कृत्तिका नक्षत्र, चरण 4: अंश, नवांश और नामाक्षर

कृत्तिका का चरण 4 वृषभ 6°40′ से वृषभ 10°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
वृषभ 6°40′ – वृषभ 10°00′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
36.666667 – 40.000000
राशि
वृषभ
नवांश राशि
मीन
नवांश स्वामी
गुरु (बृहस्पति)
नामाक्षर
ए
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

कृत्तिका का चरण 4 वृषभ 6°40′ से वृषभ 10°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण वृषभ राशि में आता है और इसका नवांश मीन है, जिसके स्वामी गुरु हैं। नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा सूर्य की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'ए' है।

परंपरा क्या मानती है

परंपरा मानती है कि कृत्तिका का स्वभाव साफ़-साफ़ बात कहने वाला और आत्मसम्मान से भरा होता है। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: करुणा, कल्पनाशक्ति, आस्था, और दूसरों को बिना शर्त अपनाना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

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आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14