शतभिषा नक्षत्र, चरण 2: अंश, नवांश और नामाक्षर

शतभिषा का चरण 2 कुंभ 10°00′ से कुंभ 13°20′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
कुंभ 10°00′ – कुंभ 13°20′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
310.000000 – 313.333333
राशि
कुंभ
नवांश राशि
मकर
नवांश स्वामी
शनि
नामाक्षर
सा
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

शतभिषा का चरण 2 कुंभ 10°00′ से कुंभ 13°20′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण कुंभ राशि में आता है और इसका नवांश मकर है, जिसके स्वामी शनि हैं। नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा राहु की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'सा' है।

परंपरा क्या मानती है

परंपरा मानती है कि शतभिषा में चंद्रमा वाले लोग अपनी राह खुद सोचते हैं और भीड़ के पीछे चलना कम पसंद करते हैं। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: अनुशासन, धैर्य, ज़िम्मेदारी निभाना, और लंबी दौड़ के लिए योजना बनाना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

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आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14