श्रवण नक्षत्र, चरण 3: अंश, नवांश और नामाक्षर

श्रवण का चरण 3 मकर 16°40′ से मकर 20°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
मकर 16°40′ – मकर 20°00′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
286.666667 – 290.000000
राशि
मकर
नवांश राशि
मिथुन
नवांश स्वामी
बुध
नामाक्षर
खे
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

श्रवण का चरण 3 मकर 16°40′ से मकर 20°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण मकर राशि में आता है और इसका नवांश मिथुन है, जिसके स्वामी बुध हैं। नक्षत्र के स्वामी चंद्र हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा चंद्र की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'खे' है।

परंपरा क्या मानती है

परंपरा मानती है कि श्रवण में चंद्रमा वाले लोग अच्छे श्रोता होते हैं: वे बोलने से पहले सुनते हैं और बात का सार पकड़ लेते हैं। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: तेज़ समझ, बात को अच्छे से कहने की कला, नई चीज़ें सीखने की ललक, और हालात के हिसाब से ढल जाना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

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आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14