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आज का पंचांग: दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यहाँ आपके शहर का आज का पंचांग है, हर अंग के समाप्ति समय के साथ, और सूर्योदय, चंद्रोदय, राहु काल, गुलिक, यमगंड, अभिजित, चौघड़िया और होरा। कुंडली सहेजी हो तो आपका आज का तारा बल और चंद्र बल भी।

स्रोत: धर्मसिंधु · उज्जैन के सूर्योदय से तिथि-निर्णय

14 अगस्त 2026 · विक्रम संवत 2083 · श्रावण मास

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पंचांग के पाँच अंग

तिथिद्वितीया (शुक्ल)18:47 तक
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी03:42 तक
योगपरिघ09:28 तक
करणबालव07:40 तक
वारशुक्रवार
सूर्योदय05:49
सूर्यास्त19:01
चंद्रोदय07:16
चंद्रास्त20:05

दिन के काल

राहु काल
10:46–12:25
गुलिक काल
07:28–09:07
यमगंड
15:43–17:22
अभिजित मुहूर्त
11:59–12:52

राहु काल दिन का लगभग डेढ़ घंटे का एक हिस्सा है जो हर वार के लिए तय क्रम से आता है। परंपरा, खासकर दक्षिण भारत में, इस समय नया काम शुरू करना टालती है। हम यह समय बताते हैं; मानना या न मानना आपका और आपके परिवार का निर्णय है।

चौघड़िया · दिन

चर05:49–07:28
लाभ ★07:28–09:07
अमृत ★09:07–10:46
काल10:46–12:25
शुभ ★12:25–14:04
रोग14:04–15:43
उद्वेग15:43–17:22
चर17:22–19:01

चौघड़िया · रात

रोग19:01–20:22
काल20:22–21:43
लाभ ★21:43–23:04
उद्वेग23:04–00:25
शुभ ★00:25–01:47
अमृत ★01:47–03:08
चर03:08–04:29
रोग04:29–05:50

★ अमृत, शुभ, लाभ · ये नाम परंपरा के हैं। उद्वेग, काल और रोग में परंपरा बस नया काम शुरू करना टालती है; बाकी सब काम सामान्य चलते हैं।

होरा
शुक्र05:49–06:55
बुध06:55–08:01
चंद्र08:01–09:07
शनि09:07–10:13
गुरु (बृहस्पति)10:13–11:19
मंगल11:19–12:25
सूर्य12:25–13:31
शुक्र13:31–14:37
बुध14:37–15:43
चंद्र15:43–16:49
शनि16:49–17:55
गुरु17:55–19:01
मंगल19:01–19:55
सूर्य19:55–20:49
शुक्र20:49–21:43
बुध21:43–22:37
चंद्र22:37–23:31
शनि23:31–00:25
गुरु00:25–01:20
मंगल01:20–02:14
सूर्य02:14–03:08
शुक्र03:08–04:02
बुध04:02–04:56
चंद्र04:56–05:50

होरा दिन का एक 'घंटा' है: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय का 24वाँ हिस्सा, और हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।

समय लगभग हैं; अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

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