ग्रह के वार पर उससे जुड़ा सादा अन्न या फल खाना या बाँटना।
सूर्य
सूर्य का अनाज: गेहूँ
रविवार को भोजन में गेहूँ की रोटी या दलिया और थोड़ा गुड़ रखें। नवधान्य की आम सूची में गेहूँ सूर्य का अनाज है।
कब: रविवार
शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
करें / न करें
न करें
डायबिटीज़ हो तो गुड़ की मात्रा डॉक्टर की सलाह से ही।
सूर्य
शास्त्र में बताया भोजन: गुड़ वाले चावल
बृहत् पराशर होरा शास्त्र सूर्य की पूजा के बाद ब्राह्मणों को गुड़ में पके चावल खिलाने की बात कहता है।
कब: सूर्य की पूजा के बाद
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.23–24
BPHS (Santhanam) 84.23–24
सूर्य
आज का रूप: मीठे चावल बाँटना
रविवार को गुड़ वाले मीठे चावल बनाकर घर के बड़ों और किसी ज़रूरतमंद को प्रेम से खिलाएँ।
कब: रविवार
परंपरा
करें / न करें
करें
जो खिलाएँ, वह साफ़ और ताज़ा हो।
व्रत (₹0 मुफ़्त)
ग्रह के वार का व्रत या एकादशी, अपनी सेहत के हिसाब से; बीमारी, गर्भावस्था या दवा में डॉक्टर से पूछें।
सूर्य
रविवार व्रत
एक समय सादा भोजन, परंपरा में प्रायः बिना नमक। सुबह सूर्य को जल चढ़ाकर दिन शुरू करें।
कब: रविवार (शुक्ल पक्ष के पहले रविवार से शुरू करने की परंपरा है)
परंपरा
करें / न करें
करें
पानी पर्याप्त पीते रहें।
न करें
स्वास्थ्य ठीक न हो, गर्भावस्था या दवा चल रही हो तो व्रत न करें या डॉक्टर से पूछें।
आचरण / कर्म (₹0 मुफ़्त)
ग्रह जिन बातों का कारक है, उनसे जुड़ा रोज़ का व्यवहार: बड़ों का आदर, ईमानदारी, अनुशासन।
सूर्य
सूर्य: आत्मा और पिता का कारक
शास्त्र सूर्य को कालपुरुष की आत्मा और पिता का कारक बताता है। इसलिए परंपरा सूर्य के उपाय में पिता और अपने आत्म-सम्मान से जुड़े आचरण को रखती है।
कब: हमेशा
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 32.22–24
BPHS (Santhanam) 32.22–24
सूर्य
पिता, बड़ों और अधिकारियों से सम्मानपूर्ण व्यवहार
पिता का हाल रोज़ पूछें, उनकी बात ध्यान से सुनें। काम पर समय की पाबंदी और ईमानदारी रखें; अपने आत्म-सम्मान के साथ दूसरों के सम्मान का भी ध्यान रखें।
कब: रोज़
परंपरा
करें / न करें
करें
सुबह जल्दी उठना, उगते सूरज को देखना।
न करें
अहंकार या कड़वे बोल से बचें।
सूर्य
प्रश्न मार्ग का आचरण
बड़ों की बात मानना, वेद-पुराण सुनना और मन को शुद्ध रखना: प्रश्न मार्ग इसे सभी ग्रहों के लिए बताता है।
कब: जब भी मन हो
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)
रंग / वस्त्र / दिशा (₹0 मुफ़्त)
ग्रह के वार पर उसके रंग के कपड़े या फूल, और उससे जुड़ी दिशा का ध्यान।
सूर्य
लाल रंग
प्रश्न मार्ग सूर्य के लिए लाल रंग के वस्त्र और लाल फूलों से पूजा बताता है। रविवार को कोई लाल या केसरिया वस्त्र, रूमाल या दुपट्टा पहन सकते हैं।
कब: रविवार
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
सूर्य
पूर्व दिशा
जातक पारिजात सूर्य को पूर्व दिशा का स्वामी बताता है। सूर्य की पूजा या जप पूर्व की ओर मुख करके करें।
कब: सूर्योदय के समय
शास्त्र · Jātaka Pārijāta II.23
Jātaka Pārijāta II.23
सूर्य
ग्रह का चित्र उसकी दिशा में
BPHS कहता है कि ग्रहों के चित्र कपड़े पर उनके रंगों में (चंदन आदि से) बनाकर उनकी अपनी दिशा में रखे जाएँ। घर के पूजा-स्थान में सूर्य का चित्र पूर्व की ओर रख सकते हैं।
कब: पूजा के समय
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.3–5
BPHS (Santhanam) 84.3–5
करें / न करें
करें
रंग चुनना आपकी सुविधा पर है; ऑफ़िस या स्कूल के नियम पहले।
सेवा (₹0 मुफ़्त)
गाय, कुत्ते, पक्षी या चींटियों को भोजन, बड़ों और ज़रूरतमंदों की सेवा; किसी जीव को कष्ट नहीं।
सूर्य
पिता और बुज़ुर्गों की सेवा
पिता या घर के बुज़ुर्ग पुरुषों के छोटे-छोटे काम कर दें: दवा का समय, बैंक-काम, साथ बैठकर बात।
कब: रोज़, ख़ास कर रविवार
परंपरा
करें / न करें
करें
उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें।
सूर्य
गाय को रोटी-गुड़
रविवार को गाय को एक रोटी और गुड़ का छोटा टुकड़ा खिलाएँ, या गौशाला में चारे की मदद करें।
कब: रविवार
लोक मान्यता
करें / न करें
न करें
पॉलीथीन या बासी-ख़राब खाना पशुओं को न दें।
