उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, चरण 3: अंश, नवांश और नामाक्षर

उत्तरा फाल्गुनी का चरण 3 कन्या 3°20′ से कन्या 6°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
कन्या 3°20′ – कन्या 6°40′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
153.333333 – 156.666667
राशि
कन्या
नवांश राशि
कुंभ
नवांश स्वामी
शनि
नामाक्षर
पा
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

उत्तरा फाल्गुनी का चरण 3 कन्या 3°20′ से कन्या 6°40′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण कन्या राशि में आता है और इसका नवांश कुंभ है, जिसके स्वामी शनि हैं। नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा सूर्य की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'पा' है।

परंपरा क्या मानती है

ज्योतिष की परंपरा उत्तरा फाल्गुनी को भरोसे, मदद करने के स्वभाव और किए गए वादे पर टिके रहने से जोड़ती है। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: नई सोच, निष्पक्षता, दोस्ती निभाना, और समाज के लिए कुछ करने का भाव। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

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आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14