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आज का पंचांग: दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यहाँ आपके शहर का आज का पंचांग है, हर अंग के समाप्ति समय के साथ, और सूर्योदय, चंद्रोदय, राहु काल, गुलिक, यमगंड, अभिजित, चौघड़िया और होरा। कुंडली सहेजी हो तो आपका आज का तारा बल और चंद्र बल भी।

स्रोत: धर्मसिंधु · उज्जैन के सूर्योदय से तिथि-निर्णय

14 नवंबर 2026 · विक्रम संवत 2083 · कार्तिक मास

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पंचांग के पाँच अंग

तिथिपंचमी (शुक्ल)23:24 तक
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा20:24 तक
योगशूल06:22 तक
करणबव10:03 तक
वारशनिवार
सूर्योदय06:42
सूर्यास्त17:27
चंद्रोदय11:00
चंद्रास्त21:22

दिन के काल

राहु काल
09:24–10:44
गुलिक काल
06:42–08:03
यमगंड
13:26–14:46
अभिजित मुहूर्त
11:43–12:26

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

चौघड़िया · दिन

काल06:42–08:03
शुभ ★08:03–09:24
रोग09:24–10:44
उद्वेग10:44–12:05
चर12:05–13:26
लाभ ★13:26–14:46
अमृत ★14:46–16:07
काल16:07–17:27

चौघड़िया · रात

लाभ ★17:27–19:07
उद्वेग19:07–20:46
शुभ ★20:46–22:26
अमृत ★22:26–00:05
चर00:05–01:45
रोग01:45–03:24
काल03:24–05:04
लाभ ★05:04–06:43

★ अमृत, शुभ, लाभ · ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

होरा
शनि06:42–07:36
गुरु (बृहस्पति)07:36–08:30
मंगल08:30–09:24
सूर्य09:24–10:17
शुक्र10:17–11:11
बुध11:11–12:05
चंद्र12:05–12:59
शनि12:59–13:52
गुरु13:52–14:46
मंगल14:46–15:40
सूर्य15:40–16:34
शुक्र16:34–17:27
बुध17:27–18:34
चंद्र18:34–19:40
शनि19:40–20:46
गुरु20:46–21:53
मंगल21:53–22:59
सूर्य22:59–00:05
शुक्र00:05–01:12
बुध01:12–02:18
चंद्र02:18–03:24
शनि03:24–04:31
गुरु04:31–05:37
मंगल05:37–06:43

होरा दिन का एक 'घंटा' है: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय का 24वाँ हिस्सा, और हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।

समय लगभग हैं; अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

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