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आज का पंचांग: दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यहाँ आपके शहर का आज का पंचांग है, हर अंग के समाप्ति समय के साथ, और सूर्योदय, चंद्रोदय, राहु काल, गुलिक, यमगंड, अभिजित, चौघड़िया और होरा। कुंडली सहेजी हो तो आपका आज का तारा बल और चंद्र बल भी।

स्रोत: धर्मसिंधु · उज्जैन के सूर्योदय से तिथि-निर्णय

19 अक्टूबर 2027 · विक्रम संवत 2084 · आश्विन मास

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पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्थी (कृष्ण)16:42 तक
नक्षत्ररोहिणी23:15 तक
योगव्यतीपात09:17 तक
करणबालव16:42 तक
वारमंगलवार
सूर्योदय06:24
सूर्यास्त17:47
चंद्रोदय20:23
चंद्रास्त10:04

दिन के काल

राहु काल
14:56–16:22
गुलिक काल
12:06–13:31
यमगंड
09:15–10:40
अभिजित मुहूर्त
11:43–12:28

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

चौघड़िया · दिन

रोग06:24–07:49
उद्वेग07:49–09:15
चर09:15–10:40
लाभ ★10:40–12:06
अमृत ★12:06–13:31
काल13:31–14:56
शुभ ★14:56–16:22
रोग16:22–17:47

चौघड़िया · रात

काल17:47–19:22
लाभ ★19:22–20:57
उद्वेग20:57–22:31
शुभ ★22:31–00:06
अमृत ★00:06–01:40
चर01:40–03:15
रोग03:15–04:50
काल04:50–06:24

★ अमृत, शुभ, लाभ · ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

होरा
मंगल06:24–07:21
सूर्य07:21–08:18
शुक्र08:18–09:15
बुध09:15–10:12
चंद्र10:12–11:09
शनि11:09–12:06
गुरु (बृहस्पति)12:06–13:02
मंगल13:02–13:59
सूर्य13:59–14:56
शुक्र14:56–15:53
बुध15:53–16:50
चंद्र16:50–17:47
शनि17:47–18:50
गुरु18:50–19:54
मंगल19:54–20:57
सूर्य20:57–22:00
शुक्र22:00–23:03
बुध23:03–00:06
चंद्र00:06–01:09
शनि01:09–02:12
गुरु02:12–03:15
मंगल03:15–04:18
सूर्य04:18–05:21
शुक्र05:21–06:24

होरा दिन का एक 'घंटा' है: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय का 24वाँ हिस्सा, और हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।

समय लगभग हैं; अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

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