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आज का पंचांग: दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यहाँ आपके शहर का आज का पंचांग है, हर अंग के समाप्ति समय के साथ, और सूर्योदय, चंद्रोदय, राहु काल, गुलिक, यमगंड, अभिजित, चौघड़िया और होरा। कुंडली सहेजी हो तो आपका आज का तारा बल और चंद्र बल भी।

स्रोत: धर्मसिंधु · उज्जैन के सूर्योदय से तिथि-निर्णय

10 नवंबर 2026 · विक्रम संवत 2083 · कार्तिक मास

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पंचांग के पाँच अंग

तिथिप्रतिपदा (शुक्ल)14:00 तक
नक्षत्रविशाखा09:19 तक
योगशोभन03:09 तक
करणबव14:00 तक
वारमंगलवार
सूर्योदय06:39
सूर्यास्त17:30
चंद्रोदय07:33
चंद्रास्त17:57

दिन के काल

राहु काल
14:47–16:08
गुलिक काल
12:04–13:26
यमगंड
09:22–10:43
अभिजित मुहूर्त
11:43–12:26

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

चौघड़िया · दिन

रोग06:39–08:01
उद्वेग08:01–09:22
चर09:22–10:43
लाभ ★10:43–12:04
अमृत ★12:04–13:26
काल13:26–14:47
शुभ ★14:47–16:08
रोग16:08–17:30

चौघड़िया · रात

काल17:30–19:08
लाभ ★19:08–20:47
उद्वेग20:47–22:26
शुभ ★22:26–00:05
अमृत ★00:05–01:44
चर01:44–03:22
रोग03:22–05:01
काल05:01–06:40

★ अमृत, शुभ, लाभ · ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

होरा
मंगल06:39–07:33
सूर्य07:33–08:28
शुक्र08:28–09:22
बुध09:22–10:16
चंद्र10:16–11:10
शनि11:10–12:04
गुरु (बृहस्पति)12:04–12:59
मंगल12:59–13:53
सूर्य13:53–14:47
शुक्र14:47–15:41
बुध15:41–16:35
चंद्र16:35–17:30
शनि17:30–18:35
गुरु18:35–19:41
मंगल19:41–20:47
सूर्य20:47–21:53
शुक्र21:53–22:59
बुध22:59–00:05
चंद्र00:05–01:11
शनि01:11–02:17
गुरु02:17–03:22
मंगल03:22–04:28
सूर्य04:28–05:34
शुक्र05:34–06:40

होरा दिन का एक 'घंटा' है: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय का 24वाँ हिस्सा, और हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।

समय लगभग हैं; अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

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