इस चरण की बातें
रेवती का चरण 4 मीन 26°40′ से मीन 30°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण मीन राशि में आता है और इसका नवांश मीन है, जिसके स्वामी गुरु हैं। नक्षत्र के स्वामी बुध हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा बुध की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'ची' है। इस चरण में राशि और नवांश एक ही (मीन) हैं; इसे वर्गोत्तम कहा जाता है।
परंपरा क्या मानती है
परंपरा मानती है कि रेवती में चंद्रमा वाले लोग कोमल, दयालु और दूसरों का ध्यान रखने वाले होते हैं। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: करुणा, कल्पनाशक्ति, आस्था, और दूसरों को बिना शर्त अपनाना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।