पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, चरण 1: अंश, नवांश और नामाक्षर
पूर्वाषाढ़ा का चरण 1 धनु 13°20′ से धनु 16°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)।
स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर
आपकी कुंडली में
अंश
धनु 13°20′ – धनु 16°40′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
253.333333 – 256.666667
राशि
धनु
नवांश राशि
सिंह
नवांश स्वामी
सूर्य
नामाक्षर
भू अवकहड़ा चक्र (परंपरा)
नक्षत्र स्वामी (विंशोत्तरी)
शुक्र
वर्गोत्तम
नहीं
इस चरण की बातें
पूर्वाषाढ़ा का चरण 1 धनु 13°20′ से धनु 16°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण धनु राशि में आता है और इसका नवांश सिंह है, जिसके स्वामी सूर्य हैं। नक्षत्र के स्वामी शुक्र हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा शुक्र की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'भू' है।
परंपरा क्या मानती है
परंपरा मानती है कि पूर्वाषाढ़ा में चंद्रमा वाले लोगों में एक भीतरी उत्साह होता है जो आसानी से हार नहीं मानता। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: आत्मविश्वास, उदारता, नेतृत्व करने की क्षमता, और अपनी बात पर टिके रहना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।
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