17–20

गूलर की समिधा से हवन

बृहत् पराशर होरा शास्त्र शुक्र के हवन में गूलर की समिधा, शहद-घी-दही या दूध के साथ, 108 या 28 आहुतियाँ बताता है।

जाप के बाद

शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.21–22
BPHS (Santhanam) 84.21–22

पंडित से संकल्प-पूजा: क्या होता है, कितना ख़र्च

संकल्प, गणेश-पूजन, शुक्र-पूजन (सफ़ेद वस्त्र-फूल, चावल), मंत्र-जाप और छोटा हवन। आम तौर पर ₹251–₹2,100 (छोटी पूजा से लेकर हवन सहित); पूरी 16,000 जाप-संख्या का ख़र्च इससे ज़्यादा हो सकता है, पहले लिखित में पूछ लें।

शुक्रवार

परंपरा
करें / न करें

न करें: डर दिखाकर या 'तुरंत फल' का वादा करके कराई जाने वाली पूजा से दूर रहें

इसे कैसे चुनें और असली कैसे पहचानें →

यह केवल जानकारी है कि पूजा में क्या होता है और आम ख़र्च कितना होता है; पूजा कराना या न कराना आपका चुनाव है।

उपरत्न / रत्न · ₹799–₹12,000+

रत्न सिर्फ़ उन ग्रहों के लिए दिखाए जाते हैं जिन्हें परंपरा आपकी कुंडली में शुभ मानती है, और हर रत्न के साथ उसका उपरत्न।

उपरत्न: सफ़ेद पुखराज (व्हाइट सफ़ायर), ज़रकन (व्हाइट ज़िरकॉन) या ओपल

कम ख़र्च वाला विकल्प पहले। चाँदी या प्लैटिनम की अंगूठी में, मध्यमा या कनिष्ठा उँगली में, शुक्रवार को पहनते हैं (उपरत्न, धातु, उँगली, दिन: परंपरा)।

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष

परंपरा
करें / न करें

करें: केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)

करें: जन्म-समय पता हो तभी रत्न का विचार करें; परंपरा पहनने से पहले रत्न को 3–7 दिन पास रखकर देखने की बात कहती है, कुछ असहज लगे तो उतार दें

रत्न: हीरा

प्रश्न मार्ग शुक्र का रत्न 'वज्र' (हीरा) बताता है, गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के प्रसंग में; कुंडली के शुभ स्वामी ग्रह के लिए रत्न पहनना आज की परंपरा है। चाँदी या प्लैटिनम, मध्यमा या कनिष्ठा उँगली, शुक्रवार (धातु, उँगली, दिन: परंपरा)।

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष

शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें

करें: केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)

करें: हमारे नियम में शुक्र इन लग्नों के लिए योग्य है: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, कुंभ

करें: ख़रीदें तो लैब सर्टिफ़िकेट (प्रमाणपत्र संख्या सहित) माँगें; पहचान का तरीका हमारी 'असली कैसे पहचानें' गाइड में है

न करें: 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का विचार न करें

न करें: कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं है; ₹0 वाले उपाय पहले हैं, और पहनना या न पहनना आपका चुनाव है

इसे कैसे चुनें और असली कैसे पहचानें →

केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)

लाहिड़ी अयनांश · संपूर्ण राशि भाव · मीन नोड (राहु-केतु) · स्विस एफ़ेमेरिस

मूल कुंडली

बल और योग

समय

शांत जाँच

उपाय