संस्कार
नामकरण से विद्यारंभ तक: बच्चे के जीवन के संस्कार, परंपरा और सरल विधि।
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अन्नप्राशन: बच्चे का पहला निवाला
अन्नप्राशन वह संस्कार है जिसमें बच्चे को पहली बार अन्न का स्वाद दिया जाता है। मुहूर्त-चिंतामणि बेटे के लिए छठा या आठवाँ और बेटी के लिए पाँचव...
जातकर्म: नवजात का पहला संस्कार
जातकर्म वह संस्कार है जो बच्चे के जन्म के समय किया जाता है: पिता का आशीर्वाद, प्रार्थना, और माँ की गोद में पहला आहार। पुरानी रीति में बच्चे...
कर्णवेध: कान छिदवाने का संस्कार
कर्णवेध में बच्चे के कान छेदे जाते हैं। मुहूर्त-चिंतामणि इसके लिए छठे से आठवें महीने, या किसी विषम वर्ष का समय बताता है। कई समुदायों में यह...
मुंडन: बच्चे के पहले बाल
मुंडन (चूड़ाकर्म) में बच्चे के जन्म के बाल पहली बार उतारे जाते हैं। मनुस्मृति इसके लिए पहला या तीसरा वर्ष बताती है, कई परिवार पाँचवाँ वर्ष भ...
नामकरण: बच्चे को उसका नाम देने का दिन
नामकरण बच्चे का पहला बड़ा संस्कार है, जिसमें घर-परिवार मिलकर उसे नाम देता है। परंपरा जन्म के 11वें या 12वें दिन, या बाद के किसी अच्छे दिन, स...
निष्क्रमण: बच्चे की पहली सैर
निष्क्रमण वह संस्कार है जिसमें बच्चे को पहली बार घर से बाहर ले जाकर सूर्य और आकाश के दर्शन कराए जाते हैं। मुहूर्त-चिंतामणि इसके लिए जन्म से...
उपनयन: ज्ञान की ओर पहला कदम
उपनयन वह संस्कार है जिसमें बच्चा गुरु के पास ज्ञान और अनुशासन की राह पर पहला कदम रखता है, और जनेऊ (यज्ञोपवीत) धारण करता है। मुहूर्त-चिंतामणि...
विद्यारंभ: पहले अक्षर की खुशी
विद्यारंभ में बच्चा पहली बार अक्षर लिखता है। मुहूर्त-चिंतामणि इसके लिए पाँचवाँ वर्ष और उत्तरायण बताता है, और परंपरा में वसंत पंचमी और विजयाद...
विवाह: एक संस्कार, दो परिवार
विवाह सोलह संस्कारों में सबसे बड़ा उत्सव है। मुहूर्त-चिंतामणि का विवाह-प्रकरण इसके महीने, नक्षत्र, तिथि, वार और लग्न बताता है, और गोधूलि वेल...