श्रवण का चरण 1 मकर 10°00′ से मकर 13°20′ तक फैला है (कुल 3°20′)।
स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर
आपकी कुंडली में
अंश
मकर 10°00′ – मकर 13°20′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
280.000000 – 283.333333
राशि
मकर
नवांश राशि
मेष
नवांश स्वामी
मंगल
नामाक्षर
खी अवकहड़ा चक्र (परंपरा)
नक्षत्र स्वामी (विंशोत्तरी)
चंद्र
वर्गोत्तम
नहीं
इस चरण की बातें
श्रवण का चरण 1 मकर 10°00′ से मकर 13°20′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण मकर राशि में आता है और इसका नवांश मेष है, जिसके स्वामी मंगल हैं। नक्षत्र के स्वामी चंद्र हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा चंद्र की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'खी' है।
परंपरा क्या मानती है
परंपरा मानती है कि श्रवण में चंद्रमा वाले लोग अच्छे श्रोता होते हैं: वे बोलने से पहले सुनते हैं और बात का सार पकड़ लेते हैं। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: हिम्मत, पहल करने की आदत, साफ़ बोलना और मुश्किल घड़ी में आगे आकर ज़िम्मेदारी लेना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।
हम साइट को बेहतर बनाने के लिए कुछ आँकड़े (जैसे कौन-सा पन्ना खुला) गिनते हैं। आपका जन्म विवरण सिर्फ़ आपके डिवाइस पर रहता है, जब तक आप उसे भेजें नहीं। विस्तार से पढ़ें