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वैदिक ज्योतिष में राशि क्या है?

व्याख्या · समीक्षा अगस्त २०२६

राशि ३६०° खगोलीय राशिचक्र का ३०° का भाग है। वैदिक ज्योतिष में संपूर्ण राशिचक्र को स्थिर नक्षत्रों के आधार पर बारह बराबर निरयन भागों में बाँटा गया है, जो ०° मेष से शुरू होता है और लाहिड़ी अयनांश पर आधारित है।

इस पृष्ठ पर
  1. बारह निरयन राशियाँ
  2. निरयन और सायन का अंतर

बारह निरयन राशियाँ

३६०° क्रांतिवृत्त को १२ बराबर भागों (प्रत्येक ३०°) में विभाजित किया गया है: मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन।

प्रत्येक राशि का एक तत्व (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल) और एक स्वामी ग्रह होता है।

निरयन और सायन का अंतर

पश्चिमी सायन ज्योतिष वसंत संपात बिंदु से गणना करता है। पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण यह बिंदु प्रति वर्ष लगभग ५०.३ विकला पीछे खिसकता है।

वैदिक निरयन ज्योतिष इस अंतर (अयनांश) को घटाकर स्थिर तारों से जुड़ा रहता है। आज लाहिड़ी अयनांश लगभग २४° १४′ है।

बारह राशियाँ और उनके गुण

# राशि पश्चिमी नाम तत्व स्वामी ग्रह विस्तार
1 मेष Aries अग्नि मंगल 0° – 30°
2 वृषभ Taurus पृथ्वी शुक्र 30° – 60°
3 मिथुन Gemini वायु बुध 60° – 90°
4 कर्क Cancer जल चंद्रमा 90° – 120°
5 सिंह Leo अग्नि सूर्य 120° – 150°
6 कन्या Virgo पृथ्वी बुध 150° – 180°
7 तुला Libra वायु शुक्र 180° – 210°
8 वृश्चिक Scorpio जल मंगल 210° – 240°
9 धनु Sagittarius अग्नि गुरु 240° – 270°
10 मकर Capricorn पृथ्वी शनि 270° – 300°
11 कुंभ Aquarius वायु शनि 300° – 330°
12 मीन Pisces जल गुरु 330° – 360°

लाहिड़ी निरयन राशिचक्र · 30° के 12 समान भाग

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सामान्य प्रश्न

राशि और नक्षत्र में क्या अंतर है?

राशिचक्र में १२ राशियाँ (प्रत्येक ३०°) और २७ नक्षत्र (प्रत्येक १३° २०′) होते हैं। एक राशि में सवा दो नक्षत्र (९ पद) आते हैं।

ePandit किस अयनांश का उपयोग करता है?

ePandit लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश का उपयोग करता है, जो भारतीय पंचांगों का मानक है।