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राहुकाल क्या है?

व्याख्या · समीक्षा अगस्त २०२६

राहुकाल सप्ताह-दिन से जुड़ी वह अवधि है जिसे प्रचलित पंचांग प्रथा में प्रायः स्थानीय सूर्योदय–सूर्यास्त से निकाला जाता है। कई परिवार उस समय नया काम आरंभ नहीं करते। ePandit यहाँ अवधारणा बताता है; घड़ी-समय केवल उसी पृष्ठ पर आए जहाँ वास्तविक स्थान और तिथि की गणना हो।

इस पृष्ठ पर
  1. लोग इसे कैसे उपयोग करते हैं
  2. आज ePandit क्या दिखाता है

लोग इसे कैसे उपयोग करते हैं

रोज़मर्रा में राहुकाल नगर और वार के अनुसार पंचांग से देखा जाता है। यह जन्म-कुंडली की दशा नहीं, काल-गणना की प्रथा है।

आज ePandit क्या दिखाता है

ऐप और इंजन में दैनिक पंचांग संदर्भ में नक्षत्र, पद, वार, होरा, तिथि और योग जैसे तत्व गणना उपलब्ध होने पर आ सकते हैं। इस परिभाषा पृष्ठ पर हम घड़ी-समय नहीं गढ़ते।

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ePandit इन नियमों की गणना आपकी जन्मकुंडली पर करता है, और बताता है कि कौन-सा नियम शास्त्रीय स्रोत से है और कौन-सा हमारे इंजन का।

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