शतभिषा नक्षत्र, चरण 1: अंश, नवांश और नामाक्षर

शतभिषा का चरण 1 कुंभ 6°40′ से कुंभ 10°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
कुंभ 6°40′ – कुंभ 10°00′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
306.666667 – 310.000000
राशि
कुंभ
नवांश राशि
धनु
नवांश स्वामी
गुरु (बृहस्पति)
नामाक्षर
गो
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

शतभिषा का चरण 1 कुंभ 6°40′ से कुंभ 10°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण कुंभ राशि में आता है और इसका नवांश धनु है, जिसके स्वामी गुरु हैं। नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा राहु की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'गो' है।

परंपरा क्या मानती है

परंपरा मानती है कि शतभिषा में चंद्रमा वाले लोग अपनी राह खुद सोचते हैं और भीड़ के पीछे चलना कम पसंद करते हैं। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: आशावाद, सच्चाई, सीखने-सिखाने की ललक, और दूसरों का हौसला बढ़ाना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

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आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14