ePanditवैदिक ज्योतिष, प्रमाण के साथ

आज का पंचांग: दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यहाँ आपके शहर का आज का पंचांग है, हर अंग के समाप्ति समय के साथ, और सूर्योदय, चंद्रोदय, राहु काल, गुलिक, यमगंड, अभिजित, चौघड़िया और होरा। कुंडली सहेजी हो तो आपका आज का तारा बल और चंद्र बल भी।

स्रोत: धर्मसिंधु · उज्जैन के सूर्योदय से तिथि-निर्णय

23 दिसंबर 2026 · विक्रम संवत 2083 · मार्गशीर्ष मास

‹ पिछला दिन आज अगला दिन ›

पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्दशी (शुक्ल)10:47 तक
नक्षत्ररोहिणी07:56 तक
योगशुभ17:15 तक
करणवणिज10:47 तक
वारबुधवार
सूर्योदय07:10
सूर्यास्त17:29
चंद्रोदय16:36
चंद्रास्त06:19

दिन के काल

राहु काल
12:20–13:37
गुलिक काल
11:02–12:20
यमगंड
08:27–09:45
अभिजित मुहूर्त
11:59–12:40
बुधवार को परंपरा अभिजित मुहूर्त नहीं लेती: मुहूर्त-चिंतामणि बुधवार के लिए अभिजित को निषिद्ध मुहूर्तों में गिनता है।

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

चौघड़िया · दिन

लाभ ★07:10–08:27
अमृत ★08:27–09:45
काल09:45–11:02
शुभ ★11:02–12:20
रोग12:20–13:37
उद्वेग13:37–14:54
चर14:54–16:12
लाभ ★16:12–17:29

चौघड़िया · रात

उद्वेग17:29–19:12
शुभ ★19:12–20:55
अमृत ★20:55–22:37
चर22:37–00:20
रोग00:20–02:03
काल02:03–03:45
लाभ ★03:45–05:28
उद्वेग05:28–07:11

★ अमृत, शुभ, लाभ · ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

होरा
बुध07:10–08:02
चंद्र08:02–08:53
शनि08:53–09:45
गुरु (बृहस्पति)09:45–10:36
मंगल10:36–11:28
सूर्य11:28–12:20
शुक्र12:20–13:11
बुध13:11–14:03
चंद्र14:03–14:54
शनि14:54–15:46
गुरु15:46–16:38
मंगल16:38–17:29
सूर्य17:29–18:38
शुक्र18:38–19:46
बुध19:46–20:55
चंद्र20:55–22:03
शनि22:03–23:11
गुरु23:11–00:20
मंगल00:20–01:28
सूर्य01:28–02:37
शुक्र02:37–03:45
बुध03:45–04:54
चंद्र04:54–06:02
शनि06:02–07:11

होरा दिन का एक 'घंटा' है: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय का 24वाँ हिस्सा, और हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।

समय लगभग हैं; अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

आपके लिए आज

अपनी कुंडली जोड़िए, आज का तारा बल और चंद्र बल यहाँ दिखेगा। जोड़ें

व्रत और त्योहार → · पंचांग के अंग समझें →