मघा का चरण 3 सिंह 6°40′ से सिंह 10°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)।
स्रोत: अवकहड़ा चक्र (परंपरा), नामाक्षर
आपकी कुंडली में
अंश
सिंह 6°40′ – सिंह 10°00′
निरयन अंश (राशिचक्र में)
126.666667 – 130.000000
राशि
सिंह
नवांश राशि
मिथुन
नवांश स्वामी
बुध
नामाक्षर
मू अवकहड़ा चक्र (परंपरा)
नक्षत्र स्वामी (विंशोत्तरी)
केतु
वर्गोत्तम
नहीं
इस चरण की बातें
मघा का चरण 3 सिंह 6°40′ से सिंह 10°00′ तक फैला है (कुल 3°20′)। यह चरण सिंह राशि में आता है और इसका नवांश मिथुन है, जिसके स्वामी बुध हैं। नक्षत्र के स्वामी केतु हैं, इसलिए इस चरण में जन्म होने पर पहली महादशा केतु की होती है। अवकहड़ा चक्र (परंपरा) में इस चरण का नामाक्षर 'मू' है।
परंपरा क्या मानती है
परंपरा मानती है कि मघा का संबंध परिवार, परंपरा और अपनी जड़ों के आदर से है। नवांश के रंग से परंपरा इस चरण में ये गुण भी देखती है: तेज़ समझ, बात को अच्छे से कहने की कला, नई चीज़ें सीखने की ललक, और हालात के हिसाब से ढल जाना। ये बातें परंपरा की प्रवृत्तियाँ हैं, किसी व्यक्ति पर लगी मुहर नहीं; असली तस्वीर पूरी कुंडली से बनती है।
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