वृक्ष सेवा (₹0 मुफ़्त)
ग्रह से जुड़े पेड़ या पौधे को पानी देना या लगाना (जैसे शनि के लिए शमी, गुरु के लिए पीपल)।
सूर्य
आक (मदार): सूर्य की समिधा
BPHS सूर्य के हवन के लिए आक की लकड़ी बताता है; इसलिए आक को सूर्य का वृक्ष माना जाता है।
कब: —
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.21–22
BPHS (Santhanam) 84.21–22
सूर्य
आक के पौधे को जल देना
रविवार को पास के आक के पौधे में जल दें, या उसकी जगह कोई भी पेड़ लगाकर उसकी देखभाल करें।
कब: रविवार सुबह
परंपरा
करें / न करें
न करें
आक का दूध (सफ़ेद रस) आँख-त्वचा को नुकसान करता है; छूने के बाद हाथ धोएँ, बच्चों और पशुओं को दूर रखें।
मंत्र जाप / स्तोत्र / पाठ (₹0 मुफ़्त)
ग्रह का नाम-मंत्र, बीज मंत्र या स्तोत्र, रोज़ थोड़ी देर शांत मन से।
सूर्य
वैदिक मंत्र: 'आ कृष्णेन रजसा…'
BPHS सूर्य का वैदिक मंत्र और उसकी जप-संख्या 7,000 बताता है। यह मंत्र किसी जानकार से सीखकर, शुद्ध उच्चारण से जपें।
कब: रविवार से शुरू, सूर्योदय के समय
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.17–20
BPHS (Santhanam) 84.17–20
सूर्य
बीज मंत्र और नाम-मंत्र
'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' या सरल 'ॐ सूर्याय नमः' की एक माला (108)। मन को एकाग्र करने में सहायक माना जाता है।
कब: रोज़ सुबह, ख़ास कर रविवार
परंपरा
करें / न करें
करें
जप के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल (अर्घ्य) दें।
सूर्य
आदित्य हृदय स्तोत्र
BPHS (दशा-फल अध्याय में) सूर्य से जुड़े समय के लिए आदित्य हृदय के पाठ का उल्लेख करता है। रविवार को एक पाठ।
कब: रविवार सुबह
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 56.56–57 (Jupiter dasha, Sun antardasha)
BPHS (Santhanam) 56.56–57 (Jupiter dasha, Sun antardasha)
दीप दान / मंदिर दर्शन / तीर्थ (₹0 मुफ़्त)
ग्रह के वार पर दीपक जलाना या उससे जुड़े मंदिर में दर्शन।
सूर्य
पूजा में दीप
BPHS ग्रह-पूजा में ग्रह के रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और गुग्गुल अर्पित करने की बात कहता है।
कब: —
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
सूर्य
रविवार को घी का दीपक
रविवार सुबह पूर्व की ओर घी का एक दीपक जलाएँ।
कब: रविवार सुबह
परंपरा
सूर्य
सूर्य मंदिर या नवग्रह मंदिर
पास के नवग्रह मंदिर में सूर्य के दर्शन, या मन हो तो कोणार्क, मोढेरा जैसे सूर्य मंदिरों की यात्रा।
कब: रविवार, या रथ सप्तमी / मकर संक्रांति
परंपरा
करें / न करें
करें
दर्शन श्रद्धा और शांति से करें।
लाल किताब (₹0 मुफ़्त)
लाल किताब (एक अलग परंपरा) के सरल, हानिरहित टोटके; नदी, जीव या संपत्ति को नुकसान वाला कुछ नहीं।
सूर्य
काम शुरू करने से पहले मीठा और पानी
घर से निकलने या नया काम शुरू करने से पहले थोड़ा गुड़ या मीठा खाकर पानी पिएँ।
कब: रोज़
लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
सूर्य
पिता का आशीर्वाद
कोई भी ज़रूरी काम पिता (या पिता-समान बुज़ुर्ग) के पैर छूकर शुरू करें।
कब: ज़रूरी काम से पहले
लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
सूर्य
सच्चाई और सात्विक भोजन
सच बोलने का अभ्यास और मांस-मदिरा से परहेज़, ख़ास कर रविवार को।
कब: ख़ास कर रविवार
लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
करें / न करें
न करें
किसी से उपहार में मुफ़्त चीज़ें लेने की आदत से बचें (लाल किताब की सलाह)।
दान (₹0–₹51)
ग्रह के वार पर उससे जुड़ी कोई छोटी चीज़ अपनी सामर्थ्य से किसी ज़रूरतमंद को देना।
सूर्य
शास्त्र में बताया दान: बछड़े सहित गाय
BPHS सूर्य के लिए बछड़े सहित गाय का दान बताता है; प्रश्न मार्ग (गोचर के प्रसंग में) कपिला गाय।
कब: —
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.25
BPHS (Santhanam) 84.25
सूर्य
प्रश्न मार्ग: कपिला गाय (गोचर में)
जब गोचर में सूर्य प्रतिकूल माना जाए, प्रश्न मार्ग कपिला (भूरी) गाय का दान बताता है।
कब: गोचर के समय
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.30 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.30 (Raman tr.)
