राहुकाल क्या है?
राहुकाल सप्ताह-दिन से जुड़ी वह अवधि है जिसे प्रचलित पंचांग प्रथा में प्रायः स्थानीय सूर्योदय–सूर्यास्त से निकाला जाता है। कई परिवार उस समय नया काम आरंभ नहीं करते। ePandit यहाँ अवधारणा बताता है; घड़ी-समय केवल उसी पृष्ठ पर आए जहाँ वास्तविक स्थान और तिथि की गणना हो।
लोग इसे कैसे उपयोग करते हैं
रोज़मर्रा में राहुकाल नगर और वार के अनुसार पंचांग से देखा जाता है। यह जन्म-कुंडली की दशा नहीं, काल-गणना की प्रथा है।
आज ePandit क्या दिखाता है
ऐप और इंजन में दैनिक पंचांग संदर्भ में नक्षत्र, पद, वार, होरा, तिथि और योग जैसे तत्व गणना उपलब्ध होने पर आ सकते हैं। इस परिभाषा पृष्ठ पर हम घड़ी-समय नहीं गढ़ते।