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आज का पंचांग: दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यहाँ आपके शहर का आज का पंचांग है, हर अंग के समाप्ति समय के साथ, और सूर्योदय, चंद्रोदय, राहु काल, गुलिक, यमगंड, अभिजित, चौघड़िया और होरा। कुंडली सहेजी हो तो आपका आज का तारा बल और चंद्र बल भी।

स्रोत: धर्मसिंधु · उज्जैन के सूर्योदय से तिथि-निर्णय

5 फ़रवरी 2027 · विक्रम संवत 2083 · पौष मास

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पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्दशी (कृष्ण)19:05 तक
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा18:32 तक
योगसिद्धि20:33 तक
करणशकुनि19:05 तक
वारशुक्रवार
सूर्योदय07:07
सूर्यास्त18:03
चंद्रोदय06:16
चंद्रास्त16:55

दिन के काल

राहु काल
11:13–12:35
गुलिक काल
08:29–09:51
यमगंड
15:19–16:41
अभिजित मुहूर्त
12:13–12:57

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

चौघड़िया · दिन

चर07:07–08:29
लाभ ★08:29–09:51
अमृत ★09:51–11:13
काल11:13–12:35
शुभ ★12:35–13:57
रोग13:57–15:19
उद्वेग15:19–16:41
चर16:41–18:03

चौघड़िया · रात

रोग18:03–19:41
काल19:41–21:19
लाभ ★21:19–22:57
उद्वेग22:57–00:34
शुभ ★00:34–02:12
अमृत ★02:12–03:50
चर03:50–05:28
रोग05:28–07:06

★ अमृत, शुभ, लाभ · ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

होरा
शुक्र07:07–08:01
बुध08:01–08:56
चंद्र08:56–09:51
शनि09:51–10:45
गुरु (बृहस्पति)10:45–11:40
मंगल11:40–12:35
सूर्य12:35–13:29
शुक्र13:29–14:24
बुध14:24–15:19
चंद्र15:19–16:13
शनि16:13–17:08
गुरु17:08–18:03
मंगल18:03–19:08
सूर्य19:08–20:13
शुक्र20:13–21:19
बुध21:19–22:24
चंद्र22:24–23:29
शनि23:29–00:34
गुरु00:34–01:40
मंगल01:40–02:45
सूर्य02:45–03:50
शुक्र03:50–04:56
बुध04:56–06:01
चंद्र06:01–07:06

होरा दिन का एक 'घंटा' है: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय का 24वाँ हिस्सा, और हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।

समय लगभग हैं; अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

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