सूर्य
आज का छोटा रूप
गौशाला में चारे के लिए कुछ रुपये, या गेहूँ, गुड़ और ताँबे का छोटा बर्तन किसी ज़रूरतमंद को।
कब: रविवार, दिन में
परंपरा
करें / न करें
करें
दान अपनी सामर्थ्य के अनुसार, बिना दिखावे के।
औषधि स्नान (₹0–₹99)
ग्रह से जुड़ी जड़ी-बूटी डाले पानी से स्नान; त्वचा पर जलन हो तो न करें।
सूर्य
ग्रह की औषधि वाले जल से स्नान
प्रश्न मार्ग ग्रह के अनुसार औषधि वाले जल से स्नान की बात कहता है (गोचर के प्रसंग में)।
कब: —
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)
सूर्य
सूर्य के लिए: लाल फूल, थोड़ा केसर, इलायची
नहाने की बाल्टी में कुछ लाल फूल (जैसे गुड़हल), एक चुटकी केसर और 1–2 इलायची डालकर 10–15 मिनट रखें, फिर स्नान करें।
कब: रविवार सुबह
परंपरा
करें / न करें
न करें
त्वचा पर जलन या एलर्जी हो तो न करें; पहले थोड़े पानी में आज़मा लें।
जड़ी / मूल
ग्रह से जुड़ी पौधे की जड़, कपड़े या ताबीज़ में धारण; परंपराएँ अलग-अलग जड़ बताती हैं।
सूर्य
बेल मूल
बेल की जड़ का छोटा टुकड़ा लाल कपड़े में बाँधकर, ताबीज़ की तरह दाईं भुजा या गले में पहनने की परंपरा है।
पंडित आपके नाम-गोत्र से संकल्प लेकर जप पूरा करते हैं, अंत में दशांश (जप का दसवाँ भाग) हवन। आम तौर पर ₹251 (छोटा जप) से ₹2,100 (पूरा जप-हवन) तक ख़र्च आता है।
प्रश्न मार्ग सूर्य का रत्न माणिक्य बताता है। धातु (सोना/ताँबा), उँगली (अनामिका) और दिन (रविवार) परंपरा से। केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)।
कब: रविवार, शुक्ल पक्ष
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें
करें
पहनने से पहले परंपरा के अनुसार 3–7 दिन पास रखकर देखें; कोई असहजता लगे तो उतार दें।
लैब प्रमाणपत्र (जैसे IGI/GTL) और उसका नंबर माँगें।
न करें
12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का निर्णय टालें।
जन्म-समय पता न हो तो रत्न नहीं; तब ₹0 वाले उपाय ही चुनें।
ग्रह के वार पर उससे जुड़ा सादा अन्न या फल खाना या बाँटना।
शनि
शनि का अनाज: काले तिल (साथ में उड़द)
शनिवार को भोजन में थोड़े काले तिल (जैसे तिल की चटनी या तिल-गुड़) या उड़द की दाल रखें। तिल का शनि से संबंध ग्रंथ में मिलता है; इसे भोजन में रखना परंपरा है।
कब: शनिवार, दोपहर या शाम का भोजन
शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.28
Phaladīpikā (V. S. Sastri) 2.28
करें / न करें
करें
सादा, घर का बना भोजन; थोड़ी मात्रा काफ़ी है
न करें
कोई बीमारी, एलर्जी या ख़ास डाइट हो तो खान-पान बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें
शनि
किसी ज़रूरतमंद को तिल वाले चावल खिलाना
ग्रंथ में शनि के लिए तिल मिलाकर पकाए चावल ब्राह्मणों को खिलाने की बात है। आज के रूप में (परंपरा): घर पर तिल-चावल या तिल की खिचड़ी बनाकर किसी ज़रूरतमंद, मज़दूर या बुज़ुर्ग को आदर से खिलाएँ।
कब: शनिवार, या जब सुविधा हो
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.23–24
BPHS (Santhanam) 84.23–24
व्रत (₹0 मुफ़्त)
ग्रह के वार का व्रत या एकादशी, अपनी सेहत के हिसाब से; बीमारी, गर्भावस्था या दवा में डॉक्टर से पूछें।
शनि
शनिवार का व्रत
दिन में एक बार सादा भोजन (जैसे उड़द या तिल वाला), या फल-दूध। शाम को दीपक जलाकर व्रत खोलें। व्रत जितना सहज हो उतना ही रखें।
कब: शनिवार; परंपरा में शुक्ल पक्ष के पहले शनिवार से शुरू करते हैं
परंपरा
करें / न करें
करें
पानी पीते रहें; अपनी क्षमता के अनुसार ही
न करें
स्वास्थ्य ठीक न हो, गर्भावस्था या दवा चल रही हो तो व्रत न करें या डॉक्टर से पूछें
शनि
एकादशी (वैकल्पिक)
महीने की दोनों एकादशी पर अनाज छोड़कर फलाहार। यह किसी एक ग्रह का नहीं, पूरे मन-अनुशासन का व्रत माना जाता है।
कब: हर एकादशी
परंपरा
करें / न करें
न करें
स्वास्थ्य ठीक न हो, गर्भावस्था या दवा चल रही हो तो व्रत न करें या डॉक्टर से पूछें
आचरण / कर्म (₹0 मुफ़्त)
ग्रह जिन बातों का कारक है, उनसे जुड़ा रोज़ का व्यवहार: बड़ों का आदर, ईमानदारी, अनुशासन।
शनि
बड़ों की बात मानना और मन साफ़ रखना
