आज का पंचांग: दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यहाँ आपके शहर का आज का पंचांग है, हर अंग के समाप्ति समय के साथ, और सूर्योदय, चंद्रोदय, राहु काल, गुलिक, यमगंड, अभिजित, चौघड़िया और होरा। कुंडली सहेजी हो तो आपका आज का तारा बल और चंद्र बल भी।

स्रोत: धर्मसिंधु · उज्जैन के सूर्योदय से तिथि-निर्णय

18 अक्टूबर 2026 · विक्रम संवत 2083 · आश्विन मास

‹ पिछला दिन आज अगला दिन ›

पंचांग के पाँच अंग

तिथिसप्तमी (शुक्ल)08:28 तक
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा12:49 तक
योगसुकर्मा23:56 तक
करणवणिज08:28 तक
वाररविवार
सूर्योदय06:23
सूर्यास्त17:48
चंद्रोदय13:05
चंद्रास्त23:31

दिन के काल

राहु काल
16:23–17:48
गुलिक काल
14:57–16:23
यमगंड
12:06–13:31
अभिजित मुहूर्त
11:43–12:29

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

चौघड़िया · दिन

उद्वेग06:23–07:49
चर07:49–09:14
लाभ ★09:14–10:40
अमृत ★10:40–12:06
काल12:06–13:31
शुभ ★13:31–14:57
रोग14:57–16:23
उद्वेग16:23–17:48

चौघड़िया · रात

शुभ ★17:48–19:23
अमृत ★19:23–20:57
चर20:57–22:32
रोग22:32–00:06
काल00:06–01:40
लाभ ★01:40–03:15
उद्वेग03:15–04:49
शुभ ★04:49–06:24

★ अमृत, शुभ, लाभ · ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

होरा
सूर्य06:23–07:20
शुक्र07:20–08:17
बुध08:17–09:14
चंद्र09:14–10:12
शनि10:12–11:09
गुरु (बृहस्पति)11:09–12:06
मंगल12:06–13:03
सूर्य13:03–14:00
शुक्र14:00–14:57
बुध14:57–15:54
चंद्र15:54–16:51
शनि16:51–17:48
गुरु17:48–18:51
मंगल18:51–19:54
सूर्य19:54–20:57
शुक्र20:57–22:00
बुध22:00–23:03
चंद्र23:03–00:06
शनि00:06–01:09
गुरु01:09–02:12
मंगल02:12–03:15
सूर्य03:15–04:18
शुक्र04:18–05:21
बुध05:21–06:24

होरा दिन का एक 'घंटा' है: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय का 24वाँ हिस्सा, और हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।

समय लगभग हैं; अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

आपके लिए आज

अपनी कुंडली जोड़िए, आज का तारा बल और चंद्र बल यहाँ दिखेगा। जोड़ें

व्रत और त्योहार → · पंचांग के अंग समझें →