अश्विनी नक्षत्र, चरण 2: अंश, नवांश और नामाक्षर

अश्विनी का चरण 2 मेष 3°20′ से मेष 6°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
मेष 3°20′ – मेष 6°40′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
3.333333 – 6.666667
राशि
मेष
नवांश राशि
वृषभ
नवांश स्वामी
शुक्र
नामाक्षर
चे
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

अश्विनी का चरण 2 मेष 3°20′ से मेष 6°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण मेष राशि में आता है और इसका नवांश वृषभ है, जिसके स्वामी शुक्र हैं। नक्षत्र के स्वामी केतु हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा केतु की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'चे' है।

परंपरा क्या मानती है

परंपरा मानती है कि अश्विनी का स्वभाव तेज़ और सीधा होता है। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: धैर्य, भरोसेमंद होना, पैसों और साधनों को सँभालने की समझ, और सुंदरता व कला की परख। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

आगे पढ़ें

आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14