प्रश्न मार्ग गोचर में ग्रह प्रतिकूल हों तो बड़ों की बात मानने, अच्छी बातें सुनने और मन को पवित्र रखने को कहता है। रोज़ घर के किसी बुज़ुर्ग से कुछ देर बात करें, उनकी सलाह सुनें।
कब: रोज़
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)
शनि
शनि का कारकत्व: सेवा
BPHS के 'ग्रह-मंडल' में शनि को सेवक का स्थान दिया गया है। इसी से परंपरा शनि को सेवा, मेहनत और मेहनतकश लोगों से जोड़ती है।
कब: —
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 3.14–15
BPHS (Santhanam) 3.14–15
शनि
मेहनतकश लोगों का आदर, समय और वादे की पाबंदी
घर या काम पर मदद करने वालों (सफ़ाई कर्मी, ड्राइवर, घरेलू सहायक, मज़दूर) से आदर से बोलें और उनकी मज़दूरी समय पर दें। जो काम हाथ में लें, उसे धीरज से पूरा करें; समय और वादे के पक्के रहें।
कब: रोज़
परंपरा
करें / न करें
करें
छोटा-सा रोज़ का नियम बनाएँ और निभाएँ (जैसे समय पर उठना)
न करें
किसी की मज़दूरी न रोकें, किसी का अपमान न करें
रंग / वस्त्र / दिशा (₹0 मुफ़्त)
ग्रह के वार पर उसके रंग के कपड़े या फूल, और उससे जुड़ी दिशा का ध्यान।
शनि
रंग: गहरा (गहरा नीला, काला)
प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रह के लिए उसके रंग के कपड़े और फूल बताता है; शनि का रंग गहरा है। चाहें तो शनिवार को गहरे नीले या काले रंग का कोई कपड़ा पहनें, या पूजा में नीले फूल चढ़ाएँ।
कब: शनिवार
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
करें / न करें
न करें
किसी रंग से डरें नहीं; रंग पहनना केवल एक विकल्प है
शनि
दिशा: पश्चिम
BPHS शनि को पश्चिम दिशा में बलवान (दिग्बल) बताता है। परंपरा में शनि की पूजा या जाप करते समय पश्चिम की ओर मुँह करके बैठते हैं।
कब: पूजा या जाप के समय
शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.16
Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.16
करें / न करें
करें
दिशा संभव न हो तो जैसे बैठ सकें वैसे बैठें; भाव ही मुख्य है
सेवा (₹0 मुफ़्त)
गाय, कुत्ते, पक्षी या चींटियों को भोजन, बड़ों और ज़रूरतमंदों की सेवा; किसी जीव को कष्ट नहीं।
शनि
बुज़ुर्गों और मेहनतकश लोगों की सेवा
किसी वृद्धाश्रम में समय दें, पड़ोस के अकेले बुज़ुर्ग का हाल पूछें, या किसी मज़दूर को पानी-भोजन दें। हाथ से की गई सेवा परंपरा में शनि से जुड़ी मानी जाती है।
कब: शनिवार, या जब भी हो सके
परंपरा
करें / न करें
करें
चुपचाप, बिना दिखावे के
शनि
कौवे या काले कुत्ते को रोटी
एक रोटी (चाहें तो थोड़ा सरसों का तेल लगाकर) कौवों के लिए छत पर रखें या किसी कुत्ते को दें।
कब: शनिवार
लोक मान्यता
करें / न करें
न करें
जानवर को परेशान न करें, न बाँधें; बासी या ख़राब खाना न दें
वृक्ष सेवा (₹0 मुफ़्त)
ग्रह से जुड़े पेड़ या पौधे को पानी देना या लगाना (जैसे शनि के लिए शमी, गुरु के लिए पीपल)।
शनि
शमी का पेड़
BPHS में शनि के हवन की समिधा शमी है, इसलिए शमी को शनि का वृक्ष माना जाता है। घर में गमले में शमी लगाएँ या पास के शमी को पानी दें; यह सेवा परंपरा है।
कब: शनिवार, शाम
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.21–22
BPHS (Santhanam) 84.21–22
करें / न करें
न करें
हरी डालियाँ न तोड़ें
शनि
पीपल को जल
शनिवार सुबह पीपल की जड़ में एक लोटा जल चढ़ाएँ। उत्तर भारत में यह शनिवार की आम परंपरा है।
कब: शनिवार, सुबह
परंपरा
मंत्र जाप / स्तोत्र / पाठ (₹0 मुफ़्त)
ग्रह का नाम-मंत्र, बीज मंत्र या स्तोत्र, रोज़ थोड़ी देर शांत मन से।
शनि
नाम-मंत्र: ॐ शनैश्चराय नमः
शांत बैठकर 11 या 108 बार (एक माला) जपें। मन को एकाग्र करने में सहायक माना जाता है।
कब: शनिवार, सुबह या शाम
परंपरा
करें / न करें
करें
धीरे और साफ़ उच्चारण
शनि
बीज मंत्र: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
तांत्रिक परंपरा का बीज मंत्र। 108 बार, रुद्राक्ष या किसी भी माला पर।
कब: शनिवार, सूर्यास्त के बाद
परंपरा
शनि
पाठ: हनुमान चालीसा या शनि स्तोत्र
उत्तर भारत की परंपरा में शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़ी जाती है; दशरथ-कृत शनि स्तोत्र भी पढ़ा जाता है। जो सहज लगे, वह एक पाठ।
