पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, चरण 3: अंश, नवांश और नामाक्षर

पूर्वाषाढ़ा का चरण 3 धनु 20°00′ से धनु 23°20′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
धनु 20°00′ – धनु 23°20′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
260.000000 – 263.333333
राशि
धनु
नवांश राशि
तुला
नवांश स्वामी
शुक्र
नामाक्षर
फा
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

पूर्वाषाढ़ा का चरण 3 धनु 20°00′ से धनु 23°20′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण धनु राशि में आता है और इसका नवांश तुला है, जिसके स्वामी शुक्र हैं। नक्षत्र के स्वामी शुक्र हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा शुक्र की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'फा' है।

परंपरा क्या मानती है

परंपरा मानती है कि पूर्वाषाढ़ा में चंद्रमा वाले लोगों में एक भीतरी उत्साह होता है जो आसानी से हार नहीं मानता। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: संतुलित सोच, शिष्टता, लोगों को जोड़ने की कला, और कला व सौंदर्य की समझ। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

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आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14