अनुराधा नक्षत्र, चरण 1: अंश, नवांश और नामाक्षर

अनुराधा का चरण 1 वृश्चिक 3°20′ से वृश्चिक 6°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
वृश्चिक 3°20′ – वृश्चिक 6°40′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
213.333333 – 216.666667
राशि
वृश्चिक
नवांश राशि
सिंह
नवांश स्वामी
सूर्य
नामाक्षर
ना
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

अनुराधा का चरण 1 वृश्चिक 3°20′ से वृश्चिक 6°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण वृश्चिक राशि में आता है और इसका नवांश सिंह है, जिसके स्वामी सूर्य हैं। नक्षत्र के स्वामी शनि हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा शनि की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'ना' है।

परंपरा क्या मानती है

ज्योतिष की परंपरा अनुराधा को मित्रता, सहयोग, निष्ठा और लोगों को जोड़ने से जोड़ती है। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: आत्मविश्वास, उदारता, नेतृत्व करने की क्षमता, और अपनी बात पर टिके रहना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

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आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14