कब: शनिवार
परंपरा
दीप दान / मंदिर दर्शन / तीर्थ (₹0 मुफ़्त)
ग्रह के वार पर दीपक जलाना या उससे जुड़े मंदिर में दर्शन।
शनि
दीप: पूजा का अंग
BPHS ग्रह-पूजा में ग्रह के रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और गुग्गुल अर्पित करने को कहता है।
कब: पूजा के समय
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
शनि
तिल या सरसों के तेल का दीपक
शनिवार शाम घर के मंदिर में या पीपल के नीचे तिल या सरसों के तेल का एक दीपक जलाएँ।
कब: शनिवार, सूर्यास्त के बाद
परंपरा
करें / न करें
न करें
दीपक को अकेला जलता न छोड़ें; सूखी पत्तियों और कपड़ों से दूर रखें
शनि
मंदिर दर्शन
शनिवार को हनुमान मंदिर या शनि मंदिर में दर्शन; नवग्रह मंदिर में शनि के सामने प्रणाम। तीर्थ के रूप में तमिलनाडु का तिरुनल्लार (नवग्रह स्थल) और महाराष्ट्र का शनि शिंगणापुर जाने की परंपरा है। यह श्रद्धा की बात है।
कब: शनिवार
परंपरा
लाल किताब (₹0 मुफ़्त)
लाल किताब (एक अलग परंपरा) के सरल, हानिरहित टोटके; नदी, जीव या संपत्ति को नुकसान वाला कुछ नहीं।
शनि
छाया दान
एक कटोरी सरसों के तेल में अपना चेहरा देखें और वह तेल किसी ज़रूरतमंद को या शनि मंदिर में दे दें।
कब: शनिवार
लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
करें / न करें
न करें
तेल ज़मीन या पानी में न बहाएँ
शनि
मज़दूरों को भोजन या मदद
किसी मज़दूर या सफ़ाई कर्मी को भोजन, पानी या उनके काम की कोई चीज़ आदर से दें।
कब: शनिवार, या कभी भी
लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
शनि
नशे से दूरी
लाल किताब शनि के लिए शराब और नशे से दूर रहने को कहती है।
कब: हमेशा
लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
दान (₹0–₹51)
ग्रह के वार पर उससे जुड़ी कोई छोटी चीज़ अपनी सामर्थ्य से किसी ज़रूरतमंद को देना।
शनि
शास्त्र में बताया दान: काली गाय
BPHS शनि के लिए काली गाय का दान बताता है। यह पुराने समय का बड़ा दान है; आज कोई इसे करने को बाध्य नहीं।
कब: —
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.25
BPHS (Santhanam) 84.25
शनि
प्रश्न मार्ग में भी: काली गाय
प्रश्न मार्ग गोचर में शनि प्रतिकूल हो तो काली गाय का दान बताता है।
कब: गोचर के प्रसंग में
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.30 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.30 (Raman tr.)
शनि
आज का छोटा रूप
गौशाला में थोड़ा चारा या सेवा; या किसी ज़रूरतमंद को काले तिल, उड़द, सरसों का तेल, कंबल या चप्पल। ₹0 का रूप: गौशाला में एक घंटा सेवा।
कब: शनिवार, शाम
परंपरा
करें / न करें
करें
जितना सहज हो उतना ही; काम की चीज़ दें
न करें
दान के लिए उधार न लें
औषधि स्नान (₹0–₹99)
ग्रह से जुड़ी जड़ी-बूटी डाले पानी से स्नान; त्वचा पर जलन हो तो न करें।
शनि
ग्रह की औषधि वाले जल से स्नान
प्रश्न मार्ग गोचर में ग्रह प्रतिकूल हों तो रोज़ स्नान और 'ग्रह की औषधियों वाला जल' शरीर पर डालने की बात कहता है। रोज़ का साफ़ स्नान ही इसका ₹0 रूप है।
कब: रोज़ सुबह
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)
शनि
शनि के लिए: काले तिल और सौंफ़
नहाने के पानी में एक चुटकी काले तिल और थोड़ी सौंफ़ डालें (या रात को भिगोकर सुबह पानी छानकर)। अलग-अलग परंपराओं में सूची अलग है।
कब: शनिवार, सुबह
परंपरा
करें / न करें
न करें
त्वचा पर जलन या एलर्जी हो तो न करें; त्वचा की किसी परेशानी में सेहत के लिए डॉक्टर पहले
जड़ी / मूल
ग्रह से जुड़ी पौधे की जड़, कपड़े या ताबीज़ में धारण; परंपराएँ अलग-अलग जड़ बताती हैं।
शनि
बिच्छू बूटी की जड़ या शमी मूल
परंपरा में शनि के लिए बिच्छू बूटी (या कुछ जगह शमी) की जड़ बताई जाती है। इसे काले या नीले कपड़े में बाँधकर दाईं बाँह पर या गले में पहनते हैं। परंपराएँ अलग-अलग हैं।
कब: शनिवार, शुक्ल पक्ष
परंपरा
करें / न करें
करें
असली की पहचान के लिए 'असली कैसे जाँचें' वाला बॉक्स देखें
न करें
जड़ खाने के लिए नहीं है; किसी बीमारी में सेहत के लिए डॉक्टर पहले
