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आज का पंचांग: दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यहाँ आपके शहर का आज का पंचांग है, हर अंग के समाप्ति समय के साथ, और सूर्योदय, चंद्रोदय, राहु काल, गुलिक, यमगंड, अभिजित, चौघड़िया और होरा। कुंडली सहेजी हो तो आपका आज का तारा बल और चंद्र बल भी।

स्रोत: धर्मसिंधु · उज्जैन के सूर्योदय से तिथि-निर्णय

22 अक्टूबर 2027 · विक्रम संवत 2084 · आश्विन मास

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पंचांग के पाँच अंग

तिथिसप्तमी (कृष्ण)11:56 तक
नक्षत्रपुनर्वसु20:25 तक
योगसिद्ध23:30 तक
करणबव11:56 तक
वारशुक्रवार
सूर्योदय06:26
सूर्यास्त17:44
चंद्रोदय23:36
चंद्रास्त12:52

दिन के काल

राहु काल
10:40–12:05
गुलिक काल
07:50–09:15
यमगंड
14:55–16:20
अभिजित मुहूर्त
11:42–12:28

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

चौघड़िया · दिन

चर06:26–07:50
लाभ ★07:50–09:15
अमृत ★09:15–10:40
काल10:40–12:05
शुभ ★12:05–13:30
रोग13:30–14:55
उद्वेग14:55–16:20
चर16:20–17:44

चौघड़िया · रात

रोग17:44–19:20
काल19:20–20:55
लाभ ★20:55–22:30
उद्वेग22:30–00:05
शुभ ★00:05–01:41
अमृत ★01:41–03:16
चर03:16–04:51
रोग04:51–06:26

★ अमृत, शुभ, लाभ · ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

होरा
शुक्र06:26–07:22
बुध07:22–08:19
चंद्र08:19–09:15
शनि09:15–10:12
गुरु (बृहस्पति)10:12–11:08
मंगल11:08–12:05
सूर्य12:05–13:02
शुक्र13:02–13:58
बुध13:58–14:55
चंद्र14:55–15:51
शनि15:51–16:48
गुरु16:48–17:44
मंगल17:44–18:48
सूर्य18:48–19:51
शुक्र19:51–20:55
बुध20:55–21:58
चंद्र21:58–23:02
शनि23:02–00:05
गुरु00:05–01:09
मंगल01:09–02:12
सूर्य02:12–03:16
शुक्र03:16–04:19
बुध04:19–05:23
चंद्र05:23–06:26

होरा दिन का एक 'घंटा' है: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय का 24वाँ हिस्सा, और हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।

समय लगभग हैं; अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

आपके लिए आज

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