उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, चरण 4: अंश, नवांश और नामाक्षर

उत्तरा भाद्रपद का चरण 4 मीन 13°20′ से मीन 16°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
मीन 13°20′ – मीन 16°40′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
343.333333 – 346.666667
राशि
मीन
नवांश राशि
वृश्चिक
नवांश स्वामी
मंगल
नामाक्षर
ञ
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

उत्तरा भाद्रपद का चरण 4 मीन 13°20′ से मीन 16°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण मीन राशि में आता है और इसका नवांश वृश्चिक है, जिसके स्वामी मंगल हैं। नक्षत्र के स्वामी शनि हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा शनि की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'ञ' है।

परंपरा क्या मानती है

परंपरा मानती है कि उत्तरा भाद्रपद में चंद्रमा वाले लोग शांत, गहरे और संयमी होते हैं। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: लगन, गहरी समझ, रहस्य सँभालने का भरोसा, और कठिन समय में भी डटे रहना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

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आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14