आम तौर पर: संकल्प (आपका नाम-गोत्र), गणेश पूजन, शनि पूजन, जाप और छोटा हवन। ₹251–₹2,100 का दायरा प्रायः संकल्प पूजा या छोटे जाप का होता है; पूरी 23,000 की संख्या कई पंडित कई दिन में करते हैं और उसका ख़र्च अलग होता है। ₹0 विकल्प: आप ख़ुद रोज़ एक माला जपें।
कब: शनिवार
परंपरा
करें / न करें
करें
पहले से पूछें कि कितना जाप, कौन-सा मंत्र और कितना ख़र्च
प्रश्न मार्ग ग्रहों के रत्न बताते हुए शनि के लिए इंद्रनील (नीलम) बताता है (गोचर के प्रसंग में)। चाँदी या पंचधातु, मध्यमा उँगली, शनिवार: यह परंपरा है। प्रमाणपत्र (लैब रिपोर्ट) वाला ही लें।
कब: शनिवार, शुक्ल पक्ष
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें
करें
केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)
ग्रह के वार पर उससे जुड़ा सादा अन्न या फल खाना या बाँटना।
बुध
बुध का अनाज: साबुत मूंग
बुधवार को खाने में मूंग की दाल, चीला या अंकुरित मूंग शामिल करें।
कब: बुधवार
शास्त्र · Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
Phaladīpikā (V. S. Sastri) II.28
करें / न करें
करें
मात्रा अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह के हिसाब से रखें
बुध
हरी सब्ज़ियाँ और हरे फल
बुधवार को पालक, लौकी, हरी मटर या अमरूद जैसी हरी चीज़ें थाली में रखें।
कब: बुधवार
परंपरा
करें / न करें
न करें
किसी चीज़ से एलर्जी हो या डॉक्टर ने मना किया हो तो उसे न लें; सेहत के लिए डॉक्टर ही पहला सहारा
व्रत (₹0 मुफ़्त)
ग्रह के वार का व्रत या एकादशी, अपनी सेहत के हिसाब से; बीमारी, गर्भावस्था या दवा में डॉक्टर से पूछें।
बुध
बुधवार का व्रत
बुधवार को एक समय सादा भोजन (जैसे मूंग की खिचड़ी) लें, या फलाहार करें; सुबह गणेश जी या विष्णु जी का स्मरण करें।
कब: बुधवार, शुक्ल पक्ष के बुधवार से शुरुआत
परंपरा
करें / न करें
करें
कितने बुधवार करने हैं, यह अपनी सुविधा से तय करें; परंपरा में प्रायः 7, 11 या 21 बताए जाते हैं
न करें
स्वास्थ्य ठीक न हो, गर्भावस्था या दवा चल रही हो तो व्रत न करें या डॉक्टर से पूछें
बुध
एकादशी व्रत
परंपरा बुध को विष्णु-भक्ति से जोड़ती है; एकादशी पर अन्न छोड़कर फलाहार या एक समय भोजन करें।
कब: हर पक्ष की एकादशी
परंपरा
करें / न करें
न करें
स्वास्थ्य ठीक न हो, गर्भावस्था या दवा चल रही हो तो व्रत न करें या डॉक्टर से पूछें
आचरण / कर्म (₹0 मुफ़्त)
ग्रह जिन बातों का कारक है, उनसे जुड़ा रोज़ का व्यवहार: बड़ों का आदर, ईमानदारी, अनुशासन।
बुध
बड़ों का कहा मानना, अच्छे ग्रंथ सुनना, मन साफ़ रखना
प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के लिए यह आचरण बताता है: बड़ों की बात मानना, वेद-पुराण सुनना, मन को शुद्ध रखना। रोज़ कुछ देर कोई अच्छा ग्रंथ पढ़ें या सुनें।
कब: रोज़
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.31 (Raman tr.)
बुध
बुध किन बातों का कारक है
फलदीपिका बुध को विद्वान, कारीगर, कुशल हिसाब रखने वाले और विष्णु-भक्त से जोड़ती है। इसलिए बुध के उपाय में पढ़ाई, लेखन और ईमानदार लेन-देन पर ध्यान दिया जाता है (आचरण का यह रूप परंपरा है)।
कब: —
शास्त्र · Phaladīpikā II.18 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā II.18 (V. S. Sastri)
बुध
वाणी और लेन-देन में सच्चाई
बोलने से पहले सोचें, किसी का मज़ाक न उड़ाएँ, हिसाब साफ़ रखें, वादा किया हो तो समय पर निभाएँ, और बहन, बुआ, मौसी व छोटे बच्चों से प्यार से बात करें।
कब: रोज़
परंपरा
करें / न करें
करें
किसी विद्यार्थी को पढ़ाई में थोड़ी मदद करें
न करें
झूठ, कड़वी बात या उधार में गड़बड़ी से बचें
रंग / वस्त्र / दिशा (₹0 मुफ़्त)
ग्रह के वार पर उसके रंग के कपड़े या फूल, और उससे जुड़ी दिशा का ध्यान।
बुध
हरा रंग
प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के लिए उनके रंग के वस्त्र और फूल बताता है; बुध का रंग हरा है। बुधवार को हरा कपड़ा, रुमाल या हरी किनारी पहनें, पूजा में हरे पत्ते या दूर्वा रखें।
कब: बुधवार
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.27 (Raman tr.)
