पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, चरण 3: अंश, नवांश और नामाक्षर

पूर्वा भाद्रपद का चरण 3 कुंभ 26°40′ से कुंभ 30°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)।

स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर

आपकी कुंडली में

अंश
कुंभ 26°40′ – कुंभ 30°00′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
326.666667 – 330.000000
राशि
कुंभ
नवांश राशि
मिथुन
नवांश स्वामी
बुध
नामाक्षर
दा
अवकहड़ा चक्र (परंपरा)

इस चरण की बातें

पूर्वा भाद्रपद का चरण 3 कुंभ 26°40′ से कुंभ 30°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण कुंभ राशि में आता है और इसका नवांश मिथुन है, जिसके स्वामी बुध हैं। नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा गुरु की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'दा' है।

परंपरा क्या मानती है

परंपरा मानती है कि पूर्वा भाद्रपद में चंद्रमा वाले लोग किसी बड़े आदर्श के लिए जी सकते हैं, और जिस बात को मानते हैं उसमें पूरी लगन लगाते हैं। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: तेज़ समझ, बात को अच्छे से कहने की कला, नई चीज़ें सीखने की ललक, और हालात के हिसाब से ढल जाना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।

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आधार ग्रंथ

  • अवकहड़ा चक्र (परंपरा) · नामाक्षर

शास्त्रीय ग्रंथों से मिलान · अंतिम बार जाँचा: 2026-10-14