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आज का पंचांग: दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यहाँ आपके शहर का आज का पंचांग है, हर अंग के समाप्ति समय के साथ, और सूर्योदय, चंद्रोदय, राहु काल, गुलिक, यमगंड, अभिजित, चौघड़िया और होरा। कुंडली सहेजी हो तो आपका आज का तारा बल और चंद्र बल भी।

स्रोत: धर्मसिंधु · उज्जैन के सूर्योदय से तिथि-निर्णय

14 अक्टूबर 2027 · विक्रम संवत 2084 · आश्विन मास

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पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्दशी (शुक्ल)18:49 तक
नक्षत्रउत्तरा भाद्रपद22:30 तक
योगध्रुव16:16 तक
करणगर06:23 तक
वारगुरुवार
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त17:52
चंद्रोदय16:57
चंद्रास्त05:01

दिन के काल

राहु काल
13:33–15:00
गुलिक काल
09:14–10:40
यमगंड
06:21–07:47
अभिजित मुहूर्त
11:44–12:30

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

चौघड़िया · दिन

शुभ ★06:21–07:47
रोग07:47–09:14
उद्वेग09:14–10:40
चर10:40–12:07
लाभ ★12:07–13:33
अमृत ★13:33–15:00
काल15:00–16:26
शुभ ★16:26–17:52

चौघड़िया · रात

अमृत ★17:52–19:26
चर19:26–21:00
रोग21:00–22:33
काल22:33–00:07
लाभ ★00:07–01:40
उद्वेग01:40–03:14
शुभ ★03:14–04:48
अमृत ★04:48–06:21

★ अमृत, शुभ, लाभ · ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

होरा
गुरु (बृहस्पति)06:21–07:18
मंगल07:18–08:16
सूर्य08:16–09:14
शुक्र09:14–10:11
बुध10:11–11:09
चंद्र11:09–12:07
शनि12:07–13:04
गुरु13:04–14:02
मंगल14:02–15:00
सूर्य15:00–15:57
शुक्र15:57–16:55
बुध16:55–17:52
चंद्र17:52–18:55
शनि18:55–19:57
गुरु19:57–21:00
मंगल21:00–22:02
सूर्य22:02–23:04
शुक्र23:04–00:07
बुध00:07–01:09
चंद्र01:09–02:12
शनि02:12–03:14
गुरु03:14–04:16
मंगल04:16–05:19
सूर्य05:19–06:21

होरा दिन का एक 'घंटा' है: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय का 24वाँ हिस्सा, और हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।

समय लगभग हैं; अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

आपके लिए आज

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