करें / न करें
करें
हल्का हरा भी चलेगा; बात रंग के स्मरण की है, फ़ैशन की नहीं
बुध
दिशा: उत्तर
फलदीपिका बुध की दिशा उत्तर बताती है। पढ़ते या लिखते समय उत्तर की ओर मुँह करके बैठ सकते हैं, और पूजा में बुध का स्थान उत्तर में रखें।
कब: पढ़ाई या पूजा के समय
शास्त्र · Phaladīpikā II.15 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā II.15 (V. S. Sastri)
सेवा (₹0 मुफ़्त)
गाय, कुत्ते, पक्षी या चींटियों को भोजन, बड़ों और ज़रूरतमंदों की सेवा; किसी जीव को कष्ट नहीं।
बुध
गाय को हरा चारा
बुधवार को पास की गौशाला या किसी गाय को हरी घास या हरा चारा खिलाएँ।
कब: बुधवार
परंपरा
करें / न करें
न करें
बासी, नमकीन या प्लास्टिक में लिपटा खाना जानवरों को न दें
बुध
पक्षियों को दाना-पानी
छत या बालकनी में भीगी मूंग या दाना और साफ़ पानी का बर्तन रखें।
कब: बुधवार या रोज़
लोक मान्यता
करें / न करें
करें
पानी रोज़ बदलें, बर्तन साफ़ रखें
न करें
पक्षी पिंजरे में न रखें, न किसी से ख़रीदकर 'छुड़वाएँ'
वृक्ष सेवा (₹0 मुफ़्त)
ग्रह से जुड़े पेड़ या पौधे को पानी देना या लगाना (जैसे शनि के लिए शमी, गुरु के लिए पीपल)।
बुध
अपामार्ग (चिरचिटा)
बृहत् पराशर होरा शास्त्र हवन में बुध की समिधा अपामार्ग बताता है, इसलिए परंपरा इसे बुध का पौधा मानती है। गमले या आँगन में अपामार्ग लगाएँ या जहाँ उगा हो वहाँ पानी दें (लगाना और पानी देना परंपरा है)।
कब: बुधवार
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.21–22
BPHS (Santhanam) 84.21–22
करें / न करें
करें
इसके काँटेदार बीज कपड़ों में चिपकते हैं; बच्चों के खेलने की जगह से थोड़ा दूर लगाएँ
बुध
तुलसी या कोई हरा पौधा
परंपरा बुध को विष्णु से जोड़ती है; घर में तुलसी या कोई भी हरा पौधा लगाकर बुधवार को उसकी देखभाल करें।
कब: बुधवार
परंपरा
करें / न करें
न करें
किसी पेड़-पौधे की टहनी या पत्ते बेवजह न तोड़ें
मंत्र जाप / स्तोत्र / पाठ (₹0 मुफ़्त)
ग्रह का नाम-मंत्र, बीज मंत्र या स्तोत्र, रोज़ थोड़ी देर शांत मन से।
बुध
नाम मंत्र: ॐ बुधाय नमः
सुबह नहाकर शांत जगह बैठें और 'ॐ बुधाय नमः' का 108 बार (एक माला) जाप करें।
कब: बुधवार सुबह, या रोज़
परंपरा
करें / न करें
करें
जाप को मन को एकाग्र करने में सहायक माना जाता है; गिनती से ज़्यादा ध्यान भाव पर रखें
बुध
बीज मंत्र: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
तांत्रिक परंपरा का बीज मंत्र; बुधवार को 108 बार जाप करें।
कब: बुधवार
परंपरा
बुध
विष्णु सहस्रनाम का पाठ
बृहत् पराशर होरा शास्त्र महाविष्णु को बुध का अधिदेवता बताता है। बुधवार को विष्णु सहस्रनाम पढ़ें या सुनें (स्तोत्र का चुनाव परंपरा है)।
कब: बुधवार
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 3.18
BPHS (Santhanam) 3.18
करें / न करें
न करें
उच्चारण कठिन लगे तो सुनना भी पूरा है; ग़लत उच्चारण का डर न रखें
दीप दान / मंदिर दर्शन / तीर्थ (₹0 मुफ़्त)
ग्रह के वार पर दीपक जलाना या उससे जुड़े मंदिर में दर्शन।
बुध
पूजा में दीप
बृहत् पराशर होरा शास्त्र ग्रह-पूजा में उसके रंग के फूल-वस्त्र, चंदन, दीप और धूप चढ़ाने की बात कहता है। बुधवार शाम घर के मंदिर में घी का दीप जलाएँ और हरी दूर्वा रखें।
कब: बुधवार शाम
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.15–16
BPHS (Santhanam) 84.15–16
बुध
विष्णु मंदिर या गणेश मंदिर दर्शन
फलदीपिका बुध के स्थानों में 'जहाँ भगवान विष्णु विराजते हैं' को गिनती है। बुधवार को विष्णु मंदिर जाएँ; उत्तर भारत में बुधवार को गणेश मंदिर जाने की भी परंपरा है।
कब: बुधवार
शास्त्र · Phaladīpikā II.15 (V. S. Sastri)
Phaladīpikā II.15 (V. S. Sastri)
करें / न करें
न करें
मंदिर-दर्शन को किसी फल की शर्त न बनाएँ; यह श्रद्धा का समय है
लाल किताब (₹0 मुफ़्त)
लाल किताब (एक अलग परंपरा) के सरल, हानिरहित टोटके; नदी, जीव या संपत्ति को नुकसान वाला कुछ नहीं।
बुध
बहन, बेटी, बुआ, मौसी का आदर
लाल किताब बुध को बहन, बेटी, बुआ और मौसी से जोड़ती है। उनसे प्रेम से मिलें, और कभी-कभी कोई छोटी हरी चीज़ (हरी चूड़ी या रुमाल) भेंट करें।
कब: बुधवार
लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
बुध
दाँत और मुँह की सफ़ाई
लाल किताब बुध को दाँतों से जोड़ती है; रोज़ ठीक से दाँत साफ़ करें (यह आदत है, इलाज नहीं; दाँत की तकलीफ़ में डेंटिस्ट पहले)।
कब: रोज़
लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
बुध
साबुत मूंग का दान
बुधवार को थोड़ी साबुत मूंग किसी मंदिर या ज़रूरतमंद को दें।
कब: बुधवार
लाल किताब
लाल किताब (अलग परंपरा)
करें / न करें
न करें
कुछ भी नदी या तालाब में न डालें
दान (₹0–₹51)
ग्रह के वार पर उससे जुड़ी कोई छोटी चीज़ अपनी सामर्थ्य से किसी ज़रूरतमंद को देना।
बुध
शास्त्र में बताया दान: सोना
बृहत् पराशर होरा शास्त्र (84.25) और प्रश्न मार्ग, दोनों बुध के लिए सोने का दान बताते हैं। यह जानकारी है; अपनी सामर्थ्य से बाहर कुछ न करें।
कब: बुधवार
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.25
BPHS (Santhanam) 84.25
बुध
आज का छोटा रूप: मूंग, हरी सब्ज़ी, कॉपी-पेन
बुधवार को किसी ज़रूरतमंद को मूंग दाल या हरी सब्ज़ी दें, या किसी विद्यार्थी को कॉपी-पेन।
कब: बुधवार
परंपरा
करें / न करें
करें
जो दें, साफ़ और उपयोगी हो
न करें
उधार लेकर या दिखावे के लिए दान न करें
बुध
किसी को दूध में पका अन्न खिलाना
बृहत् पराशर होरा शास्त्र बुध के लिए ब्राह्मण-भोजन में दूध में पका धान (अन्न) बताता है। आज का रूप (परंपरा): किसी ज़रूरतमंद को खीर या दूध-चावल खिलाएँ।
कब: बुधवार
शास्त्र · BPHS (Santhanam) 84.23–24
BPHS (Santhanam) 84.23–24
औषधि स्नान (₹0–₹99)
ग्रह से जुड़ी जड़ी-बूटी डाले पानी से स्नान; त्वचा पर जलन हो तो न करें।
बुध
ग्रह के अनुसार औषधि-जल से स्नान
प्रश्न मार्ग गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के लिए 'उस ग्रह की औषधियों वाले जल' से स्नान बताता है।
कब: —
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.32 (Raman tr.)
बुध
बुध के लिए: जायफल, शहद, अक्षत
बाल्टी भर पानी में एक चुटकी जायफल चूर्ण, कुछ बूँद शहद और थोड़े अक्षत (साबुत चावल) डालकर स्नान करें। सूचियाँ परंपराओं में अलग-अलग मिलती हैं।
कब: बुधवार सुबह
परंपरा
करें / न करें
करें
पहले हाथ पर थोड़ा लगाकर देखें; त्वचा पर जलन हो तो न करें
न करें
कोई त्वचा रोग या एलर्जी हो तो डॉक्टर से पूछे बिना न करें; सेहत के लिए डॉक्टर पहले
जड़ी / मूल
ग्रह से जुड़ी पौधे की जड़, कपड़े या ताबीज़ में धारण; परंपराएँ अलग-अलग जड़ बताती हैं।
बुध
विधारा मूल
परंपरा बुध के लिए विधारा की जड़ बताती है: बुधवार को हरे कपड़े में बाँधकर या हरे धागे में बाँह पर धारण करते हैं।
कब: बुधवार, शुक्ल पक्ष
परंपरा
करें / न करें
करें
भरोसेमंद जगह से लें; पहचान का तरीका 'असली कैसे पहचानें' गाइड में
पंडित जी से आपके नाम के संकल्प के साथ ग्रह का जाप या हवन; ख़र्च पहले से तय करें।
बुध
बुध का वैदिक मंत्र-जाप: 9,000
बृहत् पराशर होरा शास्त्र बुध के वैदिक मंत्र (आरंभ: 'उद्बुध्यस्व…') की जाप-संख्या 9,000 बताता है। पंडित संकल्प लेकर, ग्रह-पूजन के बाद यह जाप करते हैं; प्रायः कई दिन या कई पंडितों में बँटता है।
संकल्प, गणेश-पूजन, बुध-पूजन (हरे वस्त्र-फूल), मंत्र-जाप और छोटा हवन। आम तौर पर ₹251–₹2,100 (छोटी पूजा से लेकर हवन सहित); पूरी 9,000 जाप-संख्या का ख़र्च इससे ज़्यादा हो सकता है, पहले लिखित में पूछ लें।
कब: बुधवार
परंपरा
करें / न करें
न करें
डर दिखाकर या 'तुरंत फल' का वादा करके कराई जाने वाली पूजा से दूर रहें
प्रश्न मार्ग बुध का रत्न 'गरुड़' (पन्ना) बताता है, गोचर में प्रतिकूल ग्रहों के प्रसंग में; कुंडली के शुभ स्वामी ग्रह के लिए रत्न पहनना आज की परंपरा है। सोना या काँसा, कनिष्ठा उँगली, बुधवार (धातु, उँगली, दिन: परंपरा)।
कब: बुधवार, शुक्ल पक्ष
शास्त्र · Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
Praśna Mārga XXII.29 (Raman tr.)
करें / न करें
करें
केवल तब, जब यह ग्रह आपकी कुंडली के लिए शुभ स्वामी हो (gem rule)
हमारे नियम में बुध इन लग्नों के लिए योग्य है: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, कुंभ
ख़रीदें तो लैब सर्टिफ़िकेट (प्रमाणपत्र संख्या सहित) माँगें; पहचान का तरीका हमारी 'असली कैसे पहचानें' गाइड में है
न करें
12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रत्न नहीं; गर्भावस्था, बीमारी या दुख के समय रत्न का विचार न करें
कोई रत्न 'ज़रूरी' नहीं है; ₹0 वाले उपाय पहले हैं, और पहनना या न पहनना आपका चुनाव है
हम साइट को बेहतर बनाने के लिए कुछ आँकड़े (जैसे कौन-सा पन्ना खुला) गिनते हैं। आपका जन्म विवरण सिर्फ़ आपके डिवाइस पर रहता है, जब तक आप उसे भेजें नहीं। विस्तार से